Karn Sharma Retirement: भारतीय क्रिकेट के अनुभवी लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने 38 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय और भारतीय घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। उन्होंने यह घोषणा यूपी टी-20 लीग में कानपुर सुपरस्टार्स और मेरठ मावेरिक्स के बीच 22 अगस्त को खेले गए मुकाबले के बाद की। कर्ण अब 25 अगस्त को लखनऊ लेग में कानपुर सुपरस्टार्स की ओर से अपना विदाई मुकाबला खेलेंगे। इसके बाद उनके करीब दो दशक लंबे क्रिकेट करियर का औपचारिक रूप से अंत हो जाएगा।
विदाई मैच के बाद नई भूमिका में नजर आएंगे
संन्यास की घोषणा करते हुए कर्ण शर्मा ने अपने क्रिकेट सफर में साथ देने वाले परिवार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), रेलवे, उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ, आंध्र प्रदेश और विदर्भ क्रिकेट संघ के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट से पूरी तरह दूरी बनाने के बजाय वह भविष्य में कोचिंग और खेल से जुड़ी अन्य जिम्मेदारियों के लिए उपलब्ध रहेंगे। यानी संन्यास के बाद भी उनका क्रिकेट से जुड़ाव जारी रहने की संभावना है।
2014 में भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में मिला मौका
कर्ण शर्मा का अंतरराष्ट्रीय करियर लंबा नहीं रहा, लेकिन इस दौरान उन्हें भारतीय क्रिकेट के कई यादगार मुकाबलों का हिस्सा बनने का अवसर मिला। वर्ष 2014 में शानदार आईपीएल प्रदर्शन के बाद उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में टी-20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का मौका मिला। अपने पहले ही मुकाबले में उन्होंने इंग्लैंड के बल्लेबाज जो रूट का महत्वपूर्ण विकेट हासिल किया और अपनी गेंदबाजी से प्रभाव छोड़ा।
रोहित शर्मा की ऐतिहासिक पारी वाले मैच में वनडे डेब्यू
टी-20 के बाद कर्ण शर्मा ने उसी वर्ष कोलकाता में श्रीलंका के खिलाफ वनडे क्रिकेट में भी पदार्पण किया। यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट इतिहास के लिए बेहद खास रहा, क्योंकि इसी मैच में रोहित शर्मा ने 264 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। रोहित की उस रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी के बीच कर्ण को भी अंतरराष्ट्रीय वनडे करियर शुरू करने का मौका मिला।
विराट कोहली की कप्तानी में खेला एकमात्र टेस्ट
कर्ण शर्मा को टेस्ट क्रिकेट में भी भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला। विराट कोहली की टेस्ट कप्तानी के शुरुआती दौर में उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था। उस मुकाबले में उन्होंने अनुभवी रविचंद्रन अश्विन की जगह टीम में स्थान बनाया और कुल चार विकेट हासिल किए। हालांकि, यह मुकाबला उनके टेस्ट करियर का पहला और आखिरी टेस्ट साबित हुआ।
2007 में शुरू हुआ घरेलू क्रिकेट का सफर
कर्ण शर्मा ने वर्ष 2007 में रेलवे की ओर से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद लगभग 19 वर्षों तक उन्होंने भारतीय घरेलू क्रिकेट में अपनी सेवाएं दीं। रेलवे के अलावा वह आंध्र और विदर्भ जैसी टीमों के लिए भी खेले। लंबे घरेलू करियर के दौरान उन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों में अपनी लेग स्पिन से टीमों के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
आईपीएल में चार बार चैंपियन बनने का गौरव
कर्ण शर्मा का टी-20 क्रिकेट और विशेष रूप से आईपीएल करियर भी काफी सफल रहा। उन्होंने अपने करियर में चार बार आईपीएल ट्रॉफी जीती। उनके करियर का सबसे खास दौर 2016 से 2018 के बीच रहा, जब उन्होंने लगातार तीन अलग-अलग टीमों के साथ खिताब अपने नाम किया। 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद, 2017 में मुंबई इंडियंस और 2018 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ वह चैंपियन बने।
क्रिकेट से विदाई, लेकिन खेल से रिश्ता रहेगा कायम
कर्ण शर्मा ने अपने संन्यास के फैसले के साथ क्रिकेट के मैदान पर अपने लंबे सफर को विराम देने का निर्णय लिया है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वह कोचिंग और क्रिकेट से जुड़ी दूसरी जिम्मेदारियों के लिए उपलब्ध रहेंगे। ऐसे में आने वाले समय में वह युवा खिलाड़ियों को अपनी विशेषज्ञता और अनुभव साझा करते नजर आ सकते हैं।
25 अगस्त को खेलेंगे अपना आखिरी मुकाबला
कर्ण शर्मा के प्रशंसकों के लिए अब 25 अगस्त का मुकाबला विशेष होने वाला है। लखनऊ लेग में कानपुर सुपरस्टार्स के लिए खेला जाने वाला यह मैच उनके घरेलू क्रिकेट करियर का विदाई मुकाबला होगा। करीब 19 साल के घरेलू सफर, भारत के लिए तीनों प्रारूपों में खेलने और चार आईपीएल खिताब जीतने के बाद कर्ण अब क्रिकेट के अगले अध्याय की ओर बढ़ेंगे।
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