Nazia Khanam Death : रक्षा मंत्रालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत 30 वर्षीय नाजिया खानम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों ने उसके पति और ससुराल के अन्य सदस्यों पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि नाजिया तीन महीने की गर्भवती थी। मौत की परिस्थितियों को लेकर परिजन लगातार सवाल उठा रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
अप्रैल में हुई थी नाजिया की शादी
मृतका के भाई शादाब खान के अनुसार, नाजिया खानम की शादी 11 अप्रैल 2026 को आजम अली खान के साथ हुई थी। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही नाजिया को ससुराल में कथित तौर पर परेशान किया जा रहा था। परिजनों का दावा है कि पति, सास-ससुर और परिवार के अन्य सदस्यों की ओर से उसके साथ मारपीट, प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी दिए जाने जैसी घटनाएं हुईं।
तड़के ससुर ने फोन कर दी मौत की जानकारी
परिवार के मुताबिक, 21 अगस्त की सुबह करीब चार बजे नाजिया के ससुर ने फोन करके उसकी मौत की सूचना दी। परिजनों को बताया गया कि नाजिया ने आत्महत्या कर ली है। हालांकि, परिवार इस दावे से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि नाजिया की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी गहराई से जांच होना जरूरी है। परिजनों ने मौत को लेकर कई सवाल उठाते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस पर FIR दर्ज नहीं करने का आरोप
नाजिया के परिवार ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि वे लगातार द्वारका सेक्टर-23 थाने के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायत के आधार पर अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है। परिवार ने थाना प्रभारी और जांच से जुड़े अधिकारियों सतपाल तथा जयपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ जांच की मांग की है।
परिवार ने CBI जांच की मांग उठाई
मृतका के परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उन्हें न्याय का भरोसा नहीं मिलता, वे शव लेने से इनकार करेंगे। परिवार का कहना है कि उन्हें स्थानीय पुलिस की जांच पर विश्वास नहीं है। इसी वजह से उन्होंने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI से कराने की मांग उठाई है। परिजन चाहते हैं कि मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों और कथित प्रताड़ना के आरोपों की स्वतंत्र जांच हो।
संघर्ष के बाद सरकारी नौकरी तक पहुंची थी नाजिया
परिवार के अनुसार, नाजिया ने बेहद संघर्षपूर्ण परिस्थितियों में अपनी पढ़ाई पूरी की और मेहनत के दम पर SSC CGL परीक्षा पास की थी। इसके बाद वह केंद्र सरकार में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के पद तक पहुंची। नाजिया के पिता अब्दुल तौवाब खान ट्रक ड्राइवर हैं। परिवार का कहना है कि सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद नाजिया ने मेहनत करके अपने लिए एक बेहतर भविष्य बनाया था।
पति और ससुराल वालों पर कार्रवाई की मांग
नाजिया के पिता और अन्य परिजनों ने पति, सास-ससुर समेत ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में FIR दर्ज करने की मांग की है। परिवार का आरोप है कि यदि नाजिया को प्रताड़ित किया गया था तो उसकी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। परिजनों ने मामले में सभी आरोपों की जांच की मांग की है।
पुलिस की भूमिका की भी हो उच्चस्तरीय जांच
परिवार ने केवल ससुराल पक्ष ही नहीं, बल्कि स्थानीय पुलिस की भूमिका की भी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद कार्रवाई में देरी हुई। उनका कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से तभी संभव होगी, जब पुलिस की भूमिका और ससुराल पक्ष पर लगाए गए आरोपों दोनों की स्वतंत्र रूप से पड़ताल की जाए।
न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान
नाजिया के परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी ने कठिन परिस्थितियों से निकलकर सरकारी नौकरी हासिल की थी, लेकिन अब उसकी मौत के बाद परिवार को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। परिवार ने दोहराया है कि जब तक उन्हें निष्पक्ष जांच और न्याय का भरोसा नहीं मिलता, वे पीछे नहीं हटेंगे। फिलहाल मामले में पुलिस जांच और परिवार की मांगों पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
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