Trump On Nepal Flash Flood : नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण फ्लैश फ्लड और मलबे के सैलाब से हुई तबाही पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने नेपाल के नेतृत्व से संपर्क किया है और आपदा के बाद देश को जिस भी तरह की सहायता की जरूरत होगी, वाशिंगटन उसे उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। ट्रंप ने नेपाल में हुई घटना को बेहद गंभीर और असाधारण आपदा बताया।
ट्रंप बोले- ऐसा मंजर पहले कभी देखने को नहीं मिला
वाशिंगटन में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने नेपाल की स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने नेपाल सरकार से बात की है और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की पेशकश की है। ट्रंप ने दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सामान्य आपदा नहीं थी, बल्कि पानी और मलबे का ऐसा भयावह सैलाब था, जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा।
मजबूत इमारतें भी पानी के तेज बहाव में बह गईं
नेपाल में बाढ़ की भयावहता बताते हुए ट्रंप ने कहा कि पानी और कीचड़ के तेज बहाव ने बड़ी-बड़ी मजबूत इमारतों को भी अपनी चपेट में ले लिया। उनके मुताबिक, इमारतें इतनी आसानी से बहती नजर आईं जैसे वे बेहद हल्की वस्तुएं हों। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस घटना को बेहद भयानक बताते हुए कहा कि अमेरिका नेपाल को आवश्यक राहत और सहायता मुहैया कराने की दिशा में काम कर रहा है।
नेपाल को जरूरत के मुताबिक हरसंभव मदद देगा अमेरिका
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका नेपाल के नेतृत्व के लगातार संपर्क में है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नेपाल को राहत और बचाव अभियान के लिए जिस भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होगी, अमेरिका उसे उपलब्ध कराने की कोशिश करेगा। अमेरिका की ओर से राहत सामग्री भेजने की भी जानकारी दी गई है। इससे संकेत मिलता है कि वाशिंगटन नेपाल के आपदा राहत प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी में है।
नेपाल में अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा बनी बड़ी प्राथमिकता
राष्ट्रपति ट्रंप ने नेपाल में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में करीब 50 से 60 अमेरिकी नागरिकों के मौजूद होने की जानकारी है और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में इससे अधिक संख्या सामने आई है। अमेरिकी प्रशासन फिलहाल लापता नागरिकों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित निकालने को प्राथमिकता दे रहा है।
90 अमेरिकी नागरिकों के लापता होने की आशंका
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग ने नेपाल में करीब 90 अमेरिकी नागरिकों के लापता होने की आशंका जताई है। हालांकि, यह संख्या अंतिम पुष्टि नहीं मानी जा रही है और अधिकारियों की ओर से जानकारी जुटाने का काम जारी है। प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण नागरिकों से संपर्क स्थापित करने में मुश्किलें आ रही हैं।
ट्रंप और रुबियो की प्राथमिकता अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा
व्हाइट हाउस की पूर्व प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने फॉक्स न्यूज को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता नेपाल में मौजूद प्रत्येक अमेरिकी नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रशासन लापता लोगों की जानकारी जुटाने और संभावित रूप से प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ काम कर रहा है।
अमेरिका ने नेपाल के लिए 5 लाख डॉलर की सहायता घोषित की
नेपाल में मानवीय संकट को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने 5 लाख अमेरिकी डॉलर की शुरुआती आपातकालीन सहायता की घोषणा की है। यह सहायता प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और बाढ़ से प्रभावित समुदायों की तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। अमेरिका ने आपदा से प्रभावित नेपाल के लोगों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की है।
CRS के जरिए मिलेगा आश्रय और जरूरी राहत सामान
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार यह आर्थिक सहायता कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज (CRS) के माध्यम से प्रभावित समुदायों तक पहुंचाई जाएगी। सहायता के तहत लोगों को अस्थायी आश्रय, राहत सामग्री, स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में इन बुनियादी जरूरतों की तत्काल आवश्यकता है।
आपदा प्रतिक्रिया सलाहकार को क्षेत्र में भेजा गया
अमेरिका ने राहत और बचाव अभियान में सहयोग के लिए अपना एक डिजास्टर रिस्पॉन्स एडवाइजर भी क्षेत्र में तैनात किया है। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर राहत प्रयासों के समन्वय और जरूरतों का आकलन करने में सहायता करना है। वहीं, काठमांडू स्थित अमेरिकी दूतावास नेपाली अधिकारियों के संपर्क में है और लापता अमेरिकी नागरिकों की तलाश में सहयोग कर रहा है।
नेपाल में राहत अभियान के बीच अमेरिकी दूतावास का अलर्ट
अमेरिकी दूतावास ने नेपाल में मौजूद अपने नागरिकों के लिए भी अलर्ट जारी किया है। प्रशासन लगातार स्थानीय अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर रहा है और प्रभावित क्षेत्रों में फंसे अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। भीषण बाढ़ के कारण कई इलाकों में सड़क और संचार व्यवस्था प्रभावित होने से बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
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