UP Congress Boycott: राजू दास के साथ टीवी डिबेट नहीं करेगी कांग्रेस, लाइव शो में आखिर क्या हुआ?

अयोध्या के कथित मछली भोज को लेकर टीवी डिबेट में कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद और महंत राजू दास आमने-सामने आ गए। कांग्रेस का आरोप है कि राजू दास ने लाइव शो में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए धमकी दी। इसके बाद यूपी कांग्रेस ने उनके साथ होने वाली टीवी डिबेट्स का बहिष्कार करने का फैसला किया।

UP Congress Boycott:  उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने टीवी डिबेट को लेकर बड़ा फैसला किया है। पार्टी ने मंगलवार को घोषणा की कि उसके प्रवक्ता उन टेलीविजन चैनलों की बहसों में शामिल नहीं होंगे, जिनमें अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी राजू दास पैनलिस्ट के तौर पर मौजूद रहेंगे। कांग्रेस का आरोप है कि एक लाइव टीवी डिबेट के दौरान राजू दास ने पार्टी के प्रवक्ता के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें धमकी दी।

ads
Adst

लाइव डिबेट में अभद्र व्यवहार का आरोप

यूपी कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सी.पी. राय ने इस संबंध में बयान जारी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सोमवार को एक समाचार चैनल पर आयोजित बहस के दौरान राजू दास ने सार्वजनिक चर्चा की मर्यादा का उल्लंघन किया। उनके मुताबिक, कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। साथ ही मारपीट की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

Adst

डिबेट के दौरान महिला एंकर भी हुईं परेशान

सी.पी. राय ने इस कथित घटनाक्रम को शर्मनाक और अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि बहस के दौरान मौजूद दो महिला एंकर भी राजू दास के कथित व्यवहार से हैरान रह गईं। स्थिति बिगड़ने के कारण लाइव कार्यक्रम को बीच में रोकना पड़ा। कांग्रेस का कहना है कि इसी तरह की घटनाओं को देखते हुए पार्टी ने ऐसे टीवी कार्यक्रमों का बहिष्कार करने का फैसला किया है।

वीडियो फुटेज की जांच की मांग

कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी ने संबंधित कार्यक्रम की मूल रिकॉर्डिंग, वीडियो फुटेज और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कराने की बात कही है। कांग्रेस का कहना है कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी ने इस मामले को सार्वजनिक संवाद की मर्यादा से जोड़कर देखा है।

कांग्रेस बोली- गालियों से डरने वाले नहीं

सी.पी. राय ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता कथित गाली-गलौज या धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी संविधान और कानून में विश्वास करती है और राजनीतिक मतभेदों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देने में भरोसा रखती है। कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि टीवी बहस में विचारों का विरोध स्वीकार्य है, लेकिन व्यक्तिगत अपमान और धमकी को उचित नहीं माना जा सकता।

Adst

धार्मिक पहचान कानून से ऊपर नहीं

कांग्रेस ने अपने बयान में यह भी कहा कि भगवा वस्त्र पहनने या किसी धार्मिक पहचान से जुड़े होने का अर्थ यह नहीं है कि कोई व्यक्ति कानून से ऊपर हो जाता है। पार्टी के मुताबिक, किसी भी नागरिक को दूसरे व्यक्ति का सार्वजनिक रूप से अपमान करने या उसे धमकाने का अधिकार नहीं है। कांग्रेस ने इसी आधार पर मामले में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

राजू दास की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं

इस मामले में खबर लिखे जाने तक राजू दास की ओर से कांग्रेस के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे में टीवी डिबेट में वास्तव में क्या हुआ, इसका अंतिम निष्कर्ष संबंधित कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल कांग्रेस ने अपने प्रवक्ताओं को ऐसे कार्यक्रमों से दूर रहने का निर्देश दिया है।

अयोध्या के मछली भोज विवाद से जुड़ा सियासी माहौल

राजू दास से जुड़ा यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब अयोध्या में कथित मछली भोज को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में पहले से ही बयानबाजी चल रही है। सावन के महीने में निषाद समुदाय के एक कार्यक्रम में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के शामिल होने को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद हुआ था। भाजपा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कथित मछली भोज को लेकर अजय राय पर सवाल उठाए थे।

अजय राय ने मांगा था सबूत

कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि अजय राय ने वहां मछली खाई थी। अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती देते हुए कहा था कि यदि उनके पास ऐसा कोई फोटो या वीडियो मौजूद है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा था कि यदि आरोप साबित होते हैं तो वह माफी मांगने के साथ अपने पद से इस्तीफा देने के लिए भी तैयार हैं।

सोशल मीडिया पर अजय राय का पलटवार

अजय राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी इस मुद्दे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि बिना तथ्य के राजनीतिक लाभ के लिए बयानबाजी और प्रचार करना निषाद समाज का अपमान है। उन्होंने मुख्यमंत्री और भाजपा नेताओं से बिना सबूत आरोप लगाने के बजाय तथ्य सामने रखने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने कथित गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी के लिए निषाद समाज से माफी मांगने की बात भी कही थी।

टीवी डिबेट से बहिष्कार पर बढ़ सकती है सियासी बहस

राजू दास को लेकर कांग्रेस के इस फैसले से उत्तर प्रदेश की राजनीति में टीवी डिबेट और राजनीतिक संवाद की मर्यादा को लेकर नई बहस शुरू हो सकती है। कांग्रेस का कहना है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक मंचों पर भाषा और व्यवहार की सीमाएं कायम रहनी चाहिए। अब इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और राजू दास की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।

Read More :  Iran News: ट्रंप के आर्थिक वार के सामने चीन बना सबसे बड़ा रोड़ा, अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट
अगला पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.

Adst