PM Modi Nuclear Power : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारत की विकास यात्रा, आत्मनिर्भरता और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा को भी प्रमुखता से रेखांकित किया। पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले समय में देश की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होगी। ऐसे में एनर्जी सिक्योरिटी यानी ऊर्जा सुरक्षा भारत की प्राथमिक जरूरत बन चुकी है।


बढ़ती बिजली जरूरतों के बीच ऊर्जा सुरक्षा जरूरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से आर्थिक और औद्योगिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। देश में उद्योग, परिवहन, डिजिटल सेवाओं, शहरीकरण और तकनीकी क्षेत्र के विस्तार के साथ बिजली की मांग भी लगातार बढ़ेगी। ऐसे में ऊर्जा के पर्याप्त और भरोसेमंद स्रोत विकसित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत ने ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में पहले से ही कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और आने वाले वर्षों में इस अभियान को और तेज किया जाएगा।

परमाणु ऊर्जा को बताया ऊर्जा सुरक्षा का अहम आधार
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में परमाणु ऊर्जा को भारत की ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि देश को भविष्य की जरूरतों को देखते हुए स्वच्छ, भरोसेमंद और बड़े पैमाने पर बिजली उपलब्ध कराने वाले स्रोतों पर ध्यान देना होगा। इसी क्रम में परमाणु ऊर्जा की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। सरकार का लक्ष्य परमाणु ऊर्जा उत्पादन की क्षमता को बढ़ाकर देश की बिजली जरूरतों को लंबे समय तक पूरा करने में योगदान देना है।
2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य देश की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके लिए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में नई परियोजनाओं, तकनीकी क्षमता और उत्पादन विस्तार पर जोर दिया जाएगा। पीएम मोदी के अनुसार, भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा के लिए मजबूत ऊर्जा आधार बेहद आवश्यक है।
अगले दशक में नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की तैयारी
प्रधानमंत्री ने बताया कि आने वाले दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इन परियोजनाओं से देश की परमाणु बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक योजना के तहत परमाणु ऊर्जा को महत्वपूर्ण स्थान दे रही है, ताकि बढ़ती बिजली मांग के साथ देश की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सके।

फास्ट ब्रीडर तकनीक में भारत की उपलब्धि
पीएम मोदी ने परमाणु क्षेत्र में भारत की तकनीकी उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष देश ने फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में महारत हासिल करके एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया है। इस तकनीक को परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की दीर्घकालिक रणनीति के लिए अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने इसे परमाणु ईंधन के मामले में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भरता पर फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में तकनीकी क्षमता बढ़ने से भारत को परमाणु ईंधन के मामले में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को व्यापक आत्मनिर्भर भारत अभियान से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि देश अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित और स्थायी तरीके से पूरा करने में सक्षम बने।
संसद के फैसलों से नए रास्ते खुलने का दावा
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में संसद में पारित किए गए शांति एक्ट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार ने कई नीतिगत कदम उठाए हैं और इन फैसलों से परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में नए लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता तैयार हुआ है। प्रधानमंत्री ने इसे भारत की ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया।
विकसित भारत के सपने से जुड़ी ऊर्जा रणनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने 2047 तक विकसित देश बनने का बड़ा संकल्प लिया है। उनके मुताबिक, जब दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य निर्धारित करता है, तो यह उसकी क्षमता और आत्मविश्वास को दर्शाता है। विकसित भारत के इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए मजबूत अर्थव्यवस्था, आधुनिक बुनियादी ढांचा और पर्याप्त ऊर्जा आपूर्ति को जरूरी आधार माना जा रहा है।
दुनिया की नजर भारत पर, बड़े सपनों के साथ आगे बढ़ने का संकल्प
पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब छोटे लक्ष्यों तक सीमित रहने वाला देश नहीं है। देश ने बड़े सपनों और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का निर्माण केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि पूरे देश की सामूहिक आकांक्षा है। ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु ऊर्जा और तकनीकी आत्मनिर्भरता इसी व्यापक विकास यात्रा के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की नई दिशा
लाल किले से प्रधानमंत्री का संदेश स्पष्ट रहा कि आने वाले दशकों में ऊर्जा भारत की विकास कहानी का महत्वपूर्ण आधार बनेगी। बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के लिए पारंपरिक स्रोतों के साथ परमाणु ऊर्जा और नई तकनीकों पर भी जोर दिया जाएगा। 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य, नए रिएक्टर और फास्ट ब्रीडर तकनीक में उपलब्धि भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति को दर्शाती है। पीएम मोदी ने इसे 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण से जोड़ते हुए देशवासियों के सामने एक बड़ा लक्ष्य रखा।
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