Dengue Prevention: डेंगू एक मच्छर जनित बीमारी है, जो मुख्य रूप से एडीज मच्छर के काटने से फैलती है। इसे आम बोलचाल में ‘हड्डी तोड़ बुखार’ भी कहा जाता है, क्योंकि संक्रमण के दौरान तेज बुखार के साथ मांसपेशियों और जोड़ों में काफी दर्द हो सकता है। मानसून के दौरान और इसके बाद जलभराव बढ़ने से डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के पनपने का खतरा भी बढ़ जाता है। अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, उल्टी, त्वचा पर लाल चकत्ते और अत्यधिक थकान इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हो सकते हैं।
घर में मरीज मिलने पर मच्छरों से बचाव सबसे जरूरी
यदि परिवार में किसी व्यक्ति को डेंगू हो जाता है तो केवल उसकी देखभाल करना पर्याप्त नहीं है। परिवार के अन्य सदस्यों को भी मच्छरों से बचाव के उपाय तुरंत शुरू कर देने चाहिए। डेंगू सामान्य रूप से सीधे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता। संक्रमित व्यक्ति को काटने वाला एडीज मच्छर जब किसी दूसरे स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तब संक्रमण फैल सकता है। इसलिए मरीज और परिवार के बाकी लोगों को मच्छरों से सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण है।
डेंगू मरीज को दिन में भी मच्छरदानी में रखें
बीमारी के शुरुआती चरण में संक्रमित व्यक्ति के रक्त में वायरस मौजूद हो सकता है। इसलिए मरीज को आराम कराते समय केवल रात में ही नहीं, बल्कि दिन में भी मच्छरों से बचाना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार कमरे में सुरक्षित मच्छर भगाने वाले उपाय किए जा सकते हैं। खिड़की और दरवाजों पर जाली लगाने से भी मच्छरों को कमरे में आने से रोकने में मदद मिल सकती है।
परिवार के सदस्य भी दिन में रहें सावधान
डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर आमतौर पर दिन के समय अधिक सक्रिय रहता है। इसलिए परिवार के सदस्यों को दिन में भी सावधानी बरतनी चाहिए। खासतौर पर सुबह और शाम के समय अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। शरीर को ढकने वाले, पूरी बांह के कपड़े पहनना और प्रभावी मच्छर रिपेलेंट का इस्तेमाल करना संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
घर में कहीं भी जमा पानी तुरंत हटाएं
डेंगू की रोकथाम के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने देना बेहद जरूरी है। कूलर, गमले, बाल्टियां, पुराने टायर, बोतलें और खुले कंटेनर मच्छरों के प्रजनन स्थल बन सकते हैं। पानी रखने वाले बर्तनों को ढककर रखना चाहिए। साथ ही उन्हें नियमित रूप से खाली करके अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। WHO की सलाह के मुताबिक घरेलू पानी के कंटेनरों को कम से कम सप्ताह में एक बार खाली और साफ किया जाना चाहिए।
मरीज को पर्याप्त आराम और तरल पदार्थ दें
डेंगू से पीड़ित व्यक्ति को पर्याप्त आराम देना और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देना महत्वपूर्ण है। मरीज को डॉक्टर की सलाह के अनुसार पर्याप्त तरल पदार्थ दिए जा सकते हैं। किसी भी दवा का सेवन चिकित्सकीय सलाह के बाद ही करना चाहिए। खासतौर पर दर्द या बुखार की दवा खुद से लेने के बजाय डॉक्टर से उचित दवा और उसकी मात्रा के बारे में जानकारी लेना बेहतर है।
Aspirin और Ibuprofen से खुद इलाज न करें
डेंगू के दौरान Aspirin और Ibuprofen जैसी दवाओं से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इनसे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए बुखार या शरीर में दर्द होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेना नुकसानदायक हो सकता है। मरीज की स्थिति और जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर ही उपचार की सही दिशा तय करते हैं।
गंभीर लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाएं
डेंगू में कुछ लक्षण गंभीर स्थिति का संकेत हो सकते हैं। तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, अत्यधिक कमजोरी, तेज सांस चलना या खून वाली उल्टी अथवा मल जैसे लक्षण दिखाई दें तो देरी नहीं करनी चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करना जरूरी है। डेंगू से बचाव में मरीज की सुरक्षा के साथ पूरे परिवार को मच्छरों से बचाना सबसे अहम कदम है।
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