Kolkata BJP Clash: पूर्वी कोलकाता के आनंदपुर इलाके में शनिवार देर रात आयोजित एक सामाजिक दावत के दौरान भारतीय जनता पार्टी से जुड़े दो विरोधी गुटों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में झड़प हो गई। इस घटना में चार लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
एक हजार से अधिक लोगों के लिए आयोजित हुई दावत
जानकारी के मुताबिक, विवाद रात करीब 10:30 बजे आनंदपुर ग्राउंड के पास शुरू हुआ। यहां एक गुट की ओर से एक बड़ी दावत का आयोजन किया गया था, जिसमें एक हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की बात कही जा रही है। दावत में मटन, कतला मछली और मीठे पानी की बड़ी झींगा मछलियों समेत कई तरह के व्यंजन परोसे जाने की तैयारी थी।
बीजेपी की कस्बा यूनिट से जुड़ा था आयोजन
स्थानीय जानकारी के अनुसार, यह दावत बीजेपी की कस्बा विधानसभा यूनिट से जुड़ी थी। पार्टी के स्थानीय नेताओं के मुताबिक, कार्यक्रम का आयोजन ऐसे लोगों की ओर से किया गया था, जिन्होंने 4 मई के बाद तृणमूल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। हालांकि, आयोजन को लेकर बीजेपी के ही दूसरे गुट ने सवाल उठाए और आरोपों का सिलसिला शुरू हो गया।
स्थानीय बीजेपी नेता ने लगाए गंभीर आरोप
स्थानीय बीजेपी मंडल अध्यक्ष अरुण बिशोई, जिन्हें अरुण बिस्वाल के नाम से भी जाना जाता है, ने दावा किया कि यह कार्यक्रम पार्टी की अनुमति के बिना आयोजित किया गया था। उन्होंने आयोजन के लिए धन जुटाने के तरीके पर भी सवाल खड़े किए। बिशोई का आरोप है कि व्यापारियों और आभूषण की दुकानों से कथित तौर पर जबरन पैसे लिए गए थे।
दावत के खर्च को लेकर उठाए सवाल
अरुण बिशोई ने सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी में लंबे समय से काम करने वाले कार्यकर्ताओं को सामान्य मछली-चावल का कार्यक्रम आयोजित करने में भी परेशानी होती है, जबकि इस आयोजन में महंगे भोजन की व्यवस्था की गई। उन्होंने दावा किया कि दावत के लिए धन कहां से आया, इसकी जांच होनी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरे गुट ने आरोपों को किया खारिज
दक्षिण कोलकाता जिला समिति की सदस्य सरस्वती सरकार से जुड़े विरोधी गुट ने अरुण बिशोई के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि दावत को लेकर लगाए जा रहे आरोप सही नहीं हैं। दोनों पक्षों के बीच इसी मुद्दे को लेकर तनाव बढ़ता गया और बाद में विवाद ने झड़प का रूप ले लिया।
पुलिस स्टेशन के बाहर भी हुई झड़प
दावत स्थल के पास विवाद के बाद मामला आनंदपुर थाने तक पहुंच गया। पुलिस स्टेशन के बाहर भी दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच झड़प होने की जानकारी सामने आई है। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया और लोगों को शांत कराने की कोशिश की। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस जुटा रही घटना से जुड़ी जानकारी
पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विवाद की वास्तविक शुरुआत किस बात को लेकर हुई और झड़प में कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस दोनों पक्षों से जुड़े लोगों से पूछताछ कर सकती है। घायल हुए चार लोगों से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
दिलीप घोष ने दावत से अनभिज्ञता जताई
घटना को लेकर जब मंत्री दिलीप घोष से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है कि यह दावत किसके द्वारा आयोजित की गई थी। इस बयान के बाद भी कार्यक्रम को लेकर बीजेपी के भीतर उठे सवालों पर चर्चा जारी है। फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आयोजन किसकी अनुमति से हुआ था और विवाद की वास्तविक वजह क्या थी।
राजनीतिक गुटबाजी ने बढ़ाई बीजेपी की मुश्किल
आनंदपुर की घटना ने स्थानीय स्तर पर बीजेपी के भीतर चल रही गुटबाजी को एक बार फिर सामने ला दिया है। दावत जैसे सामाजिक आयोजन के दौरान शुरू हुआ विवाद पुलिस स्टेशन तक पहुंच गया। अब जांच एजेंसियों के सामने घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करने और इलाके में शांति बनाए रखने की चुनौती है। पार्टी के स्थानीय नेतृत्व के लिए भी यह घटनाक्रम चिंता का विषय बन सकता है।
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