Bangladesh Hindu Family Murder: बांग्लादेश के रंगपुर शहर में एक सेवानिवृत्त हिंदू शिक्षक और उनके परिवार के तीन सदस्यों की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दासपाड़ा इलाके में शनिवार रात एक घर से 65 वर्षीय गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता, बेटी अगामी चक्रवर्ती प्रार्थी और 12 वर्षीय बेटे प्रियाम चक्रवर्ती आयुष के शव बरामद किए गए। परिवार कई दिनों से पड़ोसियों को नजर नहीं आया था और घर बाहर से बंद था। घर से दुर्गंध आने के बाद लोगों को संदेह हुआ और पुलिस को सूचना दी गई।
मृतकों में रिटायर्ड शिक्षक और दो बच्चे शामिल
गणपति चक्रवर्ती रंगपुर जिला स्कूल में शिक्षक रह चुके थे और पिछले साल दिसंबर में सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी पत्नी प्रीतिलता की उम्र करीब 50 वर्ष थी। बेटी अगामी ने अंग्रेजी में मास्टर डिग्री हासिल की थी और नौकरी की तैयारी कर रही थीं। परिवार का 12 वर्षीय बेटा प्रियाम पांचवीं कक्षा में पढ़ता था। इस घटना ने स्थानीय इलाके में भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
अलग-अलग जगहों से बरामद हुए शव
पुलिस ने शनिवार रात करीब 11:30 बजे घर के अंदर तलाशी के दौरान चारों शव बरामद किए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, गणपति का शव घर की छत पर मिला, जबकि उनकी पत्नी और बेटी के शव सीढ़ियों के पास पाए गए। वहीं, 12 वर्षीय बेटे का शव कमरे में बिस्तर के नीचे मिला। पुलिस को प्रारंभिक जांच में गला घोंटकर हत्या किए जाने की आशंका है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
छत पर नशीली गोली लेने का पुलिस को संदेह
रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबूद ने घटना की शुरुआती जांच के बारे में जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, मुग्धा दास और सिद्धार्थ दास नामक दो युवक कथित तौर पर पड़ोसी इमारत के रास्ते गणपति के घर की छत पर पहुंचे थे। पुलिस को संदेह है कि दोनों वहां याबा नामक नशीली गोली का सेवन कर रहे थे। गणपति ने छत से आवाज सुनकर वहां पहुंचकर युवकों से पूछताछ की थी।
पहचान उजागर होने के डर से हत्या का आरोप
पुलिस के मुताबिक, दोनों संदिग्धों को डर था कि गणपति उनके नशीली दवा सेवन के बारे में दूसरों को जानकारी दे सकते हैं। इसी वजह से कथित तौर पर दोनों ने उनका गला घोंट दिया। इसके बाद आवाज सुनकर गणपति की पत्नी प्रीतिलता छत की ओर गईं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने सीढ़ियों के पास उनकी भी हत्या कर दी। बेटी के वहां पहुंचने पर उसे भी निशाना बनाया गया।
बेटे की पहचान के कारण उसे भी बनाया निशाना
पुलिस की शुरुआती थ्योरी के अनुसार, परिवार के 12 वर्षीय बेटे ने दोनों संदिग्धों को पहचान लिया था। कथित तौर पर अपनी पहचान सामने आने के डर से आरोपियों ने बच्चे की भी हत्या कर दी। पुलिस का कहना है कि कुछ ही समय के भीतर परिवार के चारों सदस्यों को निशाना बनाया गया। हालांकि, जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आरोपों की पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगी।
लूट की आशंका से भी जांच कर रही पुलिस
घटनास्थल पर घर का सामान बिखरा हुआ मिला। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या हत्या के बाद घटना को लूट की वारदात दिखाने का प्रयास किया गया। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में घर से सोने के आभूषण और अन्य कीमती सामान ले जाने की कोशिश की आशंका का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, हत्या के पीछे वास्तविक उद्देश्य को लेकर जांच अभी जारी है।
दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ
पुलिस ने रविवार को मामले में दो युवकों को हिरासत में लिया। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, दोनों की उम्र करीब 19 और 23 वर्ष बताई गई है और वे माचुआपाड़ा इलाके के रहने वाले हैं। दोनों को आपस में रिश्तेदार बताया जा रहा है। रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस के साथ सीआईडी और अन्य जांच एजेंसियां भी मामले की जांच में जुटी हैं। घटनास्थल से फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं।
पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
परिजनों के अनुसार, गुरुवार रात के बाद परिवार से संपर्क नहीं हो पा रहा था। शनिवार को लगातार फोन बंद मिलने और घर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आने के बाद संदेह बढ़ा। मुख्य गेट बाहर से बंद मिला और घर का बिजली कनेक्शन भी कटा हुआ बताया गया। फिलहाल पुलिस याबा सेवन को लेकर हुए विवाद को संभावित वजह मान रही है, लेकिन पोस्टमार्टम, फोरेंसिक जांच और संदिग्धों से पूछताछ के बाद ही हत्या की पूरी कहानी सामने आने की उम्मीद है।
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