Sanjay Raut ने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के इस्तीफे की मांग एक बार फिर दोहराई है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi की मांग का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जवाबदेही तय होनी चाहिए।
Sanjay Raut ने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के इस्तीफे की मांग एक बार फिर दोहराई है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi की मांग का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जवाबदेही तय होनी चाहिए।

Sanjay Raut On Amit Shah: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पद से हटाने की मांग किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने राहुल गांधी के रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जो सवाल उठाए हैं, वे उनके अनुसार देश की भावनाओं को व्यक्त करते हैं। राउत ने दावा किया कि अमित शाह को बहुत पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था। हालांकि, यह विपक्ष की राजनीतिक टिप्पणी है और इस पर सरकार की ओर से अलग रुख सामने आ सकता है।


संजय राउत ने अपने बयान में देश की विभिन्न सुरक्षा घटनाओं का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए। उन्होंने पुलवामा हमले और पहलगाम में पर्यटकों की हत्या जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। राउत का कहना था कि देश की आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय के पास होती है, इसलिए विपक्ष इन घटनाओं पर सवाल पूछ रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जवाबदेही तय करना जरूरी है और इसी आधार पर विपक्ष अपनी मांग रख रहा है।

संजय राउत ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ कठोर व्यवहार किया गया। राउत ने दावा किया कि इस कार्रवाई से जुड़े रिकॉर्ड संसद मार्ग थाने की जनरल डायरी में दर्ज हैं और पूरे मामले की जिम्मेदारी गृह मंत्री पर आती है। उनके अनुसार, छात्रों के आंदोलन को जिस तरीके से नियंत्रित किया गया, उस पर सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। इन आरोपों पर संबंधित सरकारी एजेंसियों की ओर से समय-समय पर अपना पक्ष भी रखा गया है।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने कहा कि यदि विपक्ष गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष समीक्षा करनी चाहिए और यदि आवश्यक हो तो उचित निर्णय लेना चाहिए। राउत ने अपने बयान में पुलिस कार्रवाई की तुलना ऐतिहासिक घटनाओं से करते हुए सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह कदम केवल राजनीतिक नहीं बल्कि लोकतांत्रिक जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा है।
संजय राउत ने संसद से पारित एंटी पेपर लीक बिल पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि केवल कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनके अनुसार, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता है। राउत ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों और परीक्षा से जुड़े संस्थानों में नियुक्तियों को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष नहीं बनाया गया, तो केवल नए कानून से पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना कठिन होगा।

राहुल गांधी और संजय राउत के बयानों के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। विपक्ष लगातार छात्र आंदोलनों, सुरक्षा मामलों और परीक्षा प्रणाली को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार इन आरोपों का अलग-अलग अवसरों पर जवाब देती रही है। एंटी पेपर लीक कानून, छात्र प्रदर्शन और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग जैसे मुद्दे संसद और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस और तेज होने की संभावना है। वहीं, इन मामलों से जुड़े अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच, सरकारी स्पष्टीकरण और संसदीय चर्चाओं के आधार पर ही सामने आएंगे।


© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company.
Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.
