Empty Stomach Tea Coffee : सुबह उठते ही बिना कुछ खाए-पिए चाय या कॉफी पीना बहुत से लोगों की रोजमर्रा की आदत होती है। हालांकि, कुछ लोगों में खाली पेट कैफीन का सेवन पेट से जुड़ी परेशानी बढ़ा सकता है। आयुर्वेदिक हेल्थ कोच डिंपल जांगड़ा के अनुसार, खाली पेट चाय-कॉफी लेने से कुछ लोगों को एसिडिटी, पेट में जलन, रिफ्लक्स और सीने में जलन जैसी शिकायत हो सकती है। इसलिए सुबह की शुरुआत करते समय पेट की संवेदनशीलता और अपनी व्यक्तिगत स्थिति का ध्यान रखना जरूरी है।
खाली पेट कैफीन से क्यों हो सकती है परेशानी?
चाय और कॉफी में कैफीन पाया जाता है, जो शरीर पर उत्तेजक प्रभाव डालता है। कुछ संवेदनशील लोगों में इसका सेवन पेट की असहजता या एसिड रिफ्लक्स जैसे लक्षणों को बढ़ा सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति पर इसका असर एक जैसा नहीं होता। अगर कॉफी पीने के बाद बार-बार जलन, खट्टी डकार या पेट दर्द जैसी समस्या महसूस होती है, तो सेवन का समय और मात्रा बदलना उपयोगी हो सकता है।
सुबह की शुरुआत गर्म पानी से करने का विकल्प
हेल्थ कोच की सलाह के अनुसार, सुबह खाली पेट गर्म पानी का सेवन किया जा सकता है। कुछ लोग इसमें थोड़ी मात्रा में घी मिलाकर पीना पसंद करते हैं। घी में मौजूद फैटी एसिड शरीर के लिए ऊर्जा का स्रोत होते हैं। हालांकि, घी या किसी भी अन्य चीज का सेवन व्यक्ति की डाइट और स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप होना चाहिए। किसी विशेष बीमारी या पाचन संबंधी समस्या में विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है।
जीरा, धनिया और सौंफ वाला पानी
सुबह के समय जीरा, धनिया और सौंफ से तैयार पानी भी एक विकल्प के रूप में लिया जा सकता है। इन मसालों का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से पाचन से जुड़ी तैयारियों में किया जाता रहा है। माना जाता है कि सौंफ और जीरा पाचन संबंधी असहजता में राहत देने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इसे शरीर से सभी विषैले तत्व निकालने या मेटाबॉलिज्म तेजी से बढ़ाने का निश्चित उपचार नहीं माना जाना चाहिए।
नाश्ते के बाद लें चाय या कॉफी
अगर आपको चाय या कॉफी पसंद है, तो इसे पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं हो सकता। सलाह यह है कि खाली पेट कैफीन लेने के बजाय इसे नाश्ते के बाद लिया जाए। डिंपल जांगड़ा के मुताबिक, नाश्ते के करीब 45 मिनट बाद चाय या कॉफी पीने से पेट में भोजन मौजूद रहता है, जिससे कुछ लोगों को खाली पेट होने वाली परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है।
कॉफी में हेल्दी फैट मिलाने की सलाह
कुछ लोग कॉफी में थोड़ी मात्रा में घी, बादाम का मक्खन या नारियल तेल मिलाकर लेते हैं। इसके पीछे विचार यह है कि भोजन या वसा की मौजूदगी से कैफीन के सेवन का अनुभव कुछ लोगों के लिए अधिक सहज हो सकता है। हालांकि, कॉफी में अतिरिक्त फैट मिलाने से कैलोरी की मात्रा बढ़ती है, इसलिए वजन और अन्य स्वास्थ्य लक्ष्यों को ध्यान में रखना जरूरी है।
गट हेल्थ के लिए डाइट में शामिल करें हेल्दी फैट
पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार महत्वपूर्ण है। कद्दू के बीज, अलसी और एवोकाडो जैसे खाद्य पदार्थों में उपयोगी वसा के साथ कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन्हें संतुलित मात्रा में डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। पर्याप्त फाइबर, प्रोटीन, पानी, फल और सब्जियों का सेवन भी समग्र पाचन स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
कॉफी छोड़ने से ज्यादा जरूरी है सही तरीका
अगर चाय या कॉफी पीने के बाद लगातार एसिडिटी या रिफ्लक्स होता है, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए। कैफीन की मात्रा कम करना, खाली पेट सेवन से बचना और पर्याप्त भोजन के बाद इसे लेना कुछ लोगों के लिए मददगार हो सकता है। हर व्यक्ति का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है, इसलिए अपनी परेशानी के अनुसार सही तरीका चुनना सबसे जरूरी है।
Read More : IND vs SL: देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंकाई गेंदबाजों को जमकर कूटा, कोलंबो टेस्ट में टीम इंडिया का पहले दिन ही ‘तिहरा शतक’