Sakti News : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) में कक्षा 9वीं के छात्र उमेश कंवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। छात्र का शव स्कूल परिसर के बाथरूम में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने छात्र को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

परिजनों ने जताया हत्या या प्रताड़ना का संदेह
घटना के बाद मृत छात्र के परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में स्कूल पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों का कहना है कि उमेश कंवर ऐसा कदम नहीं उठा सकता था। उनका आरोप है कि यदि छात्र ने आत्महत्या की है, तो इसके पीछे किसी प्रकार की प्रताड़ना या मानसिक दबाव हो सकता है। उन्होंने मांग की कि मामले की हर पहलू से जांच की जाए और यदि किसी की लापरवाही या भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

‘हमें सिर्फ अस्पताल बुलाया गया’ – परिजनों का आरोप
मृतक छात्र के परिजन संजय कंवर ने बताया कि स्कूल की ओर से उन्हें फोन कर केवल इतना कहा गया कि बच्चा गंभीर है और तुरंत अस्पताल पहुंच जाएं। उनका कहना है कि फोन पर यह नहीं बताया गया कि छात्र की मौत हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें स्कूल के शिक्षकों या हॉस्टल अधीक्षक की भूमिका पर संदेह है। परिजनों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्रिंसिपल को किया गया निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विद्यालय के प्रिंसिपल मनोज गुप्ता को निलंबित कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि प्रथम दृष्टया लापरवाही के आरोपों को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। साथ ही मामले की विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन भी किया गया है। यह समिति सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट जिला कलेक्टर को सौंपेगी।
कलेक्टर ने जल्द रिपोर्ट सौंपने के दिए निर्देश
सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच समिति बनाई गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जांच जल्द पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि विद्यालय में प्रशासनिक लापरवाही को गंभीरता से लिया गया है, जिसके चलते प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

पिछले महीने भी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ हुई थी शिकायत
जानकारी के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब इस विद्यालय का नाम विवादों में आया हो। पिछले महीने भी स्कूल के छात्र-छात्राएं प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। छात्रों ने आरोप लगाया था कि उन्हें स्कूल में प्रताड़ित किया जाता है और उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता। बताया जा रहा है कि बीते एक महीने के दौरान विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कई शिकायतें प्रशासन तक पहुंची थीं, लेकिन समय रहते कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई।
पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल पुलिस और जिला प्रशासन मामले के हर पहलू की जांच कर रहे हैं। छात्र की मौत आत्महत्या है, दुर्घटना है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। प्रशासन का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों और साक्ष्यों की गहन जांच की जाएगी। वहीं, परिजन और ग्रामीण निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। अब सभी की नजर आगामी जांच रिपोर्ट पर है, जिससे छात्र की मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।
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