Sajjan Kumar Controversy: कांग्रेस के पुराने नेता सज्जन कुमार से जुड़े विवाद को लेकर पार्टी आलाकमान ने दिल्ली और हरियाणा कांग्रेस के नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है। पार्टी नेतृत्व ने कहा है कि सज्जन कुमार कांग्रेस के नेता रहे हैं और उनके निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी जानी चाहिए, लेकिन किसी भी स्थिति में उनका महिमामंडन नहीं किया जाना चाहिए। आलाकमान की इस नसीहत के बाद दोनों राज्यों के कांग्रेस नेताओं के बयानों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
सिख दंगा मामले में दोषी ठहराए गए थे सज्जन कुमार
सज्जन कुमार दिल्ली की राजनीति में कांग्रेस के प्रभावशाली नेताओं में शामिल रहे थे। बाहरी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से कई बार सांसद रहे सज्जन कुमार का जाट समाज में भी मजबूत प्रभाव माना जाता था। हालांकि, 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया था और वह सजा काट रहे थे। उनके निधन के बाद श्रद्धांजलि से जुड़े कुछ बयानों ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया।
दीपेंद्र हुड्डा और सुरजेवाला के बयानों पर विवाद
विवाद तब बढ़ा जब दिल्ली कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल से सज्जन कुमार को लेकर किए गए पोस्ट और कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों पर सवाल उठने लगे। आरोप लगाया गया कि हरियाणा से जुड़े कांग्रेस नेताओं दीपेंद्र सिंह हुड्डा और रणदीप सिंह सुरजेवाला की टिप्पणियों में सज्जन कुमार का महिमामंडन नजर आया। इसके बाद पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई।
चन्नी ने सम्मान को बताया पंजाब का अपमान
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने सज्जन कुमार से जुड़े बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सज्जन कुमार का सम्मान करना पंजाब का अपमान होगा। चन्नी की टिप्पणी के बाद यह मुद्दा और गंभीर हो गया। पार्टी नेतृत्व को आशंका हुई कि इस विवाद का असर पंजाब में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति और सिख समुदाय के बीच पार्टी की छवि पर पड़ सकता है।
पंजाब चुनाव को लेकर बढ़ी कांग्रेस की चिंता
सूत्रों के मुताबिक, विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस आलाकमान ने मामले में हस्तक्षेप किया। पार्टी नेतृत्व ने दिल्ली और हरियाणा के नेताओं को सार्वजनिक बयान देते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। आलाकमान का संदेश साफ था कि सज्जन कुमार के निधन पर संवेदना व्यक्त की जा सकती है, लेकिन उनके राजनीतिक या व्यक्तिगत योगदान का ऐसा प्रचार नहीं होना चाहिए, जिससे सिख समुदाय की भावनाएं आहत हों।
दीपेंद्र हुड्डा ने बयान पर जताया खेद
रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा की टिप्पणी को लेकर हरियाणा कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने भी कार्रवाई की मांग की थी। उनका कहना था कि विवादित टिप्पणी से सिख समुदाय के बीच कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान हो सकता है। इसके बाद हुड्डा ने रविवार को वीडियो संदेश जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की और अपनी टिप्पणी को लेकर खेद व्यक्त किया।
हुड्डा बोले- मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि पिछले दो दिनों से उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने सज्जन कुमार को कभी “रोल मॉडल” नहीं बताया था। हुड्डा के मुताबिक, उनके बयान में एक अंग्रेजी शब्द जोड़कर उसका अलग अर्थ निकाला गया, जबकि उन्होंने ऐसा कोई शब्द इस्तेमाल नहीं किया था। उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य कभी सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
आलाकमान की नसीहत के बाद नेता हुए सतर्क
कांग्रेस नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली और हरियाणा के पार्टी नेताओं के तेवर बदले हुए नजर आ रहे हैं। कुछ नेता इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि कुछ अपने पुराने बयानों को गलत तरीके से पेश किए जाने की बात कह रहे हैं। पार्टी की कोशिश अब विवाद को और बढ़ने से रोकने और सिख समुदाय की संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक नुकसान सीमित करने की है।
श्रद्धांजलि तक सीमित रखने की कोशिश
कांग्रेस आलाकमान का निर्देश इस विवाद को लेकर पार्टी की मौजूदा रणनीति को स्पष्ट करता है। नेतृत्व चाहता है कि सज्जन कुमार के निधन को केवल श्रद्धांजलि तक सीमित रखा जाए और उनके राजनीतिक इतिहास से जुड़े विवादों को लेकर सार्वजनिक रूप से ऐसी टिप्पणी न की जाए, जिससे पार्टी के भीतर या अलग-अलग समुदायों के बीच नया विवाद पैदा हो।
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