Pahalgam Attack: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने डिस्कवरी की डॉक्युसीरीज ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ में पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद भारत की कार्रवाई से जुड़ी कई अहम जानकारियां साझा की हैं। उन्होंने बताया कि हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवादियों और उनके पीछे मौजूद लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का स्पष्ट संदेश दिया था। डोभाल के मुताबिक, प्रधानमंत्री का निर्देश था कि भारत उन लोगों तक पहुंचेगा, जो इन हत्याओं के लिए जिम्मेदार हैं, चाहे वे दुनिया के किसी भी हिस्से में छिपे हों।


आतंकवाद के खिलाफ जारी लड़ाई का संदेश
NSA डोभाल ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संदेश केवल तत्काल सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं था। इसके जरिए सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ लंबे समय तक निर्णायक लड़ाई जारी रखने का अपना संकल्प भी स्पष्ट किया था। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री यह कहते हैं कि ‘ऑपरेशन सिंदूर जारी है’, तो इसका व्यापक अर्थ है कि आतंकवाद के खिलाफ अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक खतरे को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में जरूरी कार्रवाई नहीं हो जाती।

सऊदी अरब से लौटते ही पीएम ने मांगी जानकारी
डोभाल ने पहलगाम हमले के समय प्रधानमंत्री मोदी के सऊदी अरब दौरे पर होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि हमले की जानकारी मिलने के बाद प्रधानमंत्री स्वदेश लौटे और एयरपोर्ट पर ही अधिकारियों के साथ बैठक हुई। डोभाल के अनुसार, बैठक में प्रधानमंत्री ने सबसे पहले हमले से जुड़ी पूरी जानकारी हासिल करनी चाही। उन्होंने विशेष रूप से यह जानना चाहा कि हमला किसने किया और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।
हमलावरों की पहचान पर पीएम का जोर
NSA के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से हमले के पीछे मौजूद आतंकवादियों की पहचान जल्द से जल्द सुनिश्चित करने को कहा था। उनका जोर इस बात पर था कि जिम्मेदार लोगों के बारे में किसी तरह का संदेह नहीं रहना चाहिए। डोभाल ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्राथमिकता हमले के साजिशकर्ताओं और जिम्मेदार आतंकियों की पहचान करना थी, ताकि आगे की रणनीति ठोस खुफिया जानकारी के आधार पर तय की जा सके।
खुफिया एजेंसियों के काम की डोभाल ने की तारीफ
डोभाल ने पहलगाम हमले के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि एजेंसियों ने कम समय में महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं और हमले के जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने में मदद की। उनके अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में खुफिया तंत्र की सटीक जानकारी ने आगे की कार्रवाई के लिए मजबूत आधार तैयार किया।

22 अप्रैल को हुआ था पहलगाम आतंकी हमला
पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने आम नागरिकों को निशाना बनाकर हमला किया था। इस आतंकी घटना में 26 निर्दोष लोगों की मौत हुई थी। हमले के बाद देशभर में आक्रोश देखने को मिला और सरकार ने आतंकवादियों तथा उनके ठिकानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का फैसला किया।
7 मई को शुरू हुआ ऑपरेशन सिंदूर
पहलगाम हमले के बाद भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर सटीक सैन्य कार्रवाई की गई। भारत ने इस अभियान को आतंकवाद के खिलाफ अपनी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था मुख्य उद्देश्य
डोभाल ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत का प्रमुख लक्ष्य उन आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था, जिनका संबंध पहलगाम हमले से था। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई का उद्देश्य आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना था। इसके साथ ही भारत ने यह संदेश भी दिया कि नागरिकों पर आतंकी हमलों को बिना जवाब के नहीं छोड़ा जाएगा।
संप्रभुता की रक्षा के लिए कोई सीमा नहीं
NSA डोभाल ने भारत की सुरक्षा और संप्रभुता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि देश की रक्षा की लड़ाई में किसी तरह की कृत्रिम सीमा नहीं हो सकती। उनके मुताबिक, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य भारत की सुरक्षा सुनिश्चित करना और देश के नागरिकों को भविष्य के खतरों से बचाना है। ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े उनके खुलासों ने पहलगाम हमले के बाद सरकार की रणनीति और निर्णय प्रक्रिया पर नई जानकारी सामने रखी है।
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