High Protein Foods : उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। 30 साल की उम्र के बाद हर दशक में मांसपेशियों का मास धीरे-धीरे कम हो सकता है। लंबे समय तक इस पर ध्यान नहीं देने पर सीढ़ियां चढ़ने-उतरने, भारी सामान उठाने या हाथों की पकड़ मजबूत रखने जैसी रोजमर्रा की गतिविधियों में परेशानी महसूस हो सकती है। मांसपेशियों के इस उम्र संबंधी नुकसान को सारकोपेनिया कहा जाता है। ऐसे में पर्याप्त प्रोटीन का सेवन मांसपेशियों की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


मसल्स की मजबूती के लिए प्रोटीन क्यों जरूरी है?
आयुर्वेदिक डॉक्टर सलीम ने अपने यूट्यूब वीडियो में प्रोटीन को शरीर के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व बताया है। प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत, मांसपेशियों को बनाए रखने और शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली में योगदान देता है। उम्र बढ़ने के साथ पर्याप्त प्रोटीन लेना और नियमित शारीरिक गतिविधि करना मसल्स हेल्थ के लिए उपयोगी हो सकता है। डाइट में अलग-अलग प्रोटीन स्रोतों को शामिल करके शरीर की जरूरत के अनुसार पोषण लिया जा सकता है।

काला चना है प्रोटीन और आयरन से भरपूर
काला चना प्रोटीन के साथ-साथ आयरन का भी अच्छा स्रोत माना जाता है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 100 ग्राम काले चने में करीब 22 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। इसे रातभर भिगोकर सुबह उबालकर खाना एक आसान तरीका हो सकता है। अगर आप चने को अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं तो मात्रा अपनी जरूरत और पाचन क्षमता के अनुसार रखें। संतुलित आहार में काला चना मांसपेशियों के लिए उपयोगी प्रोटीन स्रोत बन सकता है।
अंडे में मिलते हैं जरूरी अमीनो एसिड
अंडे को उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन स्रोतों में गिना जाता है। इसमें शरीर के लिए आवश्यक कई अमीनो एसिड पाए जाते हैं, जो मांसपेशियों के निर्माण और रखरखाव में भूमिका निभाते हैं। जो लोग अंडा खाते हैं, वे इसे अपनी नियमित डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। अंडे को उबालकर या कम तेल में तैयार करके खाना प्रोटीन लेने का आसान तरीका हो सकता है।
पाचन कमजोर हो तो मूंग दाल उपयोगी विकल्प
मूंग दाल को हल्की और आसानी से पचने वाली दालों में शामिल किया जाता है। दिए गए विवरण के अनुसार, 100 ग्राम मूंग दाल में लगभग 24 ग्राम प्रोटीन होता है। जिन लोगों को चने जैसी चीजें खाने के बाद गैस या भारीपन महसूस होता है, वे अपनी डाइट में मूंग दाल को शामिल करने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति की पाचन क्षमता अलग होती है।

शाकाहारियों के लिए पनीर अच्छा विकल्प
पनीर शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का लोकप्रिय स्रोत है। इसमें प्रोटीन के अलावा कैल्शियम जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जो हड्डियों और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। पनीर को सब्जी, सलाद या अन्य संतुलित भोजन के साथ लिया जा सकता है। हालांकि, कैलोरी और वसा की मात्रा को देखते हुए इसकी मात्रा अपनी डाइट के अनुसार तय करनी चाहिए।
सोयाबीन में मिलता है भरपूर प्लांट प्रोटीन
सोयाबीन पौधों से मिलने वाले प्रोटीन के प्रमुख स्रोतों में शामिल है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 100 ग्राम सोयाबीन में करीब 36 ग्राम प्रोटीन हो सकता है। यह शाकाहारी और वीगन डाइट लेने वाले लोगों के लिए उपयोगी विकल्प है। सोया से बने खाद्य पदार्थों को संतुलित भोजन में शामिल करके प्रोटीन की जरूरत पूरी करने में मदद मिल सकती है।
दही से प्रोटीन के साथ प्रोबायोटिक्स भी
दही में प्रोटीन के साथ प्रोबायोटिक्स भी पाए जाते हैं, जो आंतों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माने जाते हैं। पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में इनका योगदान हो सकता है। दही को भोजन के साथ या स्नैक के तौर पर लिया जा सकता है। हालांकि, किसी विशेष बीमारी, किडनी की समस्या या चिकित्सकीय डाइट की स्थिति में प्रोटीन की मात्रा डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से तय करना बेहतर है।
प्रोटीन के साथ एक्सरसाइज भी जरूरी
सिर्फ प्रोटीन खाने से मसल्स मजबूत रखने का लक्ष्य पूरा नहीं होता। पर्याप्त प्रोटीन के साथ नियमित वॉक, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और उम्र के अनुसार शारीरिक गतिविधि भी महत्वपूर्ण है। 30 की उम्र के बाद अपनी डाइट और फिटनेस पर ध्यान देना भविष्य में मांसपेशियों की ताकत बनाए रखने में मदद कर सकता है। किसी भी सप्लीमेंट या बहुत ज्यादा प्रोटीन लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।












