TMC Dispute : तृणमूल कांग्रेस यानी TMC के नाम, संगठनात्मक नियंत्रण और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहा विवाद अब चुनाव आयोग के सामने पहुंच गया है। गुरुवार को चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले दोनों गुटों के प्रतिनिधियों को अलग-अलग सुनवाई के लिए बुलाया। यह सुनवाई पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनावों से पहले हो रही है, इसलिए दोनों पक्ष आयोग के फैसले को लेकर अपनी-अपनी दलीलें रख रहे हैं।
दोनों गुटों ने चुनाव आयोग के सामने रखे अपने दावे
सुनवाई के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि उनके गुट ने आयोग के सामने अपना पक्ष रखा और पूछे गए सवालों के जवाब दिए। दूसरी ओर, ममता बनर्जी गुट की ओर से कल्याण बनर्जी ने कहा कि उनकी तरफ से भी चुनाव आयोग के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए गए। दोनों पक्ष पार्टी के नाम और ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न पर अपना दावा पेश कर रहे हैं।
ममता गुट ने अंतरिम आदेश का किया विरोध
ममता बनर्जी गुट ने चुनाव आयोग से किसी भी अंतरिम आदेश का विरोध किया है। इस गुट का कहना है कि पार्टी के संगठन और चुनाव चिह्न से जुड़े मामले में आयोग को उपलब्ध दस्तावेजों और पार्टी के संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर फैसला करना चाहिए। इससे पहले भी ममता गुट की ओर से कहा गया था कि आयोग ने कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया है और उसके उम्मीदवार मूल पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
ऋतब्रत गुट ने उपचुनाव से पहले फैसले की मांग की
ऋतब्रत बनर्जी गुट ने चुनाव आयोग से उपचुनावों से पहले पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर जल्द निर्णय लेने की मांग की है। दोनों गुटों के बीच संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर विवाद 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद चुनाव आयोग के सामने आया था। आयोग दोनों पक्षों से दस्तावेज और दावे लेने के बाद मामले पर विचार कर रहा है।
कल्याण बनर्जी ने बैठक को लेकर क्या कहा?
ममता गुट के नेता कल्याण बनर्जी के मुताबिक, चुनाव आयोग के साथ बैठक करीब डेढ़ घंटे चली। उन्होंने पार्टी की संगठनात्मक स्थिति और दूसरे गुट के दावों को लेकर कई सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि दूसरे गुट की ओर से पार्टी की समय-सीमा को लेकर कोई दावा किया जा रहा है, तो उसके आधार पर 2026 में हुए संगठनात्मक चुनावों और प्रतिनिधित्व को भी स्पष्ट करना होगा।
विधानसभा अध्यक्ष के सामने दिए गए दावे का उठाया मुद्दा
कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि दूसरे गुट के प्रतिनिधि 3 जून को विधानसभा अध्यक्ष के पास पहुंचे थे और उस समय खुद को AITC से जुड़ा बताया था। उनके अनुसार, इसके बाद पार्टी के अस्तित्व को लेकर अलग दावा किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी संगठन को एक समय स्वीकार करने और बाद में उसके अस्तित्व से इनकार करने की स्थिति को किस तरह देखा जाना चाहिए।
ऋतब्रत बनर्जी पर ममता गुट ने लगाए आरोप
कल्याण बनर्जी ने ऋतब्रत बनर्जी के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि वह 2023 में पार्टी में शामिल हुए थे और ममता गुट के अनुसार पार्टी के मूल सदस्यों में शामिल नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ऋतब्रत गुट संगठन पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, ये ममता गुट द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और दूसरे पक्ष की अपनी दलीलें हैं।
6 अक्टूबर के उपचुनावों से पहले अहम हुआ फैसला
TMC नाम और चुनाव चिह्न का विवाद नंदीग्राम और रेजीनगर में होने वाले 6 अक्टूबर के उपचुनावों से पहले महत्वपूर्ण बना हुआ है। चुनाव आयोग दोनों पक्षों की ओर से पेश दस्तावेजों, संगठनात्मक दावों और कानूनी तर्कों पर विचार कर रहा है। फिलहाल अंतिम निर्णय आयोग की ओर से किया जाना बाकी है।
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