CG Rain Alert: छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई जिलों में नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे सड़क संपर्क बाधित हो गया है। बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर बांसाझाल के पास स्थित पुल तेज बहाव के कारण क्षतिग्रस्त होकर टूट गया, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ। वहीं बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में बाढ़ का असर सुरक्षा बलों तक भी पहुंच गया, जहां कई बीएसएफ कैंप पानी में डूब गए। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

नारायणपुर में बीएसएफ जवानों का सुरक्षित रेस्क्यू
नारायणपुर जिले में अचानक बढ़े जलस्तर के कारण बीएसएफ के कई कैंप बाढ़ की चपेट में आ गए। हालात इतने गंभीर हो गए कि जवानों को अपनी जान बचाने के लिए पेड़ों और कैंप की छतों पर शरण लेनी पड़ी। पानी का स्तर कुछ कम होने के बाद राहत दलों ने सभी जवानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस पूरे बचाव अभियान का वीडियो केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी साझा किया, जिसे व्यापक रूप से देखा जा रहा है।

मौसम विभाग ने जारी किया पांच दिनों का अलर्ट
भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश में अगले पांच दिनों तक मौसम सक्रिय बना रहेगा। अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि कई इलाकों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी। यह स्थिति 3 अगस्त से 7 अगस्त तक बनी रहने का अनुमान है।
अगले दो दिनों में भी बारिश का रहेगा दौर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान भी प्रदेश के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। कुछ क्षेत्रों में तेज गर्जना और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। विशेष रूप से नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।
दो सक्रिय मौसमी सिस्टम बढ़ा रहे बारिश की तीव्रता
मौसम विभाग के मुताबिक, वर्तमान में दो प्रमुख मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। मानसून द्रोणिका जैसलमेर, दक्षिण-पूर्व राजस्थान, बांदा, डेहरी और मालदा होते हुए मणिपुर तक फैली हुई है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्व बिहार तक एक ट्रफ लाइन भी सक्रिय है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से छत्तीसगढ़ में लगातार वर्षा की गतिविधियां बनी हुई हैं।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे अधिक वर्षा दर्ज
इस मानसून सीजन में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला सबसे अधिक वर्षा वाला क्षेत्र बनकर सामने आया है। यहां अब तक 769.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य औसत से लगभग 76 प्रतिशत अधिक है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी इस जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश जारी रह सकती है।
कई जिले सामान्य बारिश से अब भी पीछे
राज्य के 33 जिलों के वर्षा आंकड़ों पर नजर डालें तो एक जिले में सामान्य से 60 प्रतिशत से अधिक अतिरिक्त वर्षा दर्ज की गई है। वहीं पांच जिलों में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। 16 जिलों में वर्षा सामान्य स्तर पर बनी हुई है। हालांकि 11 जिले अब भी सामान्य वर्षा से 20 से 59 प्रतिशत पीछे हैं। राहत की बात यह है कि किसी भी जिले में अत्यधिक वर्षा की कमी दर्ज नहीं की गई है।
दिनवार मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार 3 से 7 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इस दौरान एक-दो स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
लगातार बारिश और बाढ़ जैसी परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलों, नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक आवागमन से बचने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन दल और राहत एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके। मौसम विभाग ने भी आगामी दिनों में जारी रहने वाले वर्षा क्रम को देखते हुए नियमित मौसम अपडेट पर ध्यान देने की सलाह दी है।
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