Netanyahu on Gaza: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक हमास पूरी तरह हथियार नहीं डाल देता, तब तक इजराइली सेना गाजा में अपनी सैन्य कार्रवाई और तैनाती कम नहीं करेगी। मंगलवार (स्थानीय समय) को दिए गए उनके बयान ने संकेत दिया कि इजराइल फिलहाल किसी ऐसे समझौते के पक्ष में नहीं है, जिसमें सुरक्षा संबंधी उसकी शर्तें पूरी न हों। नेतन्याहू ने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जब तक हमास से खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं होता, तब तक सैन्य अभियान जारी रहेगा।

ट्रंप की शांति योजना पर जताई असहमति
नेतन्याहू के इस बयान को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रस्तावित युद्धविराम और शांति योजना के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से भेजे गए मसौदे से इजराइल सहमत नहीं है। प्रधानमंत्री के अनुसार, वॉशिंगटन ने एक प्रारूप भेजा था, लेकिन वह इजराइल की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं था। उन्होंने बताया कि इजराइल ने अपने सुझाव अमेरिका को भेज दिए हैं और वही उसका अंतिम रुख माना जाना चाहिए।

राष्ट्रीय सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
इजराइली प्रधानमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार का पहला दायित्व देश के नागरिकों, सीमाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि सेना हर वह कदम उठाएगी जो सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक होगा। उनके अनुसार, यदि हमास की सैन्य क्षमता बनी रहती है, तो इजराइल के लिए पीछे हटना संभव नहीं होगा। इस बयान से स्पष्ट संकेत मिला कि इजराइल सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर किसी तरह का समझौता करने के पक्ष में नहीं है।
युद्धविराम समझौते पर बढ़ी अनिश्चितता
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी प्रस्ताव में यह सुझाव दिया गया था कि हमास चरणबद्ध तरीके से अपने हथियार सौंपना शुरू करेगा। इसके बदले इजराइल गाजा में अपने सैन्य अभियान को रोकते हुए क्षेत्र के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से से सेना की वापसी शुरू करेगा। हालांकि नेतन्याहू की ताजा टिप्पणी के बाद इस प्रस्तावित समझौते के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। अब यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों पक्ष किसी साझा समाधान तक पहुंच पाएंगे या नहीं।
अमेरिका और इजराइल के बीच मतभेद की चर्चा
विश्लेषकों का मानना है कि नेतन्याहू का बयान अमेरिका और इजराइल के बीच सार्वजनिक रूप से सामने आए दुर्लभ मतभेदों में से एक माना जा सकता है। आमतौर पर दोनों देशों के बीच सुरक्षा और रणनीतिक मामलों में करीबी सहयोग देखने को मिलता है, लेकिन इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की प्राथमिकताओं में अंतर दिखाई दे रहा है। हालांकि दोनों सरकारों की ओर से आधिकारिक तौर पर संबंधों में किसी तनाव की पुष्टि नहीं की गई है।

2023 के हवाई हमले के पीड़ितों का सामूहिक अंतिम संस्कार
इस बीच गाजा सिटी के सबरा इलाके में वर्ष 2023 में हुए एक बड़े हवाई हमले से जुड़ा घटनाक्रम भी चर्चा में रहा। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, 22 नवंबर 2023 को हुए हमले में नष्ट हुए रिहायशी इलाके के मलबे से हाल ही में 112 और शवों के अवशेष बरामद किए गए। मंगलवार को इन सभी का सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया। नागरिक सुरक्षा एजेंसी का कहना है कि बरामद अवशेषों में 40 बच्चों के शव भी शामिल हैं।
कई शव अब भी लापता बताए जा रहे
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, उस हमले में 300 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। हालांकि अब भी 157 लोगों के शव या अवशेष नहीं मिल पाए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई परिवार आज भी अपने लापता परिजनों के बारे में जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, इस संघर्ष से प्रभावित क्षेत्रों में मानवीय स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता लगातार बनी हुई है।
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