Chhattisgarh Flood : छत्तीसगढ़ में पिछले कई दिनों से जारी भारी बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जिससे आम लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। निचले इलाकों में जलभराव, उफनती नदियां और बंद सड़कें लोगों के लिए मुसीबत का कारण बन गई हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, वर्षाजनित अलग-अलग घटनाओं में अब तक कम से कम पांच लोगों की जान जा चुकी है। रायपुर, बस्तर और दुर्ग संभाग सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं।

कई जिलों में सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित
लगातार बारिश के कारण कई प्रमुख सड़क मार्ग जलमग्न हो गए हैं, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ है। गरियाबंद जिले में बुधवार को सहसपुर गांव के पास 55 वर्षीय एक व्यक्ति उफनते सरगी नाले को पार करने की कोशिश में बह गया। बाद में उसका शव लगभग पांच किलोमीटर दूर खुटेरी गांव के समीप बरामद किया गया। प्रशासन के अनुसार, जिले में कई सड़कें बंद कर दी गई हैं। रायपुर को ओडिशा से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-130 जलभराव के चलते बंद है। इसके अलावा गरियाबंद-महासमुंद, गरियाबंद-नगरी-धमतरी और कोचबाय-मालगांव-कसानाला मार्गों पर भी यातायात रोक दिया गया है।

सिकासार बांध के कई फाटक खोले गए
गरियाबंद के जिलाधिकारी भगवान सिंह उइके ने बताया कि लगातार बारिश के कारण जिले की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए सिकासार बांध के 21 में से 16 फाटक खोल दिए गए हैं। वर्तमान में बांध में लगभग 58 हजार क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि 44 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पंतोरा स्थित शासकीय बालिका आवासीय विद्यालय की 50 से अधिक छात्राओं को सुरक्षित स्थान बारुका गांव में पहुंचाया है। साथ ही पैरी नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पताल में घुसा पानी, बचाव दल तैनात
बारिश का असर सरकारी संस्थानों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। गरियाबंद जिला अस्पताल परिसर में करीब तीन फुट तक पानी भर गया है, जिससे मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस, राजस्व और जिला प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। वहीं धमतरी जिले में जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के बाद जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ने पर सोंढूर बांध के फाटक भी खोल दिए गए हैं। प्रशासन लगातार जल निकासी और राहत कार्यों में जुटा हुआ है।
अलग-अलग हादसों में बढ़ा मौत का आंकड़ा
बारिश के बीच कई दर्दनाक हादसे भी सामने आए हैं। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 26 जुलाई को लाट नाले के पुल को पार करते समय कार सहित बह गए दंपति के शव बुधवार को बरामद किए गए। उनकी कार चिखली गांव के पास करीब 150 मीटर नीचे मिली। दूसरी ओर सक्ती जिले के दमऊधारा जलप्रपात में दोस्तों के साथ घूमने गए दुर्ग-भिलाई के 20 वर्षीय युवक का शव लगभग 24 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद निकाला गया। तेज बहाव में बहने के कारण उसकी मौत हो गई थी।
बीजापुर में गांवों का संपर्क टूटा, मौसम विभाग का अलर्ट
बीजापुर जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं। बीजापुर-भैरमगढ़ और बीजापुर-गंगालूर मार्ग सहित कई सड़कों पर यातायात बाधित है, जबकि सैकड़ों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। हाल ही में गंगालूर क्षेत्र में पेड़ गिरने से एक किसान की मौत भी हो चुकी है। मौसम विज्ञान केंद्र, रायपुर के अनुसार अगले 24 घंटों में सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर और कोंडागांव सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
वहीं रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, बिलासपुर, जशपुर, सरगुजा, बलरामपुर और अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से उफनती नदियों, नालों और जलमग्न पुलों को पार नहीं करने तथा केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।












