UP-Bihar Liquor Smuggling: उत्तर प्रदेश के बलिया रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने मंगलवार को विशेष चेकिंग अभियान के दौरान एक कोच अटेंडेंट को शराब की खेप के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी उत्तर प्रदेश से शराब खरीदकर उसे बिहार ले जाने की तैयारी में था। वहां शराबबंदी के कारण शराब की मांग और कीमत अधिक होने का फायदा उठाकर उसे ऊंचे दामों पर बेचने की योजना थी। पुलिस ने आरोपी के पास से दो दर्जन से अधिक शराब की बोतलें बरामद की हैं।
आरोपी की पहचान राहुल कुमार राम के रूप में
बलिया जीआरपी थाना प्रभारी राज कपूर सिंह के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 28 वर्षीय राहुल कुमार राम के रूप में हुई है। वह बिहार के भागलपुर जिले के रंगरा थाना क्षेत्र के कुमदपुर गांव का निवासी बताया गया है। पुलिस के मुताबिक राहुल रेलवे में कोच अटेंडेंट के तौर पर काम करता है और ट्रेन नंबर 15716 गरीब नवाज एक्सप्रेस में उसकी ड्यूटी थी।
संदिग्ध हालत में चेकिंग के दौरान पकड़ा गया
मंगलवार को बलिया रेलवे स्टेशन पर जीआरपी की टीम यात्रियों और संदिग्ध सामान की जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को राहुल की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। टीम ने उसे रोककर उसके सामान की तलाशी ली। जांच के दौरान उसके पिट्ठू बैग से शराब की दो दर्जन से अधिक बोतलें बरामद हुईं। शराब मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
पूछताछ में सामने आई शराब तस्करी की योजना
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर शराब को बिहार ले जाने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार राहुल ने बताया कि बिहार में शराबबंदी लागू होने के कारण वहां शराब की मांग बनी रहती है। इसी वजह से शराब को ऊंची कीमत पर बेचने का मौका मिलता है। आरोप है कि वह उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से अपेक्षाकृत कम कीमत पर शराब खरीदता और उसे बिहार पहुंचाकर महंगे दामों में बेचने की कोशिश करता था।
ट्रेन में नौकरी का फायदा उठाने का आरोप
जीआरपी के मुताबिक, आरोपी अपनी रेलवे की नौकरी का कथित तौर पर इस्तेमाल शराब को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने के लिए करता था। पुलिस को आशंका है कि कोच अटेंडेंट होने के कारण उसे ट्रेन में सामान ले जाने और आवाजाही में कुछ सुविधा मिलती थी। हालांकि, इस मामले में आरोपी ने इससे पहले कितनी बार शराब की खेप बिहार पहुंचाई, इसकी पुष्टि के लिए पुलिस जांच कर रही है।
बलिया से खरीदी गई थी शराब
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि बरामद शराब की खेप आरोपी ने बलिया से ही खरीदी थी। उसका कथित प्लान इसे ट्रेन के जरिए बिहार ले जाने का था। वह ट्रेन पकड़ने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही जीआरपी टीम ने उसे पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब शराब की खरीद और संभावित आपूर्ति नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज
थाना प्रभारी राज कपूर सिंह के मुताबिक, राहुल कुमार राम के खिलाफ आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बरामद शराब को कब्जे में लेकर मामले की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
अन्य रेलवे कर्मचारियों की भूमिका भी जांचेगी पुलिस
जीआरपी अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की कथित तस्करी केवल आरोपी तक सीमित थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। जांच एजेंसी यह भी पता करेगी कि क्या ट्रेन के किसी अन्य कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति ने आरोपी की मदद की थी। साथ ही पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि राहुल पहले भी इस तरह शराब बिहार ले जा चुका है या नहीं।
बिहार शराबबंदी के बीच तस्करी पर नजर
बिहार में शराबबंदी के बावजूद दूसरे राज्यों से शराब पहुंचाने की कोशिशें सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में तस्कर पड़ोसी राज्यों से शराब खरीदकर बिहार में ऊंची कीमत पर बेचने की कोशिश करते हैं। बलिया रेलवे स्टेशन पर हुई यह कार्रवाई भी इसी तरह की कथित तस्करी के खिलाफ जीआरपी की कार्रवाई के रूप में सामने आई है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ शराब की सप्लाई से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका भी स्पष्ट होगी।
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