JSSC CGL-2023 Scam : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से आयोजित झारखंड स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CGL)-2023 में कथित अनियमितताओं की जांच अब तेज हो गई है। मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए परीक्षा में सफल चार अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी इस मामले में परीक्षा के दौरान हुई गड़बड़ियों, अभ्यर्थियों की भूमिका और इससे जुड़े संभावित नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
CID थाना कांड संख्या 01/25 के तहत जांच जारी
इस पूरे मामले में CID थाना कांड संख्या 01/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच एजेंसी ने परीक्षा से जुड़े उपलब्ध तथ्यों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाने के बाद चार सफल अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया। अधिकारियों के मुताबिक, जांच का दायरा केवल गिरफ्तार अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा में कथित अनियमितता किस स्तर पर हुई और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे।
धनबाद के दीपक कुमार को भी किया गिरफ्तार
CID की कार्रवाई में धनबाद के नावाडीह थाना क्षेत्र स्थित सनशाइन अपार्टमेंट निवासी दीपक कुमार को गिरफ्तार किया गया है। वह JSSC CGL-2023 परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों में शामिल बताया जा रहा है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में उसकी भूमिका क्या थी और कथित अनियमितताओं से उसका किसी नेटवर्क के साथ संबंध था या नहीं।
बिहार के उमेश कुमार की भी गिरफ्तारी
गिरफ्तार किए गए अभ्यर्थियों में बिहार के भोजपुर जिले के निवासी उमेश कुमार भी शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, वह वर्तमान में बोकारो जिले के दुग्दा थाना क्षेत्र में रह रहे थे। CID ने परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामले की जांच के दौरान उन्हें भी गिरफ्तार किया है। एजेंसी उनके संपर्कों और परीक्षा से संबंधित गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।
विजय कुमार तिवारी और आनंद कुमार सिंह गिरफ्तार
CID ने धनबाद के राजगंज थाना क्षेत्र निवासी विजय कुमार तिवारी को भी अपनी कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किया है। इसके अलावा बिहार के सारण जिले के कोपा थाना क्षेत्र निवासी आनंद कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया गया। आनंद कुमार सिंह की गिरफ्तारी धनबाद से हुई। जांच एजेंसी इन सभी अभ्यर्थियों से पूछताछ कर कथित परीक्षा अनियमितता से जुड़े संभावित संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
पूरे नेटवर्क और अन्य संदिग्धों की तलाश
CID की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, चारों गिरफ्तारियों का सीधा संबंध JSSC CGL-2023 परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की जांच से है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में गड़बड़ी की योजना कैसे बनाई गई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। साथ ही अभ्यर्थियों के बीच संपर्क, परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों और संभावित बिचौलियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों पर भी कार्रवाई
चार सफल अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी से एक दिन पहले CID ने परीक्षा के संचालन से जुड़े लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की थी। एजेंसी ने सोमांश प्रकाश और संजय कुमार मिश्रा को गिरफ्तार किया था। इससे संकेत मिलता है कि जांच अब परीक्षा में शामिल विभिन्न स्तरों के लोगों तक पहुंच रही है। CID यह जानने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा संचालन के दौरान कथित अनियमितताएं किस तरह संभव हुईं।
सोमांश प्रकाश की गिरफ्तारी से जुड़े तथ्य
जांच के मुताबिक, सोमांश प्रकाश, भरत तिवारी के पुत्र हैं और मूल रूप से बिहार के रोहतास जिले के विक्रमगंज थाना क्षेत्र स्थित असकामिनी नगर के निवासी बताए गए हैं। वर्तमान में वह दिल्ली के बुराड़ी थाना क्षेत्र के संत नगर, बरारी इलाके में रह रहे थे। CID ने उन्हें परीक्षा संचालन से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है और अब उनकी भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है।
संजय कुमार मिश्रा के बेटे राहुल कुमार भी गिरफ्तार
इस मामले में राहुल कुमार की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है। वह संजय कुमार मिश्रा के पुत्र बताए गए हैं और बिहार के वैशाली जिले के महुआ थाना क्षेत्र स्थित चांदसराय गांव के निवासी हैं। जानकारी के अनुसार राहुल कुमार भी दिल्ली के बुराड़ी थाना क्षेत्र के संत नगर, बरारी स्थित उसी पते पर रह रहे थे। CID अब सभी आरोपियों और गिरफ्तार अभ्यर्थियों के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है।
जांच के बाद सामने आएगा पूरा सच
JSSC CGL-2023 परीक्षा में कथित अनियमितता का मामला अब कई स्तरों तक पहुंच चुका है। CID की लगातार कार्रवाई से संकेत मिल रहा है कि जांच एजेंसी किसी संभावित संगठित नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। हालांकि मामले की पूरी तस्वीर विस्तृत जांच और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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