CG Mahua Liquor Factory : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में अवैध महुआ शराब के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला स्तरीय आबकारी टीम ने खैरबार इलाके में लंबे समय से संचालित बताई जा रही एक अवैध शराब भट्ठी पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान मौके से भारी मात्रा में महुआ लाहन और तैयार शराब बरामद की गई। विभाग के अनुसार, जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब ढाई लाख रुपये आंकी गई है। मामले में एक महिला को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।
खैरबार में लंबे समय से चल रही थी अवैध भट्ठी
आबकारी विभाग को खैरबार क्षेत्र में अवैध तरीके से महुआ शराब बनाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर जिला स्तरीय टीम ने संबंधित स्थान पर छापेमारी की। टीम के पहुंचते ही वहां शराब बनाने की गतिविधियां सामने आईं। अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर बड़े स्तर पर शराब तैयार करने की व्यवस्था की गई थी।
कमरे के भीतर मिलीं पांच अवैध शराब भट्ठियां
जांच के दौरान आबकारी टीम को एक कमरे के अंदर पांच भट्ठियां लगी हुई मिलीं। इन भट्ठियों के जरिए महुआ से शराब तैयार की जा रही थी। मौके पर रखे 34 ड्रमों में बड़ी मात्रा में महुआ लाहन भरा हुआ था। इससे अंदाजा लगाया गया कि यहां लंबे समय से शराब बनाने और उसे तैयार करने का काम चल रहा था।
4700 किलो महुआ लाहन और 135 लीटर शराब जब्त
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मौके से करीब 4700 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया। इसके अलावा 135 लीटर तैयार महुआ शराब भी जब्त की गई। शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे अन्य उपकरण और सामग्री को भी आबकारी विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया। विभाग के अनुसार, जब्त किए गए पूरे माल की अनुमानित कीमत लगभग ढाई लाख रुपये है।
महिला आरोपी अमृता केरकेट्टा गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान आबकारी टीम ने मौके से अमृता केरकेट्टा नाम की महिला को गिरफ्तार किया। विभाग ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों के मुताबिक, लगाए गए प्रावधानों के तहत यह गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है। गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बड़े पैमाने पर शराब निर्माण के संकेत
मौके पर मिली भारी मात्रा में महुआ लाहन, तैयार शराब और शराब बनाने के उपकरणों से अवैध कारोबार के बड़े स्तर पर संचालित होने की आशंका जताई जा रही है। आबकारी विभाग का कहना है कि भट्ठी कथित तौर पर काफी समय से चल रही थी। अब जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
दूसरे आरोपियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है। पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अवैध शराब कारोबार से जुड़े दूसरे लोगों की पहचान की जा सकती है। यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग पूरे नेटवर्क और शराब की संभावित सप्लाई से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रहा है।
कोतवाली के करीब चल रहा था अवैध कारोबार
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर कथित तौर पर लंबे समय से अवैध शराब बनाने का काम चल रहा था, वह कोतवाली से ज्यादा दूर नहीं है। ऐसे में स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि इतने समय तक चल रहे इस कारोबार की जानकारी पुलिस तक क्यों नहीं पहुंची।
आबकारी कार्रवाई के बाद बढ़ी निगरानी
आबकारी विभाग की छापेमारी के बाद इलाके में अवैध शराब के खिलाफ निगरानी बढ़ाए जाने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि शराब बनाने और उसकी बिक्री से जुड़े अन्य संभावित ठिकानों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल जब्ती और गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी कर ली गई है, जबकि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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