Abhishek Banerjee FIR: कलकत्ता हाई कोर्ट ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी को तीन आपराधिक मामलों में अंतरिम राहत दी। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि 30 नवंबर तक इन मामलों में उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल सांसद से हिरासत में लेकर पूछताछ करने की आवश्यकता दिखाई नहीं देती। यह आदेश बनर्जी को पुलिस कार्रवाई से अस्थायी राहत प्रदान करता है।
विदेश यात्रा को लेकर कोर्ट ने लगाई शर्त
डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी को अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि हाई कोर्ट की अनुमति के बिना वह विदेश यात्रा नहीं कर सकते। हालांकि, कोर्ट ने साफ कर दिया कि इस आदेश से सुप्रीम कोर्ट की ओर से उन्हें चिकित्सा उपचार के लिए विदेश जाने की दी गई अनुमति प्रभावित नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट ने 10 अगस्त 2026 को मेडिकल कारणों से तीन सप्ताह की विदेश यात्रा की अनुमति दी थी।
पुलिस को जांच की प्रगति रिपोर्ट देने का आदेश
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने पुलिस को निर्देश दिया कि 23 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई के दौरान तीनों मामलों की जांच की प्रगति रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश की जाए। अदालत ने कहा कि जांच एजेंसियों को अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाने की अनुमति है, लेकिन 30 नवंबर तक बनर्जी के खिलाफ किसी तरह की कठोर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
जांच में सहयोग करना होगा
हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया है। उन्हें तीनों मामलों से संबंधित पुलिस नोटिस का पालन भी करना होगा। कोर्ट ने यह व्यवस्था भी दी कि अगर जांच के दौरान बनर्जी को किसी पूछताछ के लिए बुलाना आवश्यक हो, तो उन्हें कम से कम 48 घंटे पहले नोटिस दिया जाना चाहिए। इससे उन्हें पूछताछ के लिए उपस्थित होने की पर्याप्त समय मिल सकेगा।
सहयोग नहीं किया तो पुलिस जा सकती है कोर्ट
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर अभिषेक बनर्जी जांच में सहयोग नहीं करते हैं या पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं करते, तो संबंधित जांच अधिकारी हाई कोर्ट का रुख कर सकते हैं। पुलिस अदालत से मौजूदा आदेश में संशोधन करने या उसे वापस लेने की मांग कर सकती है। यानी राहत पूरी तरह जांच में सहयोग की शर्त से जुड़ी हुई है।
वकील ने मेडिकल यात्रा का दिया हवाला
सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी की ओर से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि 10 अगस्त को शीर्ष अदालत ने मेडिकल कारणों से बनर्जी को विदेश जाने की अनुमति दी थी। हालांकि, वह अभी तक विदेश नहीं गए हैं, क्योंकि उन्हें डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेना है। वकील ने यह भी बताया कि उनके निजी बैंक खाते और डेबिट-क्रेडिट कार्ड एक निजी बैंक की ओर से फ्रीज किए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाई कोर्ट ने दी सफाई
जस्टिस भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि मंगलवार को पारित हाई कोर्ट का आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा चिकित्सा उपचार के लिए दी गई विदेश यात्रा की अनुमति को कम नहीं करता। अदालत ने कहा कि यदि बनर्जी सुप्रीम कोर्ट के 10 अगस्त के आदेश में निर्धारित सभी शर्तों का पालन करते हैं, तो मेडिकल उपचार के लिए विदेश जाने का उनका अधिकार प्रभावित नहीं होगा।
राज्य की रोक संबंधी मांग हुई खारिज
सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने हाई कोर्ट के आदेश के प्रभाव पर रोक लगाने की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया। इसके साथ ही बनर्जी को तीनों मामलों में फिलहाल मिली अंतरिम सुरक्षा बरकरार रही।
तीन एफआईआर से जुड़ा है मामला
गौरतलब है कि हाई कोर्ट ने 30 जून को अभिषेक बनर्जी को भवानीपुर, बिष्णुपुर और कालीतला पुलिस थानों में दर्ज तीन एफआईआर के संबंध में पुलिस की जबरदस्ती वाली कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दी थी। अब मंगलवार के आदेश में अदालत ने इस राहत को आगे बढ़ाते हुए 30 नवंबर तक कठोर कार्रवाई पर रोक लगाई है। साथ ही जांच में सहयोग और अगली सुनवाई में प्रगति रिपोर्ट पेश करने की व्यवस्था की गई है।
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