Sergio Gor Ladakh Visit : श्रीनगर के बाद लद्दाख पहुंचे सर्जियो गोर, थिकसे मोनेस्ट्री देखकर हुए अभिभूत

श्रीनगर दौरे के बाद सर्जियो गोर लद्दाख पहुंचे, जहां उन्होंने ऐतिहासिक थिकसे मोनेस्ट्री का दौरा किया। 15वीं सदी में निर्मित इस प्रसिद्ध बौद्ध मठ की वास्तुकला, धार्मिक परंपरा और प्राकृतिक परिवेश ने उन्हें प्रभावित किया। उनके लद्दाख दौरे से क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और भारत-अमेरिका संपर्क भी चर्चा में आया।

Sergio Gor Ladakh Visit : भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर शुक्रवार को लद्दाख पहुंचे और उन्होंने प्रसिद्ध थिकसे मोनेस्ट्री का दौरा किया। पहाड़ी पर स्थित यह ऐतिहासिक बौद्ध मठ मध्य लद्दाख के सबसे प्रमुख और बड़े मठों में शामिल है। अपनी वास्तुकला के कारण थिकसे मोनेस्ट्री को तिब्बत के प्रसिद्ध पोटोला पैलेस से मिलता-जुलता माना जाता है। लेह से लगभग 19 किलोमीटर दूर स्थित इस मठ का निर्माण वर्ष 1433 में हुआ था। गोर इससे पहले श्रीनगर के दौरे पर थे।

ads
Adst

सदियों पुरानी विरासत और कलाकृतियों का केंद्र है मठ

थिकसे मोनेस्ट्री अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। मठ परिसर में सदियों पुरानी कलाकृतियां, स्तूप, थंका चित्र और भित्तिचित्र मौजूद हैं। यहां 1980 के दशक में स्थापित मैत्रेय बुद्ध की करीब 15 मीटर यानी 48 फीट ऊंची प्रतिमा भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। मठ की दीवारों और कमरों में मौजूद कलात्मक विरासत बौद्ध संस्कृति की समृद्ध परंपरा को दर्शाती है।

Adst

सुबह की प्रार्थना और पहाड़ों का मनमोहक दृश्य

थिकसे मोनेस्ट्री में प्रतिदिन होने वाली सुबह की प्रार्थना इसकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इस प्रार्थना में शामिल होकर यहां के शांत और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करते हैं। मठ से आसपास के पहाड़ी गांवों का खूबसूरत नजारा दिखाई देता है। इसके अलावा पृष्ठभूमि में बहती सिंधु नदी और ऊंचे पहाड़ इस स्थान की प्राकृतिक सुंदरता को और खास बनाते हैं।

गलवान संघर्ष के बाद अमेरिकी राजनयिक का अहम दौरा

सर्जियो गोर गुरुवार को लेह पहुंचे थे। लद्दाख पहुंचने से पहले उन्होंने जम्मू-कश्मीर में कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। वर्ष 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प तथा उसके बाद जारी सीमा गतिरोध को देखते हुए उनका लद्दाख दौरा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। किसी शीर्ष अमेरिकी राजनयिक का इस संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में पहुंचना भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से भी खास माना जा रहा है।

कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया

लद्दाख जाने से पहले अमेरिकी राजदूत ने श्रीनगर में कई स्तरों पर बैठकें कीं और क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर को लेकर नई दिल्ली के रुख के अनुरूप बयान दिया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ उच्चस्तरीय बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में गोर ने कश्मीर को भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि यह उनकी पहली कश्मीर यात्रा है और उन्हें यह क्षेत्र बेहद खूबसूरत लगा।

Adst

भारत-अमेरिका संबंध मजबूत करने की जताई उम्मीद

उमर अब्दुल्ला के साथ बैठक को लेकर सर्जियो गोर ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण रही और दोनों देश अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। राजदूत के बयान को भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। विशेष रूप से सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी के संदर्भ में इस यात्रा पर नजर बनी हुई है।

15 साल बाद अमेरिकी राजदूत की ऐसी मुलाकात

सर्जियो गोर और उमर अब्दुल्ला की बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि लंबे अंतराल के बाद किसी पदस्थ अमेरिकी राजदूत और जम्मू-कश्मीर के मौजूदा मुख्यमंत्री के बीच ऐसी मुलाकात हुई। इससे पहले वर्ष 2011 में तत्कालीन अमेरिकी राजदूत टिमोथी रोमर ने उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की थी। कश्मीर की स्वतंत्र यात्रा करने वाले अंतिम अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर थे, जिन्होंने 2018 में यहां दौरा किया था।

PoJK में विरोध प्रदर्शनों के बीच यात्रा

सर्जियो गोर का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में स्थानीय लोगों के विरोध-प्रदर्शन की खबरें सामने आ रही हैं। इस घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राजदूत का लद्दाख और जम्मू-कश्मीर दौरा क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साथ ही, भारत और अमेरिका के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग को लेकर हाल में हुई उच्चस्तरीय बातचीत के बाद दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को लेकर भी इस यात्रा को अहम संकेत माना जा रहा है।

भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी पर नजर

सर्जियो गोर के लद्दाख और जम्मू-कश्मीर दौरे ने भारत-अमेरिका संबंधों के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को एक साथ सामने ला दिया है। एक ओर उन्होंने क्षेत्र की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को करीब से देखा, वहीं दूसरी ओर कश्मीर पर भारत के रुख का समर्थन किया। लद्दाख जैसे रणनीतिक क्षेत्र की यात्रा और स्थानीय नेतृत्व से बातचीत आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सुरक्षा तथा कूटनीतिक सहयोग के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

Read More : Amit Shah Siliguri: ‘सीमाएं सुरक्षित हुए बिना भारत सुरक्षित नहीं’, गृह मंत्री ने दिया बड़ा संदेश

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट
अगला पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.

Adst