Nepal Flood : भारत के पड़ोसी देश नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के अचानक उफान पर आने से कई इलाकों में पानी भर गया। इस हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद या वहां से गुजर रहे 384 यात्रियों के लापता होने की सूचना मिली है। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं।
105 भारतीय पर्यटकों के लापता होने की सूचना
नेपाल टूरिज्म बोर्ड की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, लापता 291 विदेशी नागरिकों में कम से कम 105 भारतीय पर्यटक शामिल हैं। अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों की ओर से लापता यात्रियों का पता लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, लापता लोगों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर अभी जानकारी जुटाई जा रही है। ट्रैवल एजेंसियों, स्थानीय प्रशासन, टूरिस्ट गाइड और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर आंकड़ों की पुष्टि की जा रही है।
सुबह 8:30 बजे भोटेकोशी नदी में आया उफान
नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे रसुवा की भोटेकोशी नदी में अचानक तेज बाढ़ आ गई। बताया जा रहा है कि यह फ्लैश फ्लड तिब्बत की ओर से अचानक आई। तेज बहाव ने नदी के आसपास स्थित कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। पानी का बहाव इतना तेज था कि कई वाहन और अन्य सामान बह गए। अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों में भी अफरा-तफरी मच गई।
टिमुरे और स्याब्रुबेसी में भारी नुकसान
फ्लैश फ्लड से रसुवा जिले के टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। यहां कई घरों और बाजारों को नुकसान पहुंचा है। तीन पुलिस चौकियां भी पूरी तरह तबाह होने की जानकारी सामने आई है। बाढ़ के तेज बहाव में एक पुल बह गया, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। इसके अलावा रसुवा में स्थित एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
8 लोगों की मौत, कई पुलिसकर्मी भी लापता
रसुवा जिले में अब तक आठ लोगों की मौत की खबर सामने आई है। वहीं, 32 पुलिसकर्मियों समेत 25 से अधिक श्रद्धालुओं के लापता होने की जानकारी है। कस्टम ऑफिस के 14 कर्मचारी भी अभी संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं। रसुवा के नजदीक नुवाकोट जिले में त्रिशूली नदी के किनारे से तीन शव बरामद किए गए हैं। राहत और बचाव अभियान के आगे बढ़ने के साथ मृतकों और लापता लोगों की संख्या में बदलाव हो सकता है।
पर्यटकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
नेपाल में फंसे या प्रभावित पर्यटकों की सहायता के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। टोल-फ्री इमरजेंसी नंबर 1234 और हॉटलाइन नंबर 1144 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा टूरिस्ट पुलिस के लिए 9851289445 नंबर जारी किया गया है। अधिकारियों ने प्रभावित लोगों और उनके परिजनों से आधिकारिक माध्यमों से जानकारी लेने की अपील की है।
भारतीय दूतावास ने भी जारी किए नंबर
नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए भारतीय दूतावास ने भी आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिक या उनके परिजन मदद और जानकारी के लिए +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं। दूतावास की ओर से प्रभावित भारतीय नागरिकों की स्थिति का पता लगाने में सहायता की जा रही है।
नेपाल सेना ने संभाला रेस्क्यू अभियान
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने इमरजेंसी बैठक बुलाई है। नेपाल आर्मी ने राहत और बचाव अभियान के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। त्रिशूली नदी के आसपास खोज एवं बचाव कार्य के लिए MI-17 हेलीकॉप्टर को इमरजेंसी मेडिकल रेस्क्यू टीम के साथ भेजा गया है। रसुवा और आसपास के क्षेत्रों में नेपाल सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स और नेपाल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है।
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और हाईवे भी प्रभावित
नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के मुताबिक, बाढ़ से छह बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और ट्रांसमिशन लाइनों को नुकसान पहुंचा है। कई हाईवे भी बंद कर दिए गए हैं, जिससे राहत और बचाव टीमों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित इलाकों में जरूरी राहत पहुंचाना है। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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