Paper Leak Bill Row: लोकसभा और राज्यसभा से एंटी पेपर लीक बिल पारित होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस कानून को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए जाने के बाद विपक्ष की ओर से भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। इसी क्रम में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पेपर लीक मामलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि देश में पेपर लीक की घटनाओं के पीछे मौजूद नेटवर्क की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

संजय राउत ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
संजय राउत ने कहा कि जब से केंद्र में मौजूदा सरकार सत्ता में आई है, तब से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक से जुड़े कथित नेटवर्क की जांच केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह देखा जाना चाहिए कि इनकी पहुंच किन लोगों तक है। राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है, उनकी कथित कड़ियों की भी गहराई से जांच होनी चाहिए।

कोचिंग संस्थानों और नेटवर्क पर भी उठाए सवाल
अपने बयान में संजय राउत ने कुछ कोचिंग संस्थानों और पेपर तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक से जुड़े नेटवर्क की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी व्यक्ति या संस्था की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, उनके इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राहुल गांधी का किया बचाव
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों के जवाब में संजय राउत ने कांग्रेस नेता का बचाव किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक शिक्षित और संस्कारी नेता हैं तथा वह गंभीर विषयों पर अध्ययन करने वाले व्यक्ति हैं। राउत ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार राहुल गांधी जानबूझकर असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं कर सकते। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी एक ऐसे राजनीतिक परिवार से आते हैं, जिसकी संसदीय परंपरा लंबे समय से रही है।
नेहरू-गांधी परिवार का भी किया उल्लेख
संजय राउत ने अपने बयान में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह परिवार लंबे समय से सार्वजनिक जीवन और संसदीय मर्यादाओं का पालन करता रहा है। राउत के अनुसार, राहुल गांधी भी उसी राजनीतिक परंपरा का हिस्सा हैं और उन्हें असंसदीय भाषा से जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि शब्दों के अर्थ और उनके संदर्भ को समझना आवश्यक है।
राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस
इस पूरे विवाद के बीच भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस सौंपा है। यह नोटिस गुरुवार, 30 जुलाई को दिया गया। अनुराग ठाकुर का आरोप है कि लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के संबंध में असंसदीय और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया तथा गंभीर और निराधार आरोप लगाए।
विशेषाधिकार समिति से जांच की मांग
तीन पृष्ठों के इस नोटिस में अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि पूरे मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाए। उन्होंने कहा कि समिति इस प्रकरण की विस्तृत जांच करे और यदि आवश्यक हो तो संसदीय नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए। भाजपा सांसद का कहना है कि संसद की गरिमा बनाए रखने के लिए नियमों का समान रूप से पालन होना चाहिए।
बिना शर्त माफी की भी उठी मांग
अनुराग ठाकुर ने अपने नोटिस में यह भी मांग की है कि राहुल गांधी को सदन और गृह मंत्री अमित शाह से बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया जाए। उन्होंने 29 जुलाई को लोकसभा में हुई कार्यवाही का हवाला देते हुए कहा कि ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कथित बातचीत का उल्लेख करते समय लोकसभा के नियम 352 का उल्लंघन किया। अब इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई लोकसभा अध्यक्ष और विशेषाधिकार समिति के निर्णय पर निर्भर करेगी।
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