Jharkhand News : झारखंड के रामगढ़ जिले से शुक्रवार देर रात एक बेहद दर्दनाक औद्योगिक हादसे की खबर सामने आई है। पतरातू प्रखंड के बरकाकाना ओपी क्षेत्र के हेहल स्थित मां छिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड की स्पंज-आयरन फैक्ट्री में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके के तुरंत बाद पावर प्लांट यूनिट में भीषण आग फैल गई। आग की चपेट में आने से तीन इंजीनियर बुरी तरह झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया।
धमाके के बाद फैक्ट्री परिसर में मची अफरा-तफरी
बताया जा रहा है कि हादसा शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात प्रोडक्शन का काम चलने के दौरान हुआ। अचानक पावर प्लांट यूनिट में तेज आवाज के साथ विस्फोट हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि कुछ ही पलों में फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। विस्फोट के बाद लगी आग तेजी से फैलने लगी। उस समय नाइट शिफ्ट में बड़ी संख्या में कर्मचारी काम कर रहे थे। आग और धमाके की भयावह स्थिति देखकर कई मजदूर वहां से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।
ओवरहीटिंग को बताया जा रहा है ब्लास्ट का कारण
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पावर प्लांट यूनिट में अत्यधिक गर्मी यानी ओवरहीटिंग के कारण यह विस्फोट होने की बात सामने आई है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी प्रबंधन पर कई गंभीर सवाल उठने लगे हैं। यह भी जांच का विषय है कि यूनिट में तापमान और मशीनरी की निगरानी के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए थे या नहीं।
दमकल की कई गाड़ियों ने आग पर पाया काबू
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। आग की गंभीरता को देखते हुए रामगढ़ से चार से पांच दमकल वाहनों को बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। आग बुझाने के बाद फैक्ट्री परिसर में राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे से जुड़े तथ्यों को जुटाना शुरू कर दिया है।
घायल मजदूर अस्पताल में भर्ती, डॉक्टर कर रहे निगरानी
हादसे में हजारीबाग निवासी तरुण रजवार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल इलाज के लिए रांची रोड स्थित दि हॉप हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की टीम घायल मजदूर का उपचार कर रही है और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हादसे में घायल कर्मचारी के स्वास्थ्य को लेकर परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
हादसे में तीन कर्मचारियों ने गंवाई जान
विस्फोट और आग की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हुई है। मृतकों में रांची निवासी और फैक्ट्री के शिफ्ट इंचार्ज संजीव कुमार केसरी शामिल हैं, जिनकी उम्र करीब 50 वर्ष बताई गई है। इसके अलावा बोकारो के जगेश्वर बिहार निवासी 25 वर्षीय विनीत महतो और गढ़वा निवासी 24 वर्षीय अभिषेक पांडेय की भी हादसे में जान चली गई। तीनों कर्मचारी फैक्ट्री में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर तैनात थे।
फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप
हादसे के बाद फैक्ट्री के पावर प्लांट यूनिट इंचार्ज अनुराग त्रिपाठी ने प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना प्रबंधन की लापरवाही का परिणाम है। उनके मुताबिक, पावर प्लांट में ओवरहीटिंग की समस्या पहले से सामने आ रही थी। यूनिट का तापमान नियंत्रित रखने के लिए प्रबंधन से कई बार एसी लगाने का अनुरोध किया गया था, लेकिन कथित तौर पर इस मांग पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया।
ग्रामीणों और कर्मचारियों ने मुआवजे की मांग उठाई
शनिवार सुबह हादसे की जानकारी आसपास के इलाकों में फैलते ही ग्रामीणों और फैक्ट्री कर्मचारियों की बड़ी संख्या मुख्य गेट पर जमा हो गई। आक्रोशित लोगों ने मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने और प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने फैक्ट्री गेट जाम करने की कोशिश भी की। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन प्रदर्शनकारियों को समझाने और स्थिति सामान्य करने का प्रयास कर रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था की जांच से सामने आएगी हादसे की सच्चाई
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। हादसे की वजह, सुरक्षा मानकों के पालन और फैक्ट्री प्रबंधन की भूमिका की जांच की जा रही है। तीन कर्मचारियों की मौत के बाद औद्योगिक सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। अब जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि आखिर पावर प्लांट यूनिट में किस वजह से तापमान इतना बढ़ा और क्या समय रहते जरूरी सुरक्षा कदम उठाए गए थे।
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