Abhijeet Deepke On BJP: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित NEET पेपर लीक के विरोध में छात्र आंदोलन का नेतृत्व करने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दिपके का दावा है कि आंदोलन के दौरान उन्हें और उनके परिवार को कई बार धमकियां मिलीं। उनका आरोप है कि उन पर भाजपा में शामिल होने का दबाव बनाया गया और ऐसा नहीं करने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और भाजपा की ओर से इस पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

“मुझे और परिवार को डराने की कोशिश हुई”
अभिजीत दिपके ने कहा कि उन्हें यह देखकर हैरानी होती है कि देश के शीर्ष नेताओं को एक छात्र आंदोलन से डर महसूस हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया गया और उनके परिवार पर भी दबाव बनाने की कोशिश की गई। दिपके ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल छात्रों, शिक्षा व्यवस्था और रोजगार जैसे मुद्दों को उठाना है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है और ऐसे प्रयास उस अधिकार को कमजोर करते हैं।

भाजपा पर सत्ता की राजनीति करने का आरोप
अपने बयान में दिपके ने भाजपा पर सत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी युवाओं, शिक्षा व्यवस्था और रोजगार जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा करने के बजाय केवल राजनीतिक लाभ पर ध्यान दे रही है। उनके अनुसार, देश के लाखों छात्र बेहतर शिक्षा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, लेकिन इन सवालों का जवाब देने के बजाय राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने की बजाय उनकी चिंताओं का समाधान किया जाना चाहिए।
शिक्षा मंत्री और आपराधिक मामलों पर भी उठाए सवाल
दिपके ने अपने बयान में भाजपा और उसके कुछ नेताओं की आलोचना करते हुए कई राजनीतिक टिप्पणियां कीं। उन्होंने उन्नाव रेप मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा मंत्री को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े फैसले ऐसे लोगों के हाथों में नहीं होने चाहिए जिन पर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। यह सभी टिप्पणियां दिपके के राजनीतिक आरोपों का हिस्सा हैं, जिन पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।
युवाओं के मुद्दों पर एकजुट होने की अपील
सीजेपी नेता ने कहा कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने अपील की कि इन विषयों पर पूरे देश को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। दिपके ने कहा कि उनकी पार्टी उन सभी लोगों के साथ खड़ी है जो छात्रों के अधिकार, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। उनके अनुसार, यह आंदोलन केवल किसी संगठन का नहीं बल्कि देश के युवाओं की उम्मीदों और भविष्य का सवाल है।
पुलिस कार्रवाई और गृह मंत्री पर भी लगाए आरोप
अभिजीत दिपके ने छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें विपक्ष के नेता राहुल गांधी की टिप्पणियां सही लगती हैं। दिपके ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और कथित पैलेट गन के इस्तेमाल जैसे फैसले बिना उच्च स्तर की जानकारी के संभव नहीं हो सकते। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की। दिपके ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों की आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा और कई छात्र अस्पताल में भर्ती हुए। इन दावों को लेकर संबंधित एजेंसियों और सरकार की ओर से अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं। ऐसे में पूरे मामले की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
Read More : India Hockey Jersey Row: नारंगी जर्सी विवाद पर दिलीप टिर्की की सफाई, आखिर क्यों बदला गया टीम का रंग?












