Disha Salian Case : दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने सोमवार, 14 सितंबर को FIR दर्ज की। इस घटनाक्रम के बाद बीजेपी नेता और विधायक राम कदम ने तत्कालीन उद्धव ठाकरे सरकार पर निशाना साधते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिशा सालियान के परिवार की ओर से लंबे समय से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जाती रही है।
राम कदम ने तत्कालीन सरकार पर उठाए सवाल
राम कदम ने कहा कि करीब छह साल बाद दिशा सालियान के परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है। उन्होंने दावा किया कि दिशा के पिता सतीश सालियान लगातार यह कहते रहे कि उनकी बेटी की मौत आत्महत्या नहीं थी और मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। बीजेपी नेता ने सवाल किया कि यदि परिवार जांच को लेकर लगातार मांग कर रहा था, तो तत्कालीन सरकार ने उनकी बात पर पर्याप्त ध्यान क्यों नहीं दिया।
दिशा के पिता की मांग का किया जिक्र
बीजेपी विधायक ने कहा कि दिशा के पिता ने अपनी बेटी को कथित तौर पर प्रताड़ित किए जाने और उसकी मौत को लेकर गंभीर संदेह जताया था। राम कदम ने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में तत्कालीन सरकार को परिवार की शिकायत की जांच गंभीरता से क्यों नहीं करानी चाहिए थी। उन्होंने यह भी पूछा कि दिशा के पिता द्वारा CBI जांच की मांग किए जाने के बावजूद उस समय जांच केंद्रीय एजेंसी को क्यों नहीं सौंपी गई।
‘किसे बचाने की कोशिश हो रही थी?’
राम कदम ने तत्कालीन उद्धव ठाकरे सरकार की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि आखिर उस समय सरकार किसे बचाना चाहती थी। बीजेपी नेता ने कहा कि यदि सरकार की भूमिका पर कोई सवाल नहीं था, तो पुलिस को निष्पक्ष और विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए जाने चाहिए थे। उन्होंने दावा किया कि परिवार की मांग के बावजूद जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल बने रहे।
CBI जांच के बाद सामने आएंगे तथ्य
राम कदम ने कहा कि अब मामले की जांच CBI के पास पहुंच चुकी है और FIR दर्ज होने के बाद जांच आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसी को मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्षता से जांच करनी चाहिए।
‘कानून सबके लिए समान है’
बीजेपी नेता ने कहा कि कानून सभी लोगों के लिए समान है और जांच के दौरान किसी व्यक्ति के पद या राजनीतिक प्रभाव को आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि FIR में यदि किसी नेता, अभिनेता या अधिकारी से संबंधित नाम अथवा भूमिका सामने आती है, तो जांच तथ्यों और सबूतों के आधार पर आगे बढ़नी चाहिए। उनके मुताबिक, कानून यह नहीं देखता कि संबंधित व्यक्ति किस पद पर है।
FIR के बाद कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद
राम कदम ने कहा कि दिशा सालियान के परिवार और मामले में न्याय की मांग कर रहे लोगों को अब जांच से उम्मीद है। उन्होंने सवाल उठाया कि परिवार की ओर से बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद तत्कालीन सरकार ने उनकी बात क्यों नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि CBI की जांच आगे बढ़ने के साथ उन सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है, जो पिछले कई वर्षों से उठते रहे हैं।
जून 2020 में हुई थी दिशा सालियान की मौत
दिशा सालियान की मौत जून 2020 में मुंबई में हुई थी। उनकी मौत के कुछ दिनों बाद अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई थी। दोनों घटनाओं के बीच समय के अंतर को लेकर लंबे समय से सार्वजनिक स्तर पर चर्चाएं और कई तरह के दावे सामने आते रहे हैं। हालांकि, दोनों मामलों को लेकर अलग-अलग जांच प्रक्रियाएं भी हुई हैं और किसी भी निष्कर्ष को जांच के आधिकारिक परिणामों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
FIR से पहले पिता ने CBI के सामने दिया बयान
FIR दर्ज होने से करीब दो दिन पहले दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने CBI के सामने अपना बयान दर्ज कराया था। अब FIR दर्ज होने के बाद जांच एजेंसी मामले से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों की जांच कर सकती है। आने वाले समय में CBI की जांच से दिशा सालियान की मौत से जुड़े लंबे समय से उठ रहे सवालों पर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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