Bhiwandi Building Collapse : महाराष्ट्र के भिवंडी शहर में गुरुवार (30 जुलाई) देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। भिवंडी महानगरपालिका क्षेत्र के बालाजी नगर-गंगारामवाड़ी स्थित कोहिनूर अपार्टमेंट नाम की ग्राउंड प्लस चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इमारत के ढहते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास रहने वाले लोग घरों से बाहर निकल आए। हादसे के समय कुछ लोग इमारत के भीतर मौजूद थे, जिसके कारण कई लोगों के मलबे में दबने की आशंका जताई गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 5 से 6 लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है।

राहत कार्य में संकरी गलियों ने बढ़ाई चुनौती
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस, महानगरपालिका की आपदा प्रबंधन टीम और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। हालांकि इमारत तक पहुंचने में राहत दल को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, क्योंकि दुर्घटनास्थल बेहद संकरी गलियों के बीच स्थित है। बाद में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (TDRF) की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। रास्ते में बनी एक पुरानी चॉल को जेसीबी मशीन की मदद से हटाया गया, जिसके बाद बचाव दल मलबे तक पहुंच सका और तेजी से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।

पहले से जर्जर घोषित थी कोहिनूर अपार्टमेंट इमारत
प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार कोहिनूर अपार्टमेंट का तकनीकी आकलन वर्ष 2007 में किया गया था, जबकि इसका निर्माण वर्ष 2012 में हुआ था। इमारत दो विंग में बनी हुई थी और निर्माण गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे थे। कमजोर संरचना के कारण इसे पहले ही जर्जर और खतरनाक घोषित किया जा चुका था। महानगरपालिका ने इमारत पर नोटिस भी चस्पा किया था और निवासियों को इसे खाली करने की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद कुछ लोग अब भी वहां रह रहे थे।
पिलरों की मरम्मत के दौरान हुआ बड़ा हादसा
जानकारी के अनुसार इमारत के एक विंग के ग्राउंड फ्लोर के पिलर काफी कमजोर हो चुके थे। इन्हीं पिलरों की मरम्मत का कार्य पिछले कुछ दिनों से चल रहा था। गुरुवार शाम करीब छह बजे इमारत में दरारें दिखाई देने लगीं। इसके बाद रात करीब आठ बजे इमारत के झुकने की सूचना प्रशासन को मिली। प्रभाग समिति क्रमांक चार के सहायक आयुक्त अरविंद घोगरे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। कुछ निवासी अपना सामान निकालने के लिए अंदर मौजूद थे, जबकि मरम्मत का कार्य भी जारी था। इसी दौरान अचानक पूरी इमारत भरभराकर गिर गई।
महानगरपालिका ने पहले ही जारी किया था नोटिस
भिवंडी महानगरपालिका ने इस इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित कर नोटिस जारी किया था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि ग्राउंड फ्लोर पर चल रहे मरम्मत कार्य के दौरान ही इमारत की संरचना पूरी तरह कमजोर हो गई और वह अचानक ढह गई। स्थानीय विधायक महेश चौघुले ने बताया कि हादसे के बाद NDRF, TDRF, फायर ब्रिगेड और अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए आधुनिक उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रशासन की प्राथमिकता, सभी लोगों को सुरक्षित निकालना
जिला प्रशासन और महानगरपालिका का कहना है कि फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। राहत कार्य लगातार जारी है और मौके पर चिकित्सा टीमों को भी तैनात किया गया है। महापौर नारायण चौधरी ने बताया कि चूंकि इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया गया था, इसलिए अधिकांश निवासियों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया था। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जिन इमारतों को प्रशासन ने असुरक्षित घोषित किया है, उनमें रहने का जोखिम न उठाएं। प्रभावित परिवारों के लिए नजदीकी स्कूलों और सामुदायिक भवनों में अस्थायी ठहरने की व्यवस्था की गई है।
कोमल ने दिखाई बहादुरी, खुद मलबे से बाहर निकली
हादसे के दौरान इमारत में रहने वाले अरविंद गुप्ता और उनकी पत्नी किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन उनकी बेटी कोमल मलबे के नीचे दब गई। कठिन परिस्थितियों में भी कोमल ने हिम्मत नहीं हारी और खुद ही मलबे से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। उसने बताया कि इमारत में पिलरों की मरम्मत चल रही थी और अचानक पूरी बिल्डिंग तेज आवाज के साथ गिर गई। उसके साहस की इलाके में खूब चर्चा हो रही है।
स्थानीय लोगों ने बचाव अभियान में निभाई अहम भूमिका
इमारत गिरने के तुरंत बाद आसपास के स्थानीय युवकों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू कर दिया। उन्होंने मलबे में दबे कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की और दो लोगों को जीवित बाहर निकालने में सफलता हासिल की। इसके बाद NDRF, TDRF, फायर ब्रिगेड, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान को आगे बढ़ाया। देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा और मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश की जा रही थी। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही पूरे इलाके की अन्य जर्जर इमारतों का दोबारा निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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