Shadowfax Share : अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनी Qualcomm Incorporated ने लॉजिस्टिक्स कंपनी Shadowfax Technologies में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच दिया है। यह बिक्री ओपन-मार्केट ट्रांजेक्शन के जरिए की गई। स्टॉक एक्सचेंज पर उपलब्ध बल्क डील के आंकड़ों के अनुसार, Qualcomm की सब्सिडियरी Qualcomm Asia Pacific Pte ने Shadowfax Technologies के 75 लाख शेयर बेचे हैं। इन शेयरों की संख्या कंपनी की कुल हिस्सेदारी के करीब 1.28 प्रतिशत के बराबर है।
245.13 रुपये प्रति शेयर के भाव पर हुआ सौदा
बल्क डील के तहत Qualcomm Asia Pacific Pte ने Shadowfax के शेयर 245.13 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर बेचे। इस तरह पूरे ट्रांजेक्शन की कुल वैल्यू करीब 183.8 करोड़ रुपये रही। बाजार में इस बड़े सौदे पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। हिस्सेदारी बिक्री की खबर सामने आने के बाद आने वाले कारोबारी सत्र में Shadowfax के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
जून तक Qualcomm के पास थी 2.26% हिस्सेदारी
जून 2026 तक उपलब्ध शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के मुताबिक, Qualcomm Asia Pacific Pte के पास Shadowfax Technologies में 2.26 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। अब 1.28 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री के बाद कंपनी की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय कमी आई है। यह डेवलपमेंट ऐसे समय में हुआ है, जब Shadowfax में कुछ अन्य बड़े निवेशकों ने भी चालू जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान अपनी हिस्सेदारी घटाई है।
कई बड़े निवेशकों ने भी बेचे Shadowfax के शेयर
Shadowfax में हाल के दिनों में कई बड़े निवेशकों की हिस्सेदारी बिक्री सामने आई है। आंकड़ों के अनुसार, Newvest Asia Fund IV (Singapore) ने 6 अगस्त को कंपनी की 2.13 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची थी। इसके अलावा Flipkart Internet ने 5.48 प्रतिशत और Et Roads Investments Mauritius II ने 24 जुलाई को Shadowfax में अपनी 7.67 प्रतिशत हिस्सेदारी कम की थी। इन सौदों के कारण भी कंपनी के शेयर पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
Flipkart के लिए अहम लॉजिस्टिक्स पार्टनर है Shadowfax
Shadowfax Technologies, Flipkart के प्रमुख लास्ट-माइल डिलीवरी पार्टनर्स में शामिल है। कंपनी हाइपरलोकल और ई-कॉमर्स शिपमेंट की डिलीवरी से जुड़े समाधान उपलब्ध कराती है। खासतौर पर पीक डिमांड के दौरान जब ई-कॉमर्स कंपनियों के अपने लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पर दबाव बढ़ जाता है, तब Shadowfax की सेवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
कंपनी का नेतृत्व अभिषेक बंसल और वैभव खंडेलवाल के हाथों में
Shadowfax के प्रमोटरों में अभिषेक बंसल और वैभव खंडेलवाल शामिल हैं। अभिषेक बंसल कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर हैं। वहीं वैभव खंडेलवाल होल टाइम डायरेक्टर और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। कंपनी टेक्नोलॉजी आधारित लॉजिस्टिक्स सेवाओं के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों के ग्राहकों को डिलीवरी समाधान उपलब्ध कराती है।
छह महीने में 120 प्रतिशत चढ़ चुका है शेयर
शुक्रवार, 21 अगस्त को BSE पर Shadowfax Technologies का शेयर 255.45 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। कंपनी जनवरी 2026 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी और इसका IPO करीब 1,907.27 करोड़ रुपये का था। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 14,900 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर ने छह महीने में करीब 120 प्रतिशत और तीन महीने में लगभग 24 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
प्रमोटर्स के पास 16.51 प्रतिशत हिस्सेदारी
जून 2026 के अंत तक Shadowfax Technologies में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 16.51 प्रतिशत थी। कंपनी की बाजार में हालिया लिस्टिंग और शेयर की मजबूत तेजी के बीच बड़े निवेशकों की हिस्सेदारी बिक्री को निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, केवल किसी एक ब्लॉक डील के आधार पर शेयर के भविष्य की दिशा तय करना उचित नहीं होगा।
कई सेक्टरों को लॉजिस्टिक्स सेवाएं देती है कंपनी
Shadowfax अलग-अलग प्रकार के एंटरप्राइज क्लाइंट्स को लॉजिस्टिक्स सेवाएं उपलब्ध कराती है। इसके ग्राहकों में हॉरिजॉन्टल और नॉन-हॉरिजॉन्टल ई-कॉमर्स कंपनियां, क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म, फूड मार्केटप्लेस और ऑन-डिमांड मोबिलिटी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी एक्सप्रेस फॉरवर्ड पार्सल डिलीवरी, रिवर्स पिकअप, ऑन-डिमांड हाइपरलोकल डिलीवरी और क्रिटिकल लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन जैसी सेवाएं देती है।
जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा 66.20 करोड़ रुपये
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो अप्रैल-जून 2026 तिमाही में Shadowfax Technologies का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 1,323.85 करोड़ रुपये रहा। इसी अवधि में कंपनी ने 66.20 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। वहीं, वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 4,080.35 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 115.18 करोड़ रुपये रहा। ऐसे में अब निवेशकों की नजर हिस्सेदारी बिक्री के बाद कंपनी के शेयर प्रदर्शन और आगामी वित्तीय नतीजों पर रहेगी।
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