Bilaspur News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। मगरपारा मरारगली निवासी मनोज कुमार पांडे की 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी वंशिका पांडे ने शनिवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा अम्बेडकर स्कूल में पढ़ाई कर रही थी। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और आसपास के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।

इलेक्ट्रिशियन पिता ने बताई घटना से पहले की पूरी कहानी
मृत छात्रा के पिता मनोज कुमार पांडे पेशे से इलेक्ट्रिशियन हैं। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन यानी 1 अगस्त की सुबह वह रोज की तरह काम पर जाने के लिए घर से निकल रहे थे। इसी दौरान उनकी बेटी वंशिका ने उनसे कहा कि उसका मोबाइल खराब हो गया है और उसे ठीक करवाना है।पिता ने बेटी से कहा कि वह शाम को काम से वापस आने के बाद पैसे देंगे, जिसके बाद मोबाइल ठीक करवा दिया जाएगा। इसके बाद मनोज पांडे अपने काम के लिए घर से निकल गए। कुछ समय बाद उनके बड़े बेटे ने फोन कर उन्हें घर में हुई घटना की जानकारी दी।

भाई ने दी सूचना, पिता तुरंत पहुंचे घर
मनोज पांडे ने बताया कि बेटे का फोन आते ही वह तुरंत घर के लिए रवाना हो गए। घर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि परिवार में अफरा-तफरी का माहौल था। परिजनों ने बताया कि वंशिका ने कमरे में फांसी लगा ली थी।घटना के समय छात्रा का भाई घर में मौजूद था। बताया जा रहा है कि उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं रहती है। परिवार के लोग अभी तक इस घटना के पीछे की वजह को समझ नहीं पा रहे हैं।
बड़ी मां ने बताया कमरे में छात्रा को देखने की घटना
छात्रा की बड़ी मां यमुना ने बताया कि वंशिका का चेचेरा भाई जब नहाने के लिए जा रहा था, तभी उसने कमरे का दरवाजा खोला। कमरे के अंदर छात्रा को फांसी पर लटका देखकर वह घबरा गया। उसने तुरंत छात्रा का पैर पकड़ लिया और मदद के लिए आवाज लगाई।इसके बाद परिवार के अन्य सदस्यों को घटना की जानकारी दी गई। छात्रा के बड़े भाई ने तुरंत पिता को फोन कर पूरे मामले की सूचना दी।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी छात्रा की मौत
परिजनों ने आनन-फानन में वंशिका को इलाज के लिए बिलासपुर के सिम्स अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से मिली जानकारी के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और छात्रा के आत्महत्या करने के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।

घटना से पहले शांत थी वंशिका, बातचीत भी कर दी थी कम
छात्रा की बड़ी मां ने बताया कि वंशिका पिछले कुछ समय से थोड़ी गुमसुम रहने लगी थी। हालांकि, वह रोज उनसे बातचीत करती थी, लेकिन घटना से एक दिन पहले उसने ज्यादा बात नहीं की थी। उन्होंने बताया कि वह किसी काम से बाजार गई थीं और वापस आने पर बच्चों से घटना की जानकारी मिली।परिवार और पुलिस दोनों ही यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर किस वजह से छात्रा ने इतना बड़ा कदम उठाया।
आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं, मदद लेना जरूरी
ऐसी परिस्थितियों में मानसिक परेशानी या तनाव से जूझ रहे लोगों को अकेले नहीं रहना चाहिए। आत्महत्मा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। यदि किसी व्यक्ति के मन में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं या वह भावनात्मक रूप से परेशान महसूस कर रहा है, तो उसे तुरंत किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करनी चाहिए।
मानसिक सहायता के लिए स्नेहा फाउंडेशन हेल्पलाइन नंबर 04424640050 (24×7) पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा iCall, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज हेल्पलाइन 9152987821 पर भी सहायता उपलब्ध है। यह सेवा सोमवार से शनिवार सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध रहती है।
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