बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर महंगाई का एक और असर पड़ने वाला है। बिजली की नई दरें इसी महीने से लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को बढ़ा हुआ बिल चुकाना पड़ सकता है। आखिर किन उपभोक्ताओं पर इसका सबसे ज्यादा असर होगा और नई दरों के बाद बिल कितना महंगा होगा?
बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर महंगाई का एक और असर पड़ने वाला है। बिजली की नई दरें इसी महीने से लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को बढ़ा हुआ बिल चुकाना पड़ सकता है। आखिर किन उपभोक्ताओं पर इसका सबसे ज्यादा असर होगा और नई दरों के बाद बिल कितना महंगा होगा?

Electricity Rate Hike: कोरबा में बिजली उपभोक्ताओं को अब बढ़ी हुई दरों का असर सीधे उनके मासिक बिल में दिखाई देगा। नई बिजली दरों को मंजूरी मिलने के बाद अगस्त 2026 से उपभोक्ताओं को संशोधित दरों के आधार पर बिल जारी किए जा रहे हैं। आमतौर पर अलग-अलग बिलिंग सर्कल के अनुसार बिजली बिल तैयार किए जाते हैं और महीने की 10 तारीख के बाद बिल जनरेट होने की प्रक्रिया शुरू होती है। ऐसे में इस महीने से उपभोक्ताओं के हाथ में नई दर वाला बिल पहुंचना शुरू हो गया है।


सीएसपीडीसीएल कोरबा के कार्यपालन अभियंता राजकुमार सोनकर ने बताया कि बिजली की नई दरों को स्वीकृति मिलने के बाद अगस्त महीने में उपभोक्ताओं को संशोधित बिल उपलब्ध कराया जा रहा है। बिल तैयार करते समय बढ़ी हुई दरों के अनुसार बिजली खपत की गणना की जा रही है। इसका मतलब है कि जिन परिवारों की बिजली खपत समान रहेगी, उन्हें भी पिछले महीनों की तुलना में अधिक राशि का भुगतान करना पड़ सकता है।

कोरबा में बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाने का काम भी तेजी से चल रहा है। विभागीय अधिकारी के अनुसार शहर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 60 प्रतिशत स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। विभाग की कोशिश है कि जल्द ही प्रीपेड बिजली व्यवस्था को लागू किया जाए। इससे उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत और भुगतान पर बेहतर नियंत्रण मिल सकेगा, वहीं बिजली विभाग के लिए भी मीटर रीडिंग और बिलिंग प्रक्रिया आसान होगी।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग यानी CSERC ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में औसतन 6.23 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी है। आयोग की मंजूरी के बाद संशोधित दरें 1 जुलाई 2026 से लागू कर दी गई हैं। इसका असर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ बिजली की अन्य श्रेणियों पर भी पड़ा है। नई दरों के कारण आने वाले बिल में बढ़ोतरी होना तय माना जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग खपत स्लैब में दरों में वृद्धि की गई है। जानकारी के अनुसार विभिन्न घरेलू स्लैब में बिजली की कीमत करीब 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ाई गई है। बिजली की खपत जितनी अधिक होगी, बढ़ी हुई दरों का असर मासिक बिल पर उतना ही ज्यादा दिखाई दे सकता है।

0 से 100 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए संशोधित दर 4.40 रुपये प्रति यूनिट बताई गई है। वहीं 101 से 200 यूनिट तक की खपत वाले स्लैब में दर 4.50 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित की गई है। इसके अलावा अधिक खपत वाले अन्य स्लैब में भी अनुपातिक रूप से बिजली की दरें बढ़ाई गई हैं।
बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद घरेलू उपभोक्ताओं और खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि पहले से बढ़ती महंगाई के बीच बिजली बिल में अतिरिक्त बोझ उनके घरेलू बजट को प्रभावित करेगा। अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से बिजली दरों में पर्याप्त वृद्धि नहीं हुई थी, इसलिए इस साल संशोधन किया गया है।
नई दरों के लागू होने के बाद कई उपभोक्ता पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान लागू 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना को याद कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उस समय घरेलू बिजली खर्च में राहत मिलती थी। अब बढ़ी हुई दरों के कारण परिवारों को हर महीने बिजली के लिए पहले की तुलना में ज्यादा राशि खर्च करनी पड़ेगी। आने वाले महीनों में नई दरों का वास्तविक असर उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर और स्पष्ट दिखाई देगा।
Read More : Road Accident : रायपुर-जगदलपुर हाईवे पर दर्दनाक हादसा, नाबालिग की मौत, हैदराबाद में रहता परिवार


© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company.
Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.