जापान के उत्तरी क्षेत्र होक्काइडो में रविवार शाम 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक भूकंप का केंद्र होक्काइडो के तट से दूर करीब 40 किलोमीटर की गहराई में था। इस घटना के बाद सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई।
जापान के उत्तरी क्षेत्र होक्काइडो में रविवार शाम 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक भूकंप का केंद्र होक्काइडो के तट से दूर करीब 40 किलोमीटर की गहराई में था। इस घटना के बाद सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई।

Japan Earthquake: जापान के होक्काइडो प्रांत में रविवार, 23 अगस्त 2026 को एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, इस बार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.0 दर्ज की गई। यह झटका स्थानीय समयानुसार रात करीब 10:45 बजे आया। लगातार भूकंपीय गतिविधियों के कारण स्थानीय स्तर पर लोगों में चिंता बढ़ गई है।


JMA के अनुसार, भूकंप का केंद्र होक्काइडो के उराकावा तट से दूर समुद्र के नीचे करीब 40 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। भूकंप के बाद फिलहाल सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई। अधिकारियों के मुताबिक, मौजूदा स्थिति में समुद्री लहरों से बड़े खतरे का संकेत नहीं मिला है। फिर भी संबंधित एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

होक्काइडो में आए 6.0 तीव्रता के भूकंप से पहले जापान के पूर्वी हिस्से में 5.9 तीव्रता का एक और भूकंप आया था। यह झटका भी काफी तेज महसूस किया गया। राजधानी टोक्यो समेत कई क्षेत्रों में अचानक धरती हिलने से लोगों के बीच अफरातफरी की स्थिति बन गई। लगातार आए झटकों ने भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में चिंता और बढ़ा दी है।
पहले भूकंप के झटकों के दौरान टोक्यो में 30 से ज्यादा लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि कई लोग उस समय सो रहे थे। अचानक भूकंप आने से घबराकर बिस्तर से उठने की कोशिश में कुछ लोग गिर गए या आसपास रखी वस्तुओं से टकरा गए। इसके चलते उन्हें चोटें आईं।
भूकंप के तेज झटकों का असर जापान की परिवहन व्यवस्था पर भी दिखाई दिया। टोक्यो और नरीता एयरपोर्ट के बीच संचालित एक्सप्रेस ट्रेन सेवाओं में देरी हुई। इसके अलावा देश के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में चलने वाली कुछ स्थानीय ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ। यात्रियों को कुछ समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा।

हालांकि, जापान की तेज रफ्तार शिंकानसेन बुलेट ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। प्रमुख रेल नेटवर्क पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए संबंधित विभागों ने निगरानी बढ़ाई। भूकंप के बाद परिवहन व्यवस्था में किसी बड़े व्यवधान को रोकने के लिए अधिकारी लगातार हालात का आकलन करते रहे।
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने भूकंप के बाद संभावित नुकसान का जायजा लेने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित किए जाने की जानकारी दी। सरकार की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति की समीक्षा करना, किसी भी नुकसान का पता लगाना और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
होक्काइडो में कुछ घंटों के अंतराल पर आए भूकंपों के बाद जापानी एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं। भूकंप संभावित क्षेत्र होने के कारण जापान में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए आपातकालीन व्यवस्थाएं पहले से मौजूद रहती हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
Read More : JPSC-JSSC Reform Yatra: शिबू सोरेन के गांव से उठेगी सुधार की आवाज, 24 जिलों में देवेंद्र महतो का हल्ला बोल


© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company.
Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.
