India Pakistan Tension: भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर की गई कार्रवाई को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर लेन में मौजूद कुछ अस्थायी ढांचों को हटाना एक जरूरी और अनुपातिक कदम था। यह कार्रवाई इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा कुछ ढांचे हटाए जाने के जवाब में की गई।
इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर हटाए गए ढांचे
यह विवाद कुछ दिन पहले शुरू हुआ, जब पाकिस्तान के अधिकारियों ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर पार्किंग से जुड़े पोल और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित कुछ अस्थायी ढांचे हटा दिए थे। भारत ने पाकिस्तानी अधिकारियों से इन संरचनाओं को हटाने से परहेज करने का अनुरोध किया था। इसके बावजूद वहां कार्रवाई किए जाने के बाद भारत ने भी नई दिल्ली में स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर इसी तरह के अस्थायी ढांचों को हटाने का फैसला किया।
विदेश मंत्रालय ने बताया जरूरी कार्रवाई
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इस पूरे घटनाक्रम पर भारत का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के सामने पार्किंग सुविधा के लिए लगाए गए कुछ ढांचों को हटाया गया था। भारत ने पहले पाकिस्तान से ऐसा कदम नहीं उठाने का अनुरोध किया था। जब अनुरोध के बावजूद कार्रवाई की गई, तो भारत ने भी उसके जवाब में कदम उठाया।
नई दिल्ली में पाक हाई कमीशन के बाहर कार्रवाई
रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर की गई कार्रवाई के बाद नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर वाली लेन में मौजूद कुछ अस्थायी ढांचों को हटा दिया गया। विदेश मंत्रालय ने इसे परिस्थितियों के अनुरूप जरूरी कार्रवाई बताया। भारत के इस कदम को दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर पर बढ़ते तनाव की एक और कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
भारत-पाकिस्तान के रिश्ते पहले से तनावपूर्ण
भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। सीमा सुरक्षा, आतंकवाद और जम्मू-कश्मीर जैसे मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच लगातार मतभेद बने हुए हैं। ऐसे माहौल में दोनों देशों के राजनयिक परिसरों के आसपास किसी भी तरह की कार्रवाई संवेदनशील मानी जाती है। नई दिल्ली और इस्लामाबाद में एक-दूसरे के उच्चायोगों से जुड़े मामलों पर दोनों देश लगातार नजर रखते हैं।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ा तनाव
दोनों देशों के संबंधों में अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद तनाव और बढ़ गया था। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। मृतकों में नेपाल का एक नागरिक भी शामिल था। घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तथा कूटनीतिक संबंधों में तनाव की स्थिति और गंभीर हो गई थी।
राजनयिक स्तर पर बढ़ रही है सख्ती
नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग और इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग से जुड़े हालिया घटनाक्रम बताते हैं कि दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में अभी भी सहजता नहीं आई है। एक देश द्वारा उठाए गए कदम के बाद दूसरे देश की ओर से जवाबी कार्रवाई किए जाने से स्थिति और संवेदनशील हो सकती है। ऐसे में दोनों पक्षों के बयान और भविष्य में उठाए जाने वाले कदम महत्वपूर्ण होंगे।
भारत ने अनुपातिक कार्रवाई का दिया संदेश
विदेश मंत्रालय के बयान से स्पष्ट है कि भारत अपनी कार्रवाई को किसी नए विवाद की शुरुआत के बजाय जवाबी और जरूरी कदम के रूप में पेश कर रहा है। नई दिल्ली का कहना है कि पहले पाकिस्तान की ओर से कार्रवाई हुई और भारत ने उसके बाद समान प्रकृति का कदम उठाया। अब दोनों देशों के बीच आगे किसी तरह की नई कार्रवाई होती है या नहीं, इस पर नजर बनी हुई है।
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