Bihar Students Protest: बिहार की राजधानी पटना में BPSC अभ्यर्थियों का प्रदर्शन मंगलवार को उस समय बेहद अनोखा हो गया, जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। आमतौर पर पानी की तेज बौछार प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने के लिए इस्तेमाल की जाती है, लेकिन यहां छात्रों ने इसका अलग ही अंदाज में सामना किया। पानी की बौछार से बचने के बजाय कुछ छात्र वहीं शैंपू लगाकर नहाने लगे और जमकर मस्ती करते नजर आए।
पुलिस के पानी के सामने नहीं झुके प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पुलिस की कार्रवाई के बावजूद पीछे हटने से इनकार कर दिया। वाटर कैनन से लगातार पानी छोड़े जाने पर कुछ प्रदर्शनकारी सड़क पर ही स्नान करने लगे। छात्रों ने शैंपू लगाया और पानी की बौछार के बीच नहाते हुए दिखाई दिए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जो तेजी से चर्चा में आ गया। छात्रों के इस अंदाज ने प्रदर्शन को एक अलग ही रंग दे दिया।
पानी बंद हुआ तो छात्रों ने आगे बढ़ाया मार्च
जब वाटर कैनन से पानी की बौछार के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे, तो पुलिस ने कुछ समय के लिए पानी की बौछार बंद कर दी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को समझाने और आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। हालांकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। जैसे ही पुलिस की ओर से रास्ता रोकने का प्रयास हुआ, छात्र आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे।
मुख्यमंत्री आवास घेरने निकले थे छात्र
दरअसल, BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 के अभ्यर्थियों समेत कई छात्र संगठनों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का कार्यक्रम घोषित किया था। इसी कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में छात्र पटना के गांधी मैदान से मार्च निकालकर डाकबंगला चौराहे की ओर पहुंचे। यहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी। छात्रों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
डाकबंगला चौराहे पर पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे छात्रों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का सहारा लिया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश भी की। इस दौरान पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया।
कई सप्ताह से गर्दनीबाग में चल रहा धरना
BPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थी पिछले कई सप्ताह से पटना के गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं। प्रदर्शनकारी लगातार अपनी मांगों को लेकर सरकार और संबंधित आयोग का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिलना चाहिए।
TRE-4 को लेकर छात्रों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में BPSC TRE-4 में एक स्तरीय परीक्षा प्रणाली लागू करना और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा बिहार कर्मचारी चयन आयोग यानी BSSC की लंबित भर्ती परीक्षाएं जल्द कराने और हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों को समान अवसर देने की मांग भी की जा रही है। छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में स्पष्टता और समयबद्धता जरूरी है।
BPSC 70वीं परीक्षा को लेकर भी उठे सवाल
प्रदर्शनकारी छात्रों ने BPSC की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में कथित अनियमितताओं का आरोप भी लगाया है। छात्रों की मांग है कि यदि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं तो परीक्षा को रद्द कर निष्पक्ष तरीके से दोबारा आयोजित किया जाए। इसी मुद्दे को लेकर लंबे समय से अभ्यर्थियों में नाराजगी बनी हुई है और पटना में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है।
तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरे छात्र
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे। छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन अपने अधिकारों और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के लिए है। पुलिस की बैरिकेडिंग के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया। वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद भी छात्रों का उत्साह कम नहीं हुआ और शैंपू लगाकर नहाने का वीडियो इस प्रदर्शन की सबसे चर्चित तस्वीरों में शामिल हो गया।
सरकार और प्रशासन के सामने चुनौती
पटना में छात्रों के लगातार प्रदर्शन ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। एक ओर पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे बढ़ने से रोक रही है, वहीं दूसरी ओर छात्र अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। अब देखना होगा कि सरकार और संबंधित आयोग छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं और आंदोलन को खत्म कराने के लिए क्या समाधान निकाला जाता है।
Read More : Banke Bihari Temple : बांके बिहारी मंदिर के चढ़ावे पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, हर पैसे का हिसाब रखने का निर्देश