Srinagar Central Jail Escape : जम्मू-कश्मीर की श्रीनगर सेंट्रल जेल से POCSO एक्ट के मामलों में बंद दो अंडरट्रायल कैदियों के कथित तौर पर फरार होने का मामला सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, फरार हुए कैदियों की पहचान फरमान खान और मुख्तार अहमद गुज्जर के रूप में हुई है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। दोनों की तलाश के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक अभियान शुरू कर दिया है।
फरमान खान के खिलाफ गांदरबल में दर्ज है मामला
अधिकारियों के मुताबिक, फरमान खान राजस्थान का रहने वाला बताया जा रहा है। उसके खिलाफ जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले के लार पुलिस थाने में POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज है। उसके खिलाफ कानून की धारा 3 और 4 के तहत केस चल रहा है। वह इसी मामले में श्रीनगर की केंद्रीय जेल में बतौर अंडरट्रायल कैदी बंद था।
मुख्तार अहमद गुज्जर पर भी POCSO केस
दूसरे फरार कैदी की पहचान मुख्तार अहमद गुज्जर के तौर पर हुई है। वह अनंतनाग जिले का निवासी बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार, उसके खिलाफ श्रीनगर के सौरा पुलिस थाने में POCSO एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज है। वह भी मुकदमे के दौरान जेल में अंडरट्रायल कैदी के तौर पर बंद था।
फरारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
दोनों कैदियों के जेल से बाहर निकलने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। अधिकारियों ने उनकी तलाश के लिए अलग-अलग टीमों को सक्रिय किया है। संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ाने के साथ ही उनके संपर्कों और संभावित आवाजाही के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
कश्मीर के सभी एग्जिट प्वाइंट्स पर नजर
पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए कश्मीर घाटी से बाहर निकलने वाले संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार, सभी प्रमुख एग्जिट प्वाइंट्स पर लुकआउट नोटिस जारी किए गए हैं। सुरक्षा बलों और पुलिस को दोनों फरार कैदियों की पहचान और उनके बारे में जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई है, ताकि उन्हें जल्द से जल्द ट्रेस किया जा सके।
कैदियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित
पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश में आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने उनकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना के लिए इनाम की घोषणा भी की है। सुरक्षा एजेंसियां संभावित ठिकानों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों और संवेदनशील इलाकों पर भी नजर रख रही हैं।
फरारी की परिस्थितियों की भी होगी जांच
फिलहाल अधिकारियों की प्राथमिकता दोनों अंडरट्रायल कैदियों को दोबारा पकड़ना है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि वे जेल से किस तरह बाहर निकलने में सफल हुए। जेल की सुरक्षा व्यवस्था, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों और निगरानी प्रणाली की भी जांच की जा सकती है। जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि फरारी में किसी तरह की लापरवाही या बाहरी मदद की भूमिका थी या नहीं।
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
दोनों आरोपियों की तलाश जारी रहने के बीच पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने को कहा है। यदि किसी व्यक्ति को फरार कैदियों से संबंधित कोई विश्वसनीय जानकारी मिलती है, तो उसे तुरंत संबंधित पुलिस या सुरक्षा अधिकारियों तक पहुंचाने की अपील की गई है। फिलहाल दोनों की लोकेशन को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
श्रीनगर सेंट्रल जेल से दो POCSO मामलों के अंडरट्रायल कैदियों के कथित फरार होने की घटना ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस की टीमें संभावित स्थानों पर छापेमारी और तलाश अभियान चला रही हैं। वहीं, फरारी के वास्तविक कारण और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच भी आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि लुकआउट नोटिस और व्यापक तलाशी अभियान के जरिए दोनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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