CG News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने स्वच्छ ऊर्जा और हरित विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) इकोसिस्टम के विकास में राज्य के नवाचारों और प्रभावी प्रयासों की सराहना करते हुए पूंजीगत निवेश विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के तहत 50 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है। इस योजना के अंतर्गत यह प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है। इसे राज्य के ऊर्जा, कृषि और पर्यावरण क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने उपलब्धि को बताया ऐतिहासिक कदम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जैव ईंधन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ तेजी से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने इस सफलता के लिए ऊर्जा विभाग और छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को बधाई देते हुए इसे राज्य के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।

नई CBG नीति से किसानों को होगा सीधा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) नीति कृषि, ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगी। इस नीति के माध्यम से कृषि अवशेषों का वैज्ञानिक उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय का नया स्रोत मिलेगा। साथ ही पराली और अन्य जैविक अवशेषों के बेहतर प्रबंधन से प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए हरित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
जैव ईंधन क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को जैव ईंधन और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि CBG नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में निवेश बढ़ेगा, नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, किसानों की आय में वृद्धि होगी और जैविक खेती को भी नई गति मिलेगी। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।
8 जून 2026 को लागू हुई CBG नीति
राज्य सरकार ने कम्प्रेस्ड बायोगैस परियोजनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 8 जून 2026 को छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति-2026 अधिसूचित की थी। इस नीति के तहत राज्य में उपलब्ध कृषि अपशिष्ट, धान की पराली (पैडी स्ट्रॉ) और अन्य बायोमास का वैज्ञानिक रूपांतरण कर स्वच्छ गैसीय ईंधन का उत्पादन किया जाएगा। इस ईंधन का उपयोग औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में किया जा सकेगा। साथ ही संयंत्रों से निकलने वाली जैविक खाद किसानों के लिए जैविक खेती को बढ़ावा देने में सहायक होगी।

निवेश और समन्वय पर सरकार का विशेष फोकस
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार CBG क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने, उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी दिशा में 3 अगस्त 2026 को मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बायोमास संग्रहण, सिंगल विंडो क्लीयरेंस, जैव उर्वरकों के उपयोग, निवेश प्रोत्साहन और विभागीय समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
CBG परियोजनाओं की कार्ययोजना पर हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित सरकार ने राज्य में प्रस्तावित CBG संयंत्रों, निवेश की संभावनाओं, नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान वाणिज्य एवं उद्योग, कृषि, नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पशुधन विकास, परिवहन तथा पर्यावरण संरक्षण मंडल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य सरकार का मानना है कि इन समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, किसानों की आय बढ़ाने और हरित विकास के क्षेत्र में देश के लिए एक सफल मॉडल के रूप में उभर सकता है।
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