CGPSC SI Result: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित सूबेदार, उप निरीक्षक (SI) और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा-2024 के प्रारंभिक परिणाम जारी होने के बाद नया विवाद सामने आ गया है। मुख्य परीक्षा के लिए चयनित अभ्यर्थियों की सूची में कुछ ऐसे नाम दर्ज पाए गए हैं, जिन्हें लेकर अभ्यर्थियों और राजनीतिक दलों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। सूची में कुछ असामान्य और संदिग्ध प्रतीत होने वाले नाम दिखाई देने के बाद चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बहस तेज हो गई है। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मामले को गंभीर बताते हुए पूरी प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

341 पदों के लिए हुई थी प्रारंभिक परीक्षा
CGPSC ने सूबेदार, उप निरीक्षक और प्लाटून कमांडर के 341 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए 12 जुलाई 2026 को प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। आयोग द्वारा घोषित परिणाम के अनुसार कुल 7301 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा (Mains) के लिए सफल घोषित किया गया है। मुख्य परीक्षा के माध्यम से अंतिम चयन प्रक्रिया पूरी की जानी है। परिणाम जारी होने के बाद उम्मीदवार सूची का अवलोकन कर रहे थे, तभी कुछ नामों ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

सूची में ‘SPACERANI’ और ‘NEWS’ जैसे नाम बने चर्चा का विषय
मुख्य परीक्षा के लिए जारी चयन सूची में कुछ ऐसे नाम दर्ज पाए गए, जो सामान्य तौर पर किसी व्यक्ति के नाम नहीं माने जाते। सूची के क्रमांक 93 पर ‘MANBAS’, क्रमांक 467 पर ‘SPACERANI’ और क्रमांक 6074 पर केवल ‘NEWS’ नाम दर्ज दिखाई दिया। इन प्रविष्टियों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया, प्रतियोगी छात्रों के समूहों और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं। कई अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि यदि यह केवल टाइपिंग त्रुटि नहीं है, तो आखिर ऐसे नाम चयन सूची में कैसे शामिल हो गए।
कांग्रेस ने पारदर्शिता पर उठाए सवाल
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मामले को लेकर आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भर्ती जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में इस प्रकार की प्रविष्टियां गंभीर चिंता का विषय हैं। पार्टी ने आशंका जताई कि यह मामला केवल डेटा एंट्री की सामान्य गलती भी हो सकता है, लेकिन इसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। कांग्रेस ने मांग की है कि मुख्य परीक्षा आयोजित होने से पहले चयन सूची में शामिल ऐसे सभी संदिग्ध नामों और संबंधित आवेदन पत्रों की विस्तृत जांच कराई जाए ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका समाप्त हो सके।
फर्जी अभ्यर्थियों की आशंका पर भी उठे सवाल
विपक्ष का कहना है कि यदि इन नामों के पीछे केवल तकनीकी त्रुटि नहीं है, तो यह फर्जी अभ्यर्थियों या डेटा प्रबंधन में गंभीर लापरवाही की ओर भी संकेत कर सकता है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि चयन सूची तैयार करने के दौरान सत्यापन की प्रक्रिया कैसे अपनाई गई और ऐसी त्रुटियां किस कारण से सामने आईं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए ताकि योग्य उम्मीदवारों का विश्वास बना रहे।

अक्टूबर में प्रस्तावित है मुख्य परीक्षा
आयोग के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 24, 25 और 26 अक्टूबर 2026 को मुख्य परीक्षा आयोजित होने की संभावना है। ऐसे में परिणाम सूची को लेकर उठे विवाद ने हजारों अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी है। मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवार चाहते हैं कि आयोग जल्द स्थिति स्पष्ट करे, ताकि किसी प्रकार का भ्रम या विवाद आगे की प्रक्रिया को प्रभावित न करे। अभ्यर्थियों का मानना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना आयोग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
आयोग से जुड़े सूत्र ने दी प्रारंभिक सफाई
इस पूरे मामले को लेकर जब आयोग से जुड़े एक व्यक्ति से प्रतिक्रिया ली गई तो उन्होंने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर बताया कि सूची में दिखाई दे रहे कुछ असामान्य नाम टाइपिंग या डेटा एंट्री की त्रुटि का परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी गलतियों को सुधारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। हालांकि, आयोग की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक लिखित बयान जारी नहीं किया गया है।
आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार
विवाद बढ़ने के बाद अब सभी की निगाहें छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के आधिकारिक रुख पर टिकी हैं। प्रतियोगी छात्र चाहते हैं कि आयोग पूरे मामले पर स्पष्ट जानकारी जारी करे और यदि कोई तकनीकी गलती हुई है तो उसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार करते हुए संशोधित सूची जारी करे। वहीं, यदि जांच की आवश्यकता महसूस होती है तो पारदर्शी तरीके से उसकी प्रक्रिया भी अपनाई जाए। इससे न केवल अभ्यर्थियों का विश्वास मजबूत होगा, बल्कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों का भी उचित जवाब मिल सकेगा।
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