Smit Machchhar Biography : 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कॉकपिट के भीतर हुई घटना के बाद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार दुनियाभर में चर्चा में हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वह इस उड़ान के पायलट इन कमांड थे। विमान को घटना के बाद सऊदी अरब के ताबुक की ओर मोड़ा गया और वहां सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। मच्छार की पहचान भारतीय नागरिक और पूर्व स्पाइसजेट पायलट के रूप में हुई है।
करीब डेढ़ दशक का कमर्शियल एविएशन अनुभव
स्मित मच्छार का एविएशन करियर एक दशक से ज्यादा लंबा बताया जाता है। सार्वजनिक प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने करीब 11 वर्ष स्पाइसजेट में काम किया और वहां सीनियर कमांडर के साथ लाइन ट्रेनिंग कैप्टन की भूमिका भी निभाई। इस दौरान वह दूसरे पायलटों की ट्रेनिंग और उनके मूल्यांकन से भी जुड़े रहे। उनके प्रोफाइल में Boeing 737 विमान पर करीब 9,750 उड़ान घंटों का अनुभव दर्ज है।
बचपन में पायलट बनने का सपना नहीं था
स्मित मच्छार की करियर कहानी इसलिए भी अलग है क्योंकि उन्होंने बचपन में पायलट बनने का सपना नहीं देखा था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह कारोबारी परिवार से आते हैं और शुरुआत में परिवार के टेक्सटाइल कारोबार को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे थे। इसी वजह से उन्होंने टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में मैनेजमेंट की दिशा में भी कदम बढ़ाया।
19 साल की उम्र में बदला करियर का रास्ता
मच्छार के मुताबिक, करीब 19 वर्ष की उम्र में एक एविएशन सेमिनार में हिस्सा लेने के बाद उनका करियर प्लान बदल गया। इसी दौरान उन्होंने कमर्शियल पायलट बनने का निर्णय लिया। परिवार में इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं थीं। उनकी मां को शुरुआत में चिंता हुई, जबकि पिता ने उन्हें अपनी पसंद का करियर चुनने और ट्रेनिंग का रास्ता तलाशने की स्वतंत्रता दी।
न्यूजीलैंड में ली पायलट ट्रेनिंग
पायलट बनने की दिशा में आगे बढ़ते हुए मच्छार ने न्यूजीलैंड में फ्लाइंग ट्रेनिंग हासिल की। उन्होंने एक इंटरव्यू/पॉडकास्ट में बताया था कि जब वह ट्रेनिंग के लिए न्यूजीलैंड गए, तब तक यात्री के रूप में भी उनका उड़ान अनुभव बहुत सीमित था। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्होंने कमर्शियल एविएशन में अपना करियर शुरू किया।
पहली उड़ान में रोमांच से ज्यादा जिम्मेदारी महसूस हुई
मच्छार ने बताया कि पायलट के तौर पर उनकी शुरुआती उड़ानों में बेंगलुरु से दिल्ली की उड़ान भी शामिल थी। उस समय वह प्रोबेशन पर थे और उनके साथ एक सीनियर एग्जामिनर मौजूद था। इसलिए पहली उड़ान के दौरान उत्साह के साथ जिम्मेदारी का दबाव भी महसूस हुआ। सार्वजनिक प्रोफाइल के मुताबिक, उनकी Boeing 737 टाइप रेटिंग भारत में FSTC, मानेसर से हुई थी।
स्पाइसजेट में बने सीनियर कमांडर
जून 2011 में स्मित मच्छार ने स्पाइसजेट के साथ अपने एविएशन करियर की शुरुआत की। करीब 11 वर्षों के दौरान वह सीनियर कमांडर के पद तक पहुंचे। बाद में उन्होंने लाइन ट्रेनिंग कैप्टन की जिम्मेदारी संभाली, जिसमें अन्य पायलटों को प्रशिक्षण देने और उनके प्रदर्शन का आकलन करने का काम शामिल था। उनका Boeing 737-800 और Boeing 737 MAX 8/9 विमानों पर भी अनुभव बताया गया है।
2022 में फ्लाईदुबई से जुड़े
स्पाइसजेट में लंबा अनुभव हासिल करने के बाद जून 2022 में मच्छार ने फ्लाईदुबई ज्वाइन की। सार्वजनिक प्रोफाइल के अनुसार, उन्हें डायरेक्ट एंट्री कैप्टन के तौर पर नियुक्त किया गया। फ्लाईदुबई में भी उनका मुख्य अनुभव Boeing 737 फ्लीट से जुड़ा रहा है। उनके प्रोफाइल में क्रू रिसोर्स मैनेजमेंट, फ्लाइट स्टैंडर्ड, रेगुलेटरी कंप्लायंस, पायलट असेसमेंट और मेंटरिंग जैसी विशेषज्ञताओं का उल्लेख मिलता है।
स्मित मच्छार की सैलरी कितनी है
स्मित मच्छार की व्यक्तिगत सैलरी का आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं है। हालांकि, उनके पुराने पॉडकास्ट में भारतीय एविएशन सेक्टर में पायलटों की संभावित कमाई पर चर्चा की गई थी। इसमें नए पायलट, सीनियर फर्स्ट ऑफिसर और कैप्टन के स्तर पर अलग-अलग वेतन का अनुमान बताया गया था। इसलिए इन आंकड़ों को उनकी मौजूदा व्यक्तिगत आय नहीं माना जाना चाहिए।
अब पूरी दुनिया की नजर इस भारतीय कैप्टन पर
फ्लाईदुबई FZ1073 की घटना के बाद स्मित मच्छार का पुराना एविएशन करियर भी चर्चा में आ गया है। Reuters के अनुसार, घटना में घायल होने के बावजूद उन्होंने स्थिति से निपटने में भूमिका निभाई और विमान को सुरक्षित रूप से ताबुक पहुंचाया गया। घटना की परिस्थितियों और मकसद की जांच जारी है।
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