Rajnath Singh Honors All-Women Crew : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को भारतीय सशस्त्र बलों की सर्व-महिला त्रि-सेवा (Tri-Services) क्रू को ‘समुद्र प्रदक्षिणा अभियान’ सफलतापूर्वक पूरा करने पर सम्मानित किया। भारतीय सशस्त्र बलों के जहाज IASV त्रिवेणी पर सवार इस महिला दल ने लगभग एक वर्ष तक समुद्र में रहकर कठिन समुद्री यात्रा पूरी की। इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक सफल नौवहन अभियान नहीं, बल्कि महिलाओं की क्षमता, साहस और नेतृत्व का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने देश की बेटियों के प्रति समाज में मौजूद कई पुरानी धारणाओं को भी चुनौती दी है।

राजनाथ सिंह ने महिला अधिकारियों की सराहना की
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश को अपनी इन महिला अधिकारियों पर गर्व है। उन्होंने कहा कि इस टीम ने सिर्फ समुद्र को नहीं जीता, बल्कि उन लोगों की सोच को भी बदल दिया है जो मानते थे कि महिलाएं इतने कठिन और चुनौतीपूर्ण अभियानों का हिस्सा नहीं बन सकतीं। उन्होंने कहा कि इस मिशन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती और नेतृत्व कौशल का किसी व्यक्ति के लिंग से कोई संबंध नहीं होता। उनके अनुसार, यह उपलब्धि देश की हर बेटी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें बड़े सपने देखने का आत्मविश्वास देगी।

साहस, अनुशासन और नेतृत्व का बना उदाहरण
रक्षा मंत्री ने कहा कि IASV त्रिवेणी की ऑल-वुमन क्रू ने पूरे अभियान के दौरान अनुशासन, समर्पण और बेहतरीन नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि यह सफलता भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की लगातार बढ़ती भागीदारी और उनकी जिम्मेदार भूमिकाओं का प्रमाण है। आज महिलाएं केवल प्रशासनिक या सहायक भूमिकाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कठिन सैन्य अभियानों का नेतृत्व भी सफलतापूर्वक कर रही हैं। उन्होंने इस उपलब्धि को भारतीय रक्षा बलों की बदलती सोच और आधुनिक कार्य संस्कृति का प्रतीक बताया।
314 दिनों तक चला चुनौतीपूर्ण समुद्री मिशन
‘समुद्र प्रदक्षिणा अभियान’ करीब 314 दिनों तक चला, जिसके दौरान महिला अधिकारियों ने लगभग 25,500 समुद्री मील की लंबी यात्रा पूरी की। इस ऐतिहासिक अभियान में टीम ने चार महासागरों को पार किया और दुनिया के सबसे कठिन समुद्री मार्गों में गिने जाने वाले तीन प्रमुख केप—केप ऑफ गुड होप, केप लीउविन और केप हॉर्न—के आसपास सफल नौवहन किया। यह यात्रा केवल दूरी के लिहाज से ही नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों के कारण भी बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। इस मिशन ने भारतीय सैन्य इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
कठिन परिस्थितियों में भी नहीं टूटा हौसला
अभियान के दौरान महिला क्रू को कई कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा। टीम ने 60 नॉट तक की तेज हवाओं, लगभग पांच मीटर ऊंची समुद्री लहरों, प्रतिकूल मौसम और लंबे समय तक समुद्र में लगातार रहने जैसी परिस्थितियों का सामना किया। इसके अलावा तकनीकी समस्याएं और सीमित संसाधन भी इस मिशन की कठिनाइयों का हिस्सा रहे। बावजूद इसके, महिला अधिकारियों ने उत्कृष्ट तालमेल, धैर्य और साहस का परिचय देते हुए अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह उपलब्धि उनकी पेशेवर क्षमता और मानसिक मजबूती का प्रमाण मानी जा रही है।
‘नारी शक्ति’ और संयुक्त सैन्य क्षमता का प्रतीक बना अभियान
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह अभियान केवल समुद्री यात्रा नहीं, बल्कि ‘नारी शक्ति’, संयुक्त सैन्य क्षमता और भारत की बढ़ती समुद्री ताकत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर समन्वय के साथ महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भविष्य के लिए एक सकारात्मक संदेश देती है। रक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि IASV त्रिवेणी की इस ऐतिहासिक यात्रा से आने वाली पीढ़ी की महिला सैन्य अधिकारियों को नई प्रेरणा मिलेगी। यह अभियान न केवल भारतीय रक्षा बलों की पेशेवर दक्षता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि अवसर मिलने पर महिलाएं किसी भी चुनौतीपूर्ण मिशन को सफलतापूर्वक पूरा कर सकती हैं और देश का गौरव बढ़ा सकती हैं।
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