West Bengal News : कोलकाता के पार्क स्ट्रीट इलाके में फुटपाथ पर रहने वाली सीता देवी और उनके परिवार के जीवन में अब बड़ा बदलाव आया है। परिवार को उनकी पसंद के इलाके में रहने के लिए नया घर उपलब्ध कराया गया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी की पहल और उनकी टीम की निगरानी में यह व्यवस्था की गई। नए घर में पहुंचने के बाद परिवार को अब सड़क किनारे खुले में रहने की मजबूरी से राहत मिल गई है।
पार्क स्ट्रीट में सामने आई थी परिवार की स्थिति
कुछ दिन पहले पार्क स्ट्रीट इलाके में निरीक्षण के दौरान बीजेपी नेता और मंत्री अग्निमित्रा पॉल की नजर सीता देवी पर पड़ी थी। उस समय सीता देवी अपने छह महीने के पोते के साथ फुटपाथ पर मौजूद थीं। वह खुले में चूल्हा जलाकर बच्चे के लिए दूध गर्म कर रही थीं। व्यस्त सड़क के किनारे आग जलाने और छोटे बच्चे की सुरक्षा को लेकर अग्निमित्रा पॉल ने चिंता जताई थी। इसके बाद यह मामला चर्चा में आया और राजनीतिक बयानबाजी भी हुई।
विवाद के बाद परिवार की मदद के लिए बढ़े हाथ
घटना सामने आने के बाद बीजेपी नेतृत्व की ओर से परिवार की तत्काल सहायता के लिए कदम उठाए गए। परिवार को कुछ समय के लिए होटल में ठहराने की व्यवस्था की गई। उनके भोजन और अन्य आवश्यक जरूरतों का भी ध्यान रखा गया। साथ ही, परिवार की स्थिति को देखते हुए केवल तत्काल राहत देने के बजाय उन्हें स्थायी आवास और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास शुरू किए गए, ताकि वे आगे अपने पैरों पर खड़े हो सकें।
दो-तीन दिन में तलाशा गया परिवार के लिए घर
सीता देवी और उनके परिवार के लिए उपयुक्त आवास तलाशने में लगभग दो से तीन दिन का समय लगा। इस अवधि में परिवार होटल में रहा, जहां उनके रहने और खाने की व्यवस्था की गई थी। बच्चों के लिए दूध और दूसरी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। सुवेंदु अधिकारी के निर्देश पर उनकी टीम लगातार परिवार के संपर्क में रही और आवास की तलाश की प्रक्रिया पर नजर रखी।
पसंद के इलाके में मिली रहने की जगह
परिवार के लिए घर तलाशते समय उनकी पसंद और सुविधा को प्राथमिकता दी गई। टीम ने उनकी जरूरतों के अनुरूप अलग-अलग विकल्पों पर विचार किया और आखिरकार उनकी पसंद के इलाके में रहने की व्यवस्था कर दी। इसके बाद परिवार को नए घर में शिफ्ट कराया गया। इस कदम से परिवार को फुटपाथ पर गुजर-बसर करने की परेशानी से राहत मिली है और अब वे अपेक्षाकृत सुरक्षित माहौल में रह सकेंगे।
सीता देवी के लिए रोजगार की भी व्यवस्था
परिवार को केवल घर उपलब्ध कराने तक मदद सीमित नहीं रखी गई। सीता देवी को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार की व्यवस्था भी की गई है। उनकी इच्छा के अनुसार उन्हें एक होटल में हाउसकीपिंग और साफ-सफाई से जुड़ा काम दिलाया गया है। बताया गया है कि वह जल्द ही अपनी नौकरी शुरू कर सकती हैं। इससे परिवार को नियमित आय का जरिया मिलने की उम्मीद है।
बीजेपी टीम ने आगे भी मदद का भरोसा दिया
परिवार की मदद करने वाली टीम ने यह भी भरोसा दिलाया है कि भविष्य में यदि उन्हें किसी जरूरी सहायता की आवश्यकता होती है तो उनकी मदद करने का प्रयास किया जाएगा। अग्निमित्रा पॉल और टीम के अन्य सदस्यों ने फोन के माध्यम से भी परिवार का हालचाल लिया। आवास और रोजगार से जुड़ी व्यवस्था के दौरान परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखने की बात कही गई।
नए घर से खुश हुईं सीता देवी
नया घर मिलने के बाद सीता देवी ने खुशी जाहिर की और सुवेंदु अधिकारी सहित उनकी टीम के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिस उम्मीद के साथ उन्होंने मदद की अपेक्षा की थी, वह पूरी हुई है। उनके मुताबिक, होटल में तीन दिन रहने के दौरान परिवार को जरूरी सुविधाएं मिलीं और अब पसंद के इलाके में घर मिलने से उन्हें बच्चों के साथ सुरक्षित जगह पर रहने का अवसर मिला है।
आवास के साथ आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा परिवार
सीता देवी के परिवार के लिए यह बदलाव सिर्फ फुटपाथ छोड़कर घर पहुंचने तक सीमित नहीं है। नए आवास के साथ रोजगार की व्यवस्था होने से परिवार के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी कदम बढ़ा है। पार्क स्ट्रीट की घटना के बाद शुरू हुई मदद अब स्थायी ठिकाने और आजीविका के साधन तक पहुंची है। इससे परिवार को आने वाले समय में अपने जीवन को नए सिरे से व्यवस्थित करने का अवसर मिल सकता है।
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