Trump UN Speech: बोले- टैरिफ लगाकर 8 युद्ध रोके, भारत-पाकिस्तान संघर्ष का भी किया जिक्र

UN महासभा में डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल में आठ युद्धों को रोकने का दावा किया और कहा कि आर्थिक दबाव, खासकर टैरिफ की धमकी ने कई मामलों में समझौते कराने में भूमिका निभाई। ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान समेत कई संघर्षों का जिक्र किया। हालांकि, उनके इन दावों पर अलग-अलग देशों और विश्लेषकों के बीच मतभेद हैं। आखिर ट्रंप ने किन आठ संघर्षों का जिक्र किया और टैरिफ को उन्होंने कूटनीतिक हथियार कैसे बताया?

Trump UN Speech : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भाषण के दौरान ईरान के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के सामने ईरान को लेकर बड़ा फैसला लेने की स्थिति है—या तो समझौता हो या फिर सैन्य कार्रवाई को और आगे बढ़ाया जाए। ट्रंप ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने को अमेरिकी कार्रवाई का प्रमुख कारण बताया।

ads

समझौते या तबाही के बीच फैसला बताया

ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि यदि ईरान समझौते के लिए तैयार होता है तो वह देश को आगे बढ़ने का अवसर देना चाहते हैं, लेकिन समझौता नहीं होने की स्थिति में अमेरिका सैन्य विकल्प पर आगे बढ़ सकता है। उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि वह उसे दोबारा लोगों की हत्या और विनाश का अवसर नहीं देना चाहते। उनके इस बयान के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल के अधिकांश सदस्य सदन से बाहर चले गए।

Adst

ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की अपील

अमेरिकी राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र में मौजूद देशों से ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने में अमेरिका का साथ देने की अपील की। उन्होंने कहा कि तेहरान पर तब तक दबाव बनाए रखना चाहिए, जब तक वह वाणिज्यिक जहाजों पर हमले रोकने, अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने और आतंकवादी संगठनों के समर्थन को समाप्त करने की दिशा में कदम नहीं उठाता।

परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका का दावा

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु क्षमता को लेकर कार्रवाई की है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी कदमों का उद्देश्य तेहरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना था। हालांकि, ईरान लगातार परमाणु हथियार विकसित करने के अमेरिकी आरोपों से इनकार करता रहा है। इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव लंबे समय से बना हुआ है।

ट्रंप ने गाजा और भारत-पाकिस्तान का भी किया जिक्र

अपने भाषण में ट्रंप ने गाजा और भारत-पाकिस्तान समेत कई संघर्षों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी प्रयासों और नीतियों से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में आठ युद्धों को समाप्त कराने में मदद मिली। उनके भाषण में कंबोडिया-थाईलैंड, कोसोवो-सर्बिया, कांगो-रवांडा, भारत-पाकिस्तान और आर्मेनिया-अजरबैजान से जुड़े संघर्षों के साथ गाजा का भी उल्लेख किया गया।

Adst

गाजा युद्ध खत्म कराने का दावा

ट्रंप ने गाजा को लेकर कहा कि अमेरिकी प्रयासों से युद्ध खत्म करने और हजारों लोगों की जान बचाने में सफलता मिली। उन्होंने बंधकों की वापसी का भी उल्लेख किया। ट्रंप ने कहा कि पिछली बार जब उन्होंने महासभा को संबोधित किया था, तब गाजा में संघर्ष बेहद गंभीर स्थिति में था, लेकिन बाद में ऐसे कदम उठाए गए जिनसे परिस्थितियों में बदलाव आया।

रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बोले ट्रंप

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पहुंचने के बाद ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को समाप्त करने की आवश्यकता पर भी बात की। रूस-यूक्रेन संघर्ष अभी जारी है और दोनों पक्षों के बीच शांति स्थापित करने के प्रयासों के बावजूद समाधान नहीं निकल पाया है। ट्रंप ने अपनी विदेश नीति को संघर्षों को समाप्त कराने की दिशा में काम करने वाला बताया।

अमेरिकी शक्ति और अर्थव्यवस्था की तारीफ

ट्रंप ने भाषण के शुरुआती हिस्से में अमेरिकी अर्थव्यवस्था, सेना और तकनीकी क्षमता की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि अमेरिका कई क्षेत्रों में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल में रोजगार, सीमा सुरक्षा और अपराध नियंत्रण से जुड़े प्रयासों का भी उल्लेख किया और अमेरिकी क्षमता को मजबूत बताया।

ईरान युद्ध के बीच कूटनीति की गुंजाइश

ट्रंप के कड़े बयानों के बावजूद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरानी प्रतिनिधियों से बातचीत के लिए तैयार है, हालांकि उस समय कोई बैठक तय नहीं थी। रुबियो ने कहा कि किसी भी बातचीत का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने की दिशा में परिणाम हासिल करना होना चाहिए।

UN महासभा में बढ़ा ईरान मुद्दे का दबाव

ट्रंप के भाषण से स्पष्ट हुआ कि ईरान-अमेरिका संघर्ष संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रमुख मुद्दों में बना हुआ है। युद्ध के साथ ऊर्जा आपूर्ति, वैश्विक अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी असर पड़ रहा है। इसी बीच ईरान की ओर से कूटनीतिक संपर्क की संभावना और अमेरिका की आर्थिक तथा सैन्य रणनीति ने आगे की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान बढ़ा दिया है।

Read more :  Erdogan on UN Veto: अमेरिका-चीन समेत P5 का वीटो खत्म करने की मांग, तुर्की राष्ट्रपति ने UN से कही बड़ी बात

Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • झारखंड
    • राजस्थान
    • ओडिशा

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.

Adst