CG School Exam Schedule: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से नया स्कूल परीक्षा कार्यक्रम (CG School Exam Schedule) जारी किया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में तिमाही और अर्धवार्षिक परीक्षाएं एक समान तिथियों पर आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही सभी जिलों में एक जैसे प्रश्नपत्रों के आधार पर परीक्षा आयोजित होगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे विद्यार्थियों के शैक्षणिक मूल्यांकन में समानता आएगी और पूरे प्रदेश में परीक्षा प्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी।

21 से 30 सितंबर तक होंगी तिमाही परीक्षाएं
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, शैक्षणिक सत्र की तिमाही परीक्षाएं 21 सितंबर से 30 सितंबर के बीच आयोजित की जाएंगी। इस दौरान राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में निर्धारित समय-सारणी के अनुसार परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। विभाग ने सभी स्कूलों को समय पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं ताकि परीक्षा प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।

दिसंबर में आयोजित होंगी अर्धवार्षिक परीक्षाएं
तिमाही परीक्षाओं के बाद विद्यार्थियों की अर्धवार्षिक (छमाही) परीक्षाएं दिसंबर माह में आयोजित की जाएंगी। विभाग ने संकेत दिया है कि छमाही परीक्षाओं का विस्तृत कार्यक्रम भी निर्धारित समय पर जारी किया जाएगा। इस परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का व्यापक मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे आगे की पढ़ाई और वार्षिक परीक्षा की तैयारी को बेहतर दिशा मिल सके।
सभी जिलों में होंगे समान प्रश्नपत्र
नई परीक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में एक ही प्रश्नपत्र के आधार पर परीक्षा आयोजित होगी। पहले अलग-अलग जिलों में प्रश्नपत्रों में अंतर देखने को मिलता था, लेकिन अब समान प्रश्नपत्र लागू होने से सभी विद्यार्थियों का मूल्यांकन एक समान मानकों पर किया जा सकेगा। इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ने के साथ-साथ परिणामों की तुलना भी अधिक निष्पक्ष तरीके से संभव होगी।
जिला और विकासखंड स्तर पर बनेंगी समितियां
परीक्षा संचालन को सुचारु और व्यवस्थित बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला तथा विकासखंड स्तर पर विशेष समितियां गठित करने के निर्देश दिए हैं। इन समितियों की जिम्मेदारी प्रश्नपत्रों के सुरक्षित वितरण, परीक्षा के संचालन, गोपनीयता बनाए रखने तथा मूल्यांकन प्रक्रिया की निगरानी करना होगी। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा से जुड़ी प्रत्येक प्रक्रिया तय मानकों के अनुरूप पूरी की जाए।
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मूल्यांकन प्रक्रिया पर भी रहेगा विशेष ध्यान
शिक्षा विभाग केवल परीक्षा आयोजन तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि मूल्यांकन प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी और निष्पक्ष बनाने पर जोर दे रहा है। विभाग का मानना है कि यदि पूरे राज्य में एक समान प्रश्नपत्र और एक जैसी मूल्यांकन प्रणाली अपनाई जाएगी तो विद्यार्थियों की वास्तविक शैक्षणिक क्षमता का बेहतर आकलन किया जा सकेगा। इससे भविष्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी उपयोगी आंकड़े उपलब्ध होंगे।
पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ाना है मुख्य उद्देश्य
स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, नई व्यवस्था लागू करने का प्रमुख उद्देश्य पूरे प्रदेश में एक समान परीक्षा प्रणाली विकसित करना है। इससे विद्यार्थियों के मूल्यांकन में पारदर्शिता आएगी, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और सभी जिलों के स्कूलों के प्रदर्शन का निष्पक्ष विश्लेषण किया जा सकेगा। साथ ही, शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए परीक्षा प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनेगी।
स्कूलों को समय पर तैयारी पूरी करने के निर्देश
विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा से संबंधित सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, उत्तर पुस्तिकाओं का सुरक्षित संकलन और समयबद्ध मूल्यांकन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस नई परीक्षा प्रणाली से प्रदेश में स्कूली शिक्षा का स्तर और अधिक मजबूत होगा तथा विद्यार्थियों को निष्पक्ष और समान अवसर आधारित मूल्यांकन प्रणाली का लाभ मिलेगा।
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