अंबिकापुर में हजारों शिक्षकों ने TET मुक्ति महारैली निकालकर पदोन्नति में टीईटी की बाध्यता खत्म करने, सेवा सुरक्षा, पुरानी पेंशन व वेतन विसंगति दूर करने की मांग उठाई।
अंबिकापुर में हजारों शिक्षकों ने TET मुक्ति महारैली निकालकर पदोन्नति में टीईटी की बाध्यता खत्म करने, सेवा सुरक्षा, पुरानी पेंशन व वेतन विसंगति दूर करने की मांग उठाई।

Ambikapur News : छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार, 25 अगस्त को अंबिकापुर में शिक्षकों का बड़ा राज्यव्यापी आंदोलन देखने को मिला। जिले के सभी विकासखंडों से पहुंचे हजारों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने कला केंद्र मैदान में धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद शहर में विशाल “TET मुक्ति महारैली” निकालकर सरकार से सेवा सुरक्षा, पदोन्नति में टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने सहित विभिन्न मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की।


सुबह 11 बजे कला केंद्र मैदान में शिक्षक एकत्र हुए, जहां मोर्चा के बैनर तले धरना-प्रदर्शन किया गया। इसके बाद शिक्षकों ने विशाल रैली निकाली, जो कलेक्टर कार्यालय एवं कलेक्ट्रेट से होते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंची। यहां मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और लोक शिक्षण संचालनालय के नाम कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।

मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व में नियुक्त शिक्षकों की भर्ती और पदोन्नति के नियमों में टीईटी अनिवार्य नहीं था। ऐसे में वर्षों तक सेवा देने के बाद नई प्रक्रिया के तहत टीईटी की अनिवार्यता लागू होने से हजारों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। संगठन ने सवाल उठाया कि 28 वर्षों तक शिक्षण सेवा और अनुभव रखने वाले शिक्षकों को अब दोबारा टीईटी परीक्षा देने के लिए बाध्य क्यों किया जा रहा है?
रैली के बाद जिला संयोजक कमलेश सिंह ने टीईटी से प्रभावित शिक्षकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी सेवा सुरक्षा संगठन की प्रमुख प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि विभागीय स्तर पर भी इस मुद्दे पर सकारात्मक चर्चा हुई है और शिक्षकों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।


मोर्चा ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि शिक्षकों की मांगों पर विचार किए बिना पदोन्नति सूची जारी की गई तो संगठन उग्र आंदोलन करेगा। इसके तहत संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी गई है।

मोर्चा के प्रदेश संयोजकों ने पूर्व में शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह एवं लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी से मुलाकात कर टीईटी प्रभावित शिक्षकों समेत विभिन्न शिक्षक समस्याओं पर चर्चा की थी। संगठन ने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं और आगामी कार्ययोजना रखते हुए सकारात्मक पहल का आग्रह किया।
शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने प्रदेश के शिक्षकों के लिए B.Ed. ब्रिज कोर्स शुरू करने, 13 फरवरी 2026 को जारी नई भर्ती एवं पदोन्नति नियमों की विसंगतियां दूर करने, पुरानी पेंशन के लिए पूर्व सेवा की गणना करने तथा शिक्षक-कर्मचारियों को केंद्रीय स्तर का वेतनमान देकर वेतन विसंगति दूर करने की मांग भी उठाई।
मोर्चा के प्रांतीय सह-संचालक मुकेश मुदलियार ने कहा कि केवल आंदोलन करना संगठन का उद्देश्य नहीं है, बल्कि उसे सकारात्मक परिणाम तक पहुंचाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के हित में विभाग के साथ संवाद और संघर्ष, दोनों स्तरों पर रणनीति के साथ काम किया जा रहा है।
प्रदेश के LB संवर्ग के तीन प्रमुख संगठन—छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, शालेय शिक्षक संघ और प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ—ने एकजुट होकर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा का गठन किया है। प्रदेश सह-संचालक मुकेश मुदलियार के मार्गदर्शन तथा सरगुजा जिला संचालक कमलेश सिंह, नरेंद्र मिश्रा एवं स्नेहलता पाठक के नेतृत्व में आंदोलन की रणनीति तैयार की गई।
मोर्चा के जिला संचालक कमलेश प्रताप सिंह, नरेंद्र मिश्रा एवं स्नेहलता पाठक ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जिले के टीईटी प्रभावित शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संगठन पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ा है। रैली में काफी संख्या में शिक्षक शामिल हुए।


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