Singing Lemur: मेडागास्कर के घने और नम जंगलों में सुबह का नजारा बेहद खास होता है। सूरज की पहली किरणों के साथ ही जंगल में एक ऐसी आवाज गूंजने लगती है, जिसे सुनकर पहली बार कोई भी हैरान हो सकता है। इसकी आवाज किसी मधुर धुन या संगीत जैसी प्रतीत होती है। हालांकि, यह किसी इंसान की गायकी नहीं बल्कि इंड्री नाम के अनोखे लेमूर की पुकार होती है। इंड्री अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर खास लय में आवाज निकालता है।


दुनिया का सबसे बड़ा जीवित लेमूर
इंड्री को दुनिया का सबसे बड़ा जीवित लेमूर माना जाता है। काले और सफेद रंग के शरीर तथा बेहद छोटी पूंछ के कारण इसकी पहचान आसानी से की जा सकती है। दूसरे लेमूर की तुलना में इसका शरीर और व्यवहार काफी अलग है। इसकी आवाज केवल मनोरंजन जैसी नहीं होती, बल्कि परिवार के सदस्यों के बीच संपर्क बनाए रखने और अपने इलाके के बारे में संकेत देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

सिर्फ मेडागास्कर में पाया जाता है
इंड्री पूरी दुनिया में केवल मेडागास्कर में पाया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम Indri indri है। यह मुख्य रूप से पूर्वी मेडागास्कर के नम और घने जंगलों में रहना पसंद करता है। एक वयस्क इंड्री का वजन लगभग 6 से 9.5 किलोग्राम तक हो सकता है। पेड़ों पर रहने वाला यह जीव जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
करीब दो किलोमीटर तक सुनाई देती है आवाज
इंड्री की सबसे बड़ी खासियत उसकी आवाज है। यह अपने परिवार के साथ मिलकर काफी तेज स्वर में पुकारता है, जिसे जंगल में लगभग दो किलोमीटर की दूरी तक सुना जा सकता है। वैज्ञानिकों ने इसकी आवाज में नियमित लय का अध्ययन किया है और इसमें 1:1 तथा 1:2 जैसी लयबद्ध संरचनाएं पाई हैं। माना जाता है कि इन आवाजों के जरिए इंड्री अपने परिवार को एकजुट रखता और दूसरे समूहों को अपने क्षेत्र की जानकारी देता है।
पत्तियां और फल है मुख्य भोजन
इंड्री का भोजन मुख्य रूप से पेड़ों की कोमल पत्तियों पर निर्भर करता है। इसके अलावा यह फल, फूल, बीज और पेड़ों की छाल भी खाता है। कई बार इंड्री मिट्टी का सेवन भी करता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि मिट्टी खाने से उसे कुछ ऐसे तत्वों से बचाव मिल सकता है, जो उसके शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। जंगल में उपलब्ध वनस्पति ही इसकी रोजमर्रा की खाद्य जरूरतों को पूरा करती है।

छोटे परिवार में रहता है इंड्री
यह प्रजाति आम तौर पर छोटे पारिवारिक समूहों में रहती है। एक समूह में लगभग दो से छह सदस्य हो सकते हैं, जिनमें नर, मादा और उनके बच्चे शामिल होते हैं। इंड्री समाज में मादाओं की भूमिका और सामाजिक स्थिति काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। मादा आमतौर पर दो से तीन साल के अंतराल पर एक बच्चे को जन्म देती है। यही वजह है कि इसकी आबादी तेजी से बढ़ना आसान नहीं है।
जंगलों की कटाई बनी सबसे बड़ी चुनौती
इंड्री के अस्तित्व पर सबसे बड़ा खतरा उसके प्राकृतिक आवास के खत्म होने से पैदा हुआ है। खेती के लिए जंगलों की कटाई, पेड़ों से ईंधन और कोयला तैयार करने जैसी गतिविधियों के कारण इसका प्राकृतिक घर लगातार छोटा हो रहा है। जंगलों के अलग-अलग हिस्सों में बंट जाने से इंड्री के समूहों के बीच संपर्क भी प्रभावित होता है। इसके अलावा शिकार भी इस प्रजाति के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है।
कैद में संरक्षण बेहद मुश्किल
इंड्री को चिड़ियाघर या अन्य कृत्रिम वातावरण में रखना आसान नहीं माना जाता। कैद में इसके सफल प्रजनन को लेकर भी अब तक बड़ी चुनौतियां रही हैं। इसलिए विशेषज्ञों के लिए इसके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखना सबसे महत्वपूर्ण उपाय है। मेडागास्कर के जंगलों का संरक्षण, शिकार पर नियंत्रण और स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाना ही इस अनोखे ‘गायक’ लेमूर को विलुप्त होने से बचाने की दिशा में अहम कदम हो सकते हैं।
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