CJP Protest : कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा है कि देश में व्यवस्था में बदलाव की कोशिश तभी आगे बढ़ सकती है, जब समाज का हर व्यक्ति उसमें अपनी भूमिका निभाए। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में पिछले 12 वर्षों के दौरान बनी एक ऐसी सोच पर सवाल उठाया, जिसमें उनके अनुसार समाज के एक वर्ग को लगा कि देश की जिम्मेदारी केवल उसी के पास है। दास ने कहा कि युवाओं ने इस सोच को बदलने में भूमिका निभाई है।
युवाओं की भूमिका पर दिया जोर
सौरव दास ने अपने बयान में युवाओं की भागीदारी को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश की जिम्मेदारी किसी एक वर्ग या संगठन तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में बदलाव और जवाबदेही की मांग के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने अपने विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों का स्वागत करने की बात भी कही।
CJP ने तेज किया चुनाव आयोग के खिलाफ अभियान
दास का यह बयान ऐसे समय आया है, जब CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना अभियान तेज किया है। संगठन ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कुमार के इस्तीफे की मांग की है। सितंबर में CJP ने 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं देने पर देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी थी।
SIR को लेकर CJP ने उठाए सवाल
CJP ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के जरिए मतदाता सूची में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया और चुनावी फैसलों में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। CJP ने इन मुद्दों को लेकर ‘इलेक्शन कमीशन ठीक करो’ अभियान चलाने की बात कही है।
48 घंटे के अल्टीमेटम में क्या था
CJP की घोषित मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा शामिल था। इसके अलावा संगठन ने SIR को रोकने, आगामी चुनावों को लेकर कदम उठाने, जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करने और SIR से जुड़े निर्णयों की स्वतंत्र जांच की मांग भी रखी थी। संगठन ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून में बदलाव की मांग भी की है। ये CJP की मांगें हैं, न कि चुनाव आयोग द्वारा स्वीकार किए गए तथ्य या निष्कर्ष।
चुनाव आयोग की ओर से क्या कहा गया
मतदाता सूची और SIR को लेकर विवाद के बीच चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रियाओं का बचाव किया है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े सॉफ्टवेयर की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की है। आयोग ने यह भी कहा है कि आंतरिक स्तर पर मतभेद संस्थागत निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हो सकते हैं। वहीं विपक्षी समूहों और CJP ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं।
पहले भी अभियान चला चुका है CJP
CJP इससे पहले भी अलग-अलग मुद्दों को लेकर सार्वजनिक अभियान और विरोध प्रदर्शन कर चुका है। संगठन ने चुनावी मुद्दे से पहले NEET पेपर लीक, सरकारी स्कूलों और ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे विषयों पर भी अपनी सक्रियता दिखाई थी। अब उसका प्रमुख अभियान चुनाव आयोग और SIR से जुड़े सवालों पर केंद्रित है।
देशभर में आंदोलन की तैयारी
CJP ने 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। रिपोर्टों के अनुसार संगठन ने मुंबई से अभियान शुरू करने और इसके बाद अन्य शहरों में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है।
दास का संदेश क्या है
सौरव दास के बयान का मुख्य जोर नागरिक भागीदारी पर है। उनका कहना है कि व्यवस्था में जवाबदेही और बदलाव की मांग किसी एक व्यक्ति या संगठन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। दूसरी ओर, चुनाव आयोग और CJP के बीच SIR तथा मतदाता सूची को लेकर विवाद जारी है। ऐसे में आने वाले विरोध प्रदर्शनों और आयोग की आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
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