Modi Cabinet Decision: केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद गुरुवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने देश के बुनियादी ढांचे और हरित ऊर्जा को मजबूत करने की दिशा में दो अहम परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें एक परियोजना बायोगैस क्षेत्र से संबंधित है, जबकि दूसरी असम में एक नए चार लेन एक्सेस कंट्रोल हाईवे के निर्माण से जुड़ी है। सरकार के अनुसार, इन दोनों परियोजनाओं पर कुल मिलाकर लगभग 32 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि इन फैसलों का उद्देश्य देश के कृषि संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के साथ-साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र में आधुनिक सड़क संपर्क को मजबूत बनाना है।

असम में बनेगा नया चार लेन एक्सेस कंट्रोल हाईवे
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने असम में राष्ट्रीय राजमार्ग-15 (NH-15) पर एक आधुनिक चार लेन एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना गुवाहाटी से तेजपुर के बीच लगभग 135.871 किलोमीटर लंबाई में विकसित की जाएगी। इस हाईवे का निर्माण बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) टोल मॉडल के तहत किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 8,970.20 करोड़ रुपये तय की गई है। सरकार का मानना है कि यह सड़क परियोजना पूर्वोत्तर भारत के परिवहन नेटवर्क को नई मजबूती प्रदान करेगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देगी।

भारतीय वायुसेना के लिए भी होगी विशेष सुविधा
इस महत्वाकांक्षी परियोजना में केवल हाईवे निर्माण ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टि से भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। तेजपुर बाईपास पर लगभग 4.9 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) विकसित की जाएगी। इस सुविधा को भारतीय वायुसेना के साथ समन्वय स्थापित कर अंतिम रूप दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर इस सड़क का उपयोग लड़ाकू और सैन्य विमानों की आपातकालीन लैंडिंग के लिए किया जा सकेगा। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ आपदा प्रबंधन की क्षमता भी मजबूत होगी।
पांच बड़े बाईपास से कम होगी शहरों की भीड़भाड़
परियोजना के तहत करीब 58.7 किलोमीटर लंबाई वाले पांच प्रमुख बाईपास का भी निर्माण किया जाएगा। इन बाईपास के बनने से बैहाटा चारियाली, सिपाझार, खारुपेटिया, देकियाजुली और तेजपुर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा। वर्तमान में इन शहरों से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी वाहनों और स्थानीय यातायात के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती है। नए बाईपास बनने से लंबी दूरी के वाहनों को शहरों के भीतर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा, जिससे स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी।
45 अंडरपास, 19 फ्लाईओवर और 210 किलोमीटर सर्विस रोड
सरकार ने इस परियोजना को आधुनिक और सुरक्षित सड़क नेटवर्क के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। इसके तहत 45 अंडरपास, 19 फ्लाईओवर, कई बड़े पुल तथा तेजपुर बाईपास क्षेत्र में एक विशेष एलीफेंट अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा लगभग 210 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड भी बनाई जाएगी, जिससे स्थानीय यातायात सुचारु बना रहेगा और मुख्य एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। पूरी परियोजना को एक्सेस कंट्रोल मॉडल के आधार पर विकसित किया जाएगा ताकि सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन बेहतर हो सके।

यात्रा का समय घटेगा, आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
केंद्र सरकार का दावा है कि इस हाईवे के निर्माण से गुवाहाटी और तेजपुर के बीच यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। औसत यात्रा गति लगभग दोगुनी होने की संभावना है, जबकि यात्रा का समय लगभग आधा रह जाएगा। इसके अलावा ईंधन की बचत होगी, परिवहन लागत कम होगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, पर्यटन, उद्योग और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को नया बल मिलेगा। यह परियोजना असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच आर्थिक एवं सामाजिक संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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