Police-Students Clash: झारखंड में सरकारी नौकरियों और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद अब पुलिस कार्रवाई भी बढ़ गई है। गिरिडीह और हजारीबाग में प्रदर्शन से जुड़े मामलों में कुल 28 नामजद और करीब 900 अज्ञात लोगों के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। इससे पहले रांची में भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
गिरिडीह में दो एफआईआर दर्ज
अधिकारियों के मुताबिक, गिरिडीह में शुक्रवार और शनिवार को प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों को लेकर टाउन पुलिस स्टेशन में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस के साथ विवाद की घटनाओं को आधार बनाकर कार्रवाई की है। मामले में 28 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि बड़ी संख्या में अज्ञात प्रदर्शनकारियों को भी आरोपी बनाया गया है।
हजारीबाग में भी पुलिस से झड़प का मामला
हजारीबाग में भी प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ कथित मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में एक एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में करीब 900 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब प्रदर्शन से जुड़े वीडियो, मौके पर मौजूद लोगों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
रांची में पहले ही दर्ज हो चुकी हैं तीन एफआईआर
गिरिडीह और हजारीबाग से पहले रांची में भी छात्रों के प्रदर्शन को लेकर तीन एफआईआर दर्ज की गई थीं। कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज इन मामलों में 14 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया, जबकि 200 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया। रांची सिटी एसपी पारस राणा ने शनिवार को इन एफआईआर की जानकारी दी थी।
सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप
पुलिस के अनुसार, रांची में दर्ज तीन मामलों में से एक एफआईआर पुलिस की शिकायत पर दर्ज की गई है। इसमें प्रदर्शनकारियों पर सरकारी काम में बाधा डालने और निर्धारित रूट चार्ट के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं, अन्य दो एफआईआर अलग-अलग लोगों की शिकायतों के आधार पर दर्ज की गई हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
पुतला जलाने की कोशिश के दौरान हुआ विवाद
दरअसल, शुक्रवार को झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच टकराव हुआ था। अधिकारियों के मुताबिक, आंदोलनकारी छात्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई।
JPSC-JSSC Reforms Manch के बैनर तले आंदोलन
प्रदर्शनकारी छात्र ‘JPSC-JSSC Reforms Manch’ के बैनर तले आंदोलन कर रहे हैं। छात्र नेताओं का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों से जुड़े मामलों में अभ्यर्थियों के हितों की अनदेखी की जा रही है। आंदोलनकारियों ने राज्य सरकार पर नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को कथित तौर पर धोखा देने और उनके साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया है।
हाईकोर्ट के फैसलों से भी बढ़ा विवाद
भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद झारखंड हाईकोर्ट के हालिया आदेशों के बाद और ज्यादा चर्चा में आ गया है। शुक्रवार को अदालत ने चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर यानी CDPO और JSSC-CGL के माध्यम से हुई नियुक्तियों को रद्द करने वाली अधिसूचनाओं पर रोक लगा दी। इससे पहले गुरुवार को कोर्ट ने 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षा रद्द करने संबंधी अधिसूचनाओं पर भी रोक लगाई थी।
फूड सेफ्टी ऑफिसर नियुक्तियों पर भी रोक
हाईकोर्ट ने फूड सेफ्टी ऑफिसर पदों पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के आदेश पर भी रोक लगाई है। अदालत के इन फैसलों के बाद भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवाद ने नया मोड़ लिया है। छात्र संगठन सरकार के रुख और भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। अब प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज हो रही एफआईआर भी आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बन गई हैं।
आंदोलन और पुलिस कार्रवाई से बढ़ी राजनीतिक गर्मी
लगातार एफआईआर दर्ज होने के बाद झारखंड में छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर बहस तेज हो गई है। एक तरफ पुलिस कानून-व्यवस्था और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोपों की जांच कर रही है, वहीं छात्र संगठन अपने आंदोलन को जायज बताते हुए भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग पर कायम हैं। आने वाले दिनों में अदालत के फैसलों और सरकार की कार्रवाई के बीच छात्रों का आंदोलन किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
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