CJP Campaign: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को युवाओं की बड़ी लोकतांत्रिक उपलब्धि बताया। गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि लंबे समय से यह धारणा बनाई जा रही थी कि सत्ता में बैठे लोगों से सवाल नहीं पूछे जा सकते, लेकिन हालिया आंदोलन ने इस सोच को बदल दिया। दिपके के अनुसार, यह केवल किसी एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की भागीदारी और युवाओं के बढ़ते आत्मविश्वास का संकेत है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने लोगों के मन से भय की भावना को कम किया और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाई।

युवाओं के आंदोलन को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
अभिजीत दिपके ने कहा कि 25 जुलाई को हुआ आंदोलन देश के युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। उनके मुताबिक इस आंदोलन की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि बड़ी संख्या में युवाओं ने अपनी आवाज बुलंद की और अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता को सवाल पूछने और जवाब मांगने का अधिकार है, और इस आंदोलन ने इसी भावना को मजबूत किया। दिपके का मानना है कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से लोकतांत्रिक संस्थाएं और अधिक जवाबदेह बन सकती हैं।

संवैधानिक मूल्यों पर आधारित पार्टी की विचारधारा
सीजेपी संस्थापक ने अपनी पार्टी की विचारधारा पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी भारतीय संविधान की मूल भावना को केंद्र में रखकर कार्य करेगी। उनके अनुसार पार्टी डॉ. भीमराव आंबेडकर, महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू के विचारों से प्रेरणा लेकर सामाजिक न्याय, लोकतंत्र, समान अवसर और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना और आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना है।
सितंबर से शुरू होगा ‘बोलती पब्लिक’ राष्ट्रीय अभियान
दिपके ने बताया कि पार्टी की दो दिवसीय कोर कमेटी की बैठक में सितंबर से देशभर में ‘बोलती पब्लिक’ नामक राष्ट्रीय अभियान शुरू करने का फैसला लिया गया है। इस अभियान के माध्यम से पार्टी विभिन्न राज्यों में जाकर लोगों की समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को जानने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में राजनीतिक दल और सरकारें आम जनता, विशेषकर युवाओं की वास्तविक समस्याओं से दूर होती जा रही हैं। ऐसे में यह अभियान सीधे नागरिकों से संवाद स्थापित करने का माध्यम बनेगा।
शिक्षा और रोजगार को बताया सबसे बड़ा मुद्दा
अभिजीत दिपके ने कहा कि पार्टी की प्राथमिकताओं में शिक्षा सुधार सबसे ऊपर रहेगा। उनका कहना है कि देश में शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है और निजी स्कूलों, कॉलेजों तथा कोचिंग संस्थानों की बढ़ती फीस के कारण आम परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को व्यवसाय के रूप में नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के अधिकार के रूप में देखा जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने बेरोजगारी को भी गंभीर चुनौती बताया। उनके अनुसार बड़ी संख्या में शिक्षित और डिग्रीधारी युवा रोजगार के अभाव में अपनी योग्यता के अनुरूप अवसर नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं, इसलिए सरकार को शिक्षा और रोजगार जैसे मूलभूत मुद्दों पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

न्यायपालिका, मीडिया और भविष्य की रणनीति पर भी रखी बात
प्रेस वार्ता के दौरान दिपके ने न्यायपालिका और मीडिया की भूमिका पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को कई मामलों में न्याय मिलने में लंबा समय लग जाता है, जबकि प्रभावशाली लोगों के मामलों का निपटारा अपेक्षाकृत जल्दी होता दिखाई देता है। उन्होंने मीडिया से भी जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने और सत्ता से सवाल पूछने की अपेक्षा जताई। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में पार्टी उन सभी संगठनों और लोगों का राष्ट्रीय नेटवर्क तैयार करेगी, जिन्होंने जंतर-मंतर आंदोलन का समर्थन किया था। उनके अनुसार इस पहल का उद्देश्य देशभर में नागरिकों की आवाज को संगठित करना और लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत करना होगा।
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