Mohsen Rezaei Iran Threat Netanyahu : ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव और मेजर जनरल मोहसेन रेजाई ने इजरायल और अमेरिका को लेकर बेहद आक्रामक बयान दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इजरायल के साथ एक बार फिर सैन्य संघर्ष शुरू होता है, तो यह पहले के मुकाबले पूरी तरह अलग चरण होगा। रेजाई ने यह भी कहा कि अमेरिका की ओर से समुद्री या आर्थिक नाकेबंदी जारी रखने की स्थिति में ईरान अमेरिकी आर्थिक हितों को निशाना बनाकर जवाब दे सकता है।
‘नेतनयाहू को जहन्नुम भेजेंगे’, रेजाई की तीखी टिप्पणी
ईरानी समाचार एजेंसी IRIB के मुताबिक, अल-मनार को दिए एक इंटरव्यू में रेजाई ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर बेहद कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान नेतन्याहू को खत्म करने के लिए तैयार है। रेजाई ने यह भी दावा किया कि नेतन्याहू की नीतियों और फैसलों ने इजरायल के अस्तित्व को लेकर संकट को और बढ़ा दिया है।
ट्रंप को कथित साजिश की खबरों से प्रभावित करने का आरोप
रेजाई ने नेतन्याहू पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्रभावित करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि नेतन्याहू ने ट्रंप के बेटे की हत्या की कथित ईरानी साजिश से जुड़ी झूठी खबरें फैलाकर अमेरिकी राष्ट्रपति को डराने की कोशिश की। रेजाई के मुताबिक, इस तरह की सूचनाओं का असर ट्रंप के फैसले लेने की प्रक्रिया पर पड़ा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बेरूत और दाहिये को ईरान ने बताया ‘रेड लाइन’
लेबनान में इजरायली सैन्य अभियानों पर प्रतिक्रिया देते हुए रेजाई ने बेरूत और दाहिये को ईरान की स्पष्ट ‘रेड लाइन’ बताया। उन्होंने कहा कि तेहरान लेबनान में चल रहे घटनाक्रम पर गंभीरता से नजर रख रहा है। रेजाई के मुताबिक, इजरायल को लेबनान के कब्जे वाले क्षेत्रों से पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
दोबारा युद्ध हुआ तो पहले से अलग होगी रणनीति
रेजाई ने कहा कि अगर इजरायल और ईरान के बीच फिर से युद्ध शुरू होता है, तो तेहरान इसके लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने दावा किया कि अगला संघर्ष पहले हुए किसी भी युद्ध से अलग होगा। उनके बयान से संकेत मिलता है कि ईरान संभावित नए टकराव की स्थिति में अपनी सैन्य और रणनीतिक तैयारियों को और मजबूत करने का दावा कर रहा है।
अमेरिका की आर्थिक नाकेबंदी पर भी रेजाई का हमला
अमेरिकी प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव की नीति को लेकर भी रेजाई ने वॉशिंगटन पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि सैन्य विकल्पों में सफलता नहीं मिलने के बाद अमेरिका अब आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति अपना रहा है। रेजाई के मुताबिक, ईरान इस तरह की कार्रवाई को स्वीकार नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर इसका जवाब देने के लिए तैयार है।
सीजफायर के दौरान तेल निर्यात का दावा
रेजाई ने दावा किया कि संघर्षविराम की अवधि के दौरान ईरान ने समुद्री नाकेबंदी को पार करते हुए करीब 70 से 80 मिलियन बैरल तेल का निर्यात किया। उनके मुताबिक, इस दौरान ईरान ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति और निर्यात गतिविधियों को बनाए रखने की कोशिश की। हालांकि, तेल निर्यात से जुड़े इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
अमेरिकी आर्थिक हितों को निशाना बनाने की चेतावनी
रेजाई ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समुद्री नाकेबंदी जारी रहती है, तो ईरान क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी आर्थिक हितों के खिलाफ पूरी ताकत से जवाबी कार्रवाई कर सकता है। उनका कहना था कि तेहरान आर्थिक दबाव को एकतरफा कार्रवाई नहीं मानता और ऐसी स्थिति में अमेरिका को भी इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
नेतन्याहू ने अमेरिकी प्रतिबंधों की तारीफ की
दूसरी ओर, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की नई प्रतिबंध नीति का समर्थन किया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट की प्रशंसा करते हुए कहा कि नए कड़े प्रतिबंध ईरान और उसके सहयोगियों पर दबाव बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ा तनाव
रेजाई के ताजा बयान और नेतन्याहू की अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर प्रतिक्रिया से संकेत मिलता है कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव अभी भी गंभीर बना हुआ है। एक तरफ ईरान संभावित सैन्य और आर्थिक जवाब की चेतावनी दे रहा है, वहीं अमेरिका और इजरायल आर्थिक प्रतिबंधों और दबाव को अपनी रणनीति का अहम हिस्सा बनाए हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
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